ओडिशा के औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को राज्य के 12 जिलों में 27 नई औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं में कुल 25,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिससे राज्य के युवाओं के लिए 52,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह कार्यक्रम ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (ओयूएटी) के कन्वेंशन सेंटर में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित किया गया था।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि प्रत्येक नया निवेश ओडिशा की नीतियों और सुशासन में घरेलू और विदेशी निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “ओडिशा विनिर्माण मूल्य श्रृंखला में लगातार आगे बढ़ रहा है और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का उत्पादन कर रहा है जो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।” सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने मात्र 15 महीनों में 260 औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे 5.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है और लगभग 3.6 लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। इनमें से 84 परियोजनाओं की आधारशिला पहले ही रखी जा चुकी है, जिनमें 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा और अनुमान है कि इनसे लगभग 1.64 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
निवेशकों को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा में उद्योग अनुकूल नीतियां, क्षेत्र विशेष प्रोत्साहन और प्रशासनिक पारदर्शिता के साथ लालफीताशाही मुक्त वातावरण उपलब्ध है। उन्होंने कहा, “सरकार प्रत्येक उद्यमी के साथ खड़ी है और उनकी चुनौतियों से निपटने तथा पूर्ण समर्थन देने के लिए तैयार है।”मुख्यमंत्री माझी ने उद्योगपतियों से राज्य के महत्वाकांक्षी अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम 2.0’ में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरणीय संतुलन साथ-साथ चलना चाहिए। ओडिशा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन (17 सितंबर) के अवसर पर 75 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गंजाम , खोरधा, झारसुगुड़ा, कोरापुट और अनुगुल ज़िलों में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं की आधारशिला वर्चुअल माध्यम से भी रखी। इस दौरान राज्य में निवेश करने वाले कई उद्योगपतियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वाईं ने कहा कि ओडिशा का सुदृढ़ प्रशासनिक ढाँचा और निवेश-अनुकूल वातावरण राज्य को तीव्र औद्योगिक विकास की दिशा में अग्रणी बना रहा है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि और विश्वास के चलते ओडिशा आज औद्योगिक और आर्थिक प्रगति का केंद्र बन गया है।” मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने भी इसी भावना को दोहराया और कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ निश्चय और मजबूत इच्छाशक्ति अनिवार्य है। विकास आयुक्त अनु गर्ग सहित कई प्रमुख उद्योगपति मंच पर उपस्थित थे। सत्र की शुरुआत अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा के स्वागत भाषण से हुई और समापन कौशल विकास विभाग के आयुक्त-सह-सचिव भूपेंद्र सिंह पूनिया के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इन नयी परियोजनाओं के साथ, ओडिशा ने भारत के औद्योगिक नक्शे पर अपनी स्थिति और भी मज़बूत की है। यह राज्य के लिए तीव्र आर्थिक विकास और बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।

















