हिमाचल प्रदेश में मॉनसून अपने अंतिम चरण में है, लेकिन अभी भी भारी तबाही मचा रहा है। बीती रात मंडी जिले में भारी वर्षा और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए ओरेंज अलर्ट जारी किया था, जिसके बीच निहरी और धर्मपुर में भारी नुकसान हुआ।
मंडी के धर्मपुर में रात को हुई मूसलाधार बारिश से सोन खड्ड और आसपास के नाले उफान पर आ गए। अचानक जलस्तर बढ़ने से धर्मपुर बस अड्डा पूरी तरह जलमग्न हो गया। पानी के तेज बहाव में कई बसें और वाहन बह गए। इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए घरों की छतों पर चढ़ गए। दो लोग अब भी लापता हैं। पुलिस और राहत दल लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। वहीं, मंडी की निहरी तहसील के ब्रगटा गांव में भूस्खलन से एक घर मलबे में दब गया। इस हादसे में दो महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई। घटना के समय मकान में पांच लोग थे, जिनमें से दो को ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाल लिया। सड़क बंद होने के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतें आईं, लेकिन प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू पूरा किया गया।
राजधानी शिमला में भी भारी बारिश से नुकसान हुआ। बीसीएस और हिमलैंड इलाकों में भूस्खलन और पेड़ों के गिरने से कई गाड़ियां मलबे में दब गईं और सड़कों का आवागमन बाधित हुआ। गनीमत रही कि इन घटनाओं में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। मौसम विभाग ने आज मंगलवार को छह जिलों- बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट जारी किया है। 17 से 20 सितंबर तक प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। 21 सितंबर के बाद अधिकतर इलाकों में मौसम साफ हो जाएगा। हालांकि सितंबर के अंत तक मॉनसून के जाने की उम्मीद है लेकिन तब तक लोगों को सतर्क और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने नदियों, खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

















