अमेरिका में टेक्सास में गवर्नर ग्रेग एबॉट ने अपने प्रांत में शरिया कानून पर प्रतिबंध लगा दिया है। उन्होंने यह कदम उस वीडियो के वायरल होने के बाद उठाया है, जिसमें एक इमाम लोगों को भड़काते हुए दिख रहा था। इमाम मुस्लिमों से यह कह रहा था कि वे अपनी दुकानों पर पोर्क, अर्थात सूअर का मांस, शराब और लॉटरी के टिकट न बेचें।
अत-तवहीद मस्जिद के इमाम एफ कासिम इब्न अली खान का एक वीडियो वायरल था, जिसमें वह एक स्टोर के कर्मचारी का वह विरोध कर रहा था और वह उस पर आरोप लगा रहा था कि वह हराम उत्पाद बेच रहा था। इस वीडियो में दिख रहा है कि उसके आसपास कुछ लोग हैं और उनके हाथों में बैनर्स हैं। इन बैनर्स पर लिखा है कि शराब, लॉटरी और पोर्क को वे लोग न बेचें, क्योंकि यह इस्लाम के लिए हराम है।
हालांकि यह पहला मामला नहीं है, जब इस प्रकार की कट्टरता का मामला सामने आया हो। हाल ही में कुछ दिन पहले भी टेक्सास में हंगामा हुआ था और उस समय भी गवर्नर ने हस्तक्षेप किया था। टेक्सास में केवल मुस्लिमों के लिए एक Epic City बन रही थी, और इस पर काफी हंगामा हुआ था। लोगों ने कहा था कि यह कानून के खिलाफ है। और फिर अंतत: अप्रैल में गवर्नर ग्रेग एबॉट ने घोषणा की थी कि टेक्सास कमिशन ऑन एनवायरमेंटल क्वालिटी ने यह पाया है कि ईस्ट प्लैनो इस्लामिक सेंटर और अन्य सहभागी संस्थानों ने प्रस्तावित परियोजना के निर्माण और विकास के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं किये हैं और न ही आवश्यक परमिट लिए हैं, इसलिए इस पर कोई भी निर्माण कानून का उल्लंघन होगा और उन्हें यह आदेश दिया जाता है कि वे किसी भी प्रकार की निर्माण गतिविधियों में शामिल न हों।
अब इस मामले को लेकर भी गवर्नर ग्रेग ने कदम उठाया है। और एक वक्तव्य में एबॉट के कार्यालय ने कहा कि टेक्सास में हम कानून में सभी महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को समान मानते हैं और किसी भी प्रकार का अन्य कानून देश में मान्य नहीं होगा।
टेक्सास में शरिया कानून और शरिया कम्पाउन्ड्स पर प्रतिबंध
हालांकि, उन्होनें उस इमाम के वीडियो को भी रीपोस्ट करते हुए लिखा था कि उन्होंने टेक्सास में शरिया कानून और शरिया कम्पाउन्ड्स पर प्रतिबंध लगाने वाले कानूनों पर हस्ताक्षर किए हैं। और उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी व्यवसाय और किसी भी व्यक्ति को ऐसे मूर्खों से डरना नहीं चाहिए। फिर उन्होंने लिखा कि यदि यह व्यक्ति, या कोई भी, शरिया अनुपालन थोपने का प्रयास करता है, तो इसकी सूचना स्थानीय कानून प्रवर्तन या टेक्सास लोक सुरक्षा विभाग को दें।
I signed laws that BAN Sharia Law and Sharia Compounds in Texas.
No business & no individual should fear fools like this.
If this person, or ANYONE, attempts to impose Sharia compliance, report it to local law enforcement or the Texas Dept. of Public Safety. https://t.co/cVV2MJItLH
— Greg Abbott (@GregAbbott_TX) September 8, 2025
एमी मेक ने कट्टरपंथियों के खिलाफ उठाई थी आवाज
मजहबी कट्टरपंथियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने वाली एमी मेक ने लिखा कि उन्होंने अगस्त में ही इस स्टोरी को बताया था और वे लोग शांत रहे थे। एमी ने लिखा कि चूंकि अब गवर्नर के पास बचने का कोई मौका नहीं है इसलिए वे यह बोल रहे हैं।
एमी की वाल से यह पता चलता है कि यह वीडियो अगस्त का है और 23 अगस्त को उन्होंने इस वीडियो को पोस्ट किया था। उन्होनें पोस्ट में वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा था कि उन्होनें ह्यूस्टन में मस्जिद अत तवहीद, जो कि एक कर मुक्त मस्जिद है, उस पर फिलिस्तीन का झण्डा लहरा रहा था और उसका इमाम उसे गर्व से बताया भी रहा था। उन्होंने लिखा था कि खान अब ह्यूस्टन के पड़ोस में जा रहा है और वह मुस्लिमों के स्वामित्व की दुकानों पर यह दबाव डाल रहा है कि शरिया के कानूनों का पालन करें।
इमाम का बयान
उन्होनें पोस्ट में लिखा था कि इमाम खुलकर कह रहा है कि “हमें उससे प्यार करना चाहिए, जिससे अल्लाह प्यार करते हैं और जिससे अल्लाह नफरत करते हैं, हमें उससे नफरत करना चाहिए।” एमी ने इस पोस्ट में लिखा था कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है, यह पूरे टेक्सास को शरिया का अनुपालन करने की योजना है!”
घर-घर जाकर शरिया पालन करने के लिए कह रहे कट्टरपंथी
पत्रकार लौरा मूमर ने भी लिखा कि जिहादी टेक्सास में जिस प्रकार घर-घर जाकर शरिया का पालन करने के लिए जा रहे हैं, वह शासन के लिए एक चुनौती है। लौरा ने लिखा कि सबसे बड़ी गलती सरकार की यही रही थी कि जब जॉर्ज डब्ल्यू बुश के उस बयान का विरोध नहीं किया गया था, जो उन्होंने 9 सितंबर को हुए हमले के बाद दिया था कि “हम इस्लाम के साथ युद्ध में नहीं है!” लौरा ने लिखा कि “हम इस्लाम के साथ युद्ध में है!”
इमाम वाले वीडियो पर लोगों ने कहा कि यह समझ नहीं आता कि ये लोग अपना देश छोड़कर दूसरे लोगों के देश में आते हैं और फिर अपने ही मजहब के नियम उन लोगों को मानने के लिए मजबूर करने लगते हैं, जहां पर वे आते हैं। तो फिर वे लोग आते ही क्यों है? ह्यूस्टन की इस मस्जिद के इमाम को वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “यह अभियान का आरंभ है। हम अमेरिका और दुनिया को संदेश देना चाहते हैं कि बहुत हुआ!”
हालांकि शरिया पर प्रतिबंध को लेकर काउंसिल ऑन अमेरिकन इस्लामिक रिलेशन्स ने गवर्नर की आलोचना की है और डेली मेल के अनुसार यह कहा है कि यह लोगों को डराने वाला कदम है और जब मुस्लिम पाँच बार नमाज पढ़ रहे हैं, रमजान में रोजा रख रहे हैं, और ज़ुल्म के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, तो वे शरिया का पालन कर रहे हैं!”
जिस मस्जिद के इमाम का वीडियो वायरल हुआ है, वह मस्जिद नेशन ऑफ इस्लाम से संबद्ध है – जो कि एक विवादास्पद समूह है, जिसे अमेरिकी मुस्लिम समुदाय में कई लोग अतिवादी मानते हैं।

















