काठमांडू । नेपाल इन दिनों भीषण राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा से जूझ रहा है। सोशल मीडिया प्रतिबंध के विरोध में भड़का ‘Gen-Z आंदोलन’ लगातार उग्र होता गया और राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में तबाही मचा दी। हालात बेकाबू होते देख प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया है। वहीं अब नेपाली सेना ने स्थिति को संभालने के लिए अपने हाथ में व्यवस्था लेकर देशवासियों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
नेपाली सेना ने पत्र जारी कर की अपील
नेपाली सेना के जनसंपर्क तथा सूचना निदेशालय जंगी अड्डा, काठमांडू ने जारी कर कहा- “वर्तमान विषम परिस्थिति का अनुचित लाभ उठाते हुए कुछ समूहों द्वारा आम नागरिकों तथा सार्वजनिक संपत्ति को अत्यधिक क्षति पहुँचाने, लूटपाट एवं आगजनी करने जैसी गतिविधियाँ हो रही हैं। इस प्रकार की गतिविधियाँ न करने/रोकने हेतु नेपाली सेना पुनः आग्रह करती है।
इस प्रकार की गतिविधियों को रोकने के उद्देश्य से नेपाली सेना सहित सभी सुरक्षा निकाय अपनी प्रमुख जिम्मेदारी, नेपाल और नेपाली नागरिकों की सुरक्षा एवं स्थिति नियंत्रण हेतु, तिथि 2082 भाद्र 24 गते रात 10 बजे से लागू रहने प्रतिवद्धता की जानकारी प्रदान करती है। सभी नागरिकों से सहयोग के लिए हार्दिक अपील भी की जाती है।
इसके पश्चात, सुरक्षा स्थिति का पुनर्मूल्यांकन कर अतिरिक्त सूचना जारी की जाएगी”।
सोशल मीडिया बैन से भड़का आंदोलन
सरकार की ओफर में फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब सहित कई प्लेटफॉर्म्स पर अचानक प्रतिबंध लगाए जाने के बाद ‘जेन-जी’ पीढ़ी सड़कों पर उतर आई। युवाओं ने इस कदम को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया।
प्रदर्शनकारियों ने संसद, प्रधानमंत्री निवास और सिंहदरबार सचिवालय में आगजनी और तोड़फोड़ की। हिंसक आंदोलन के दूसरे दिन आज कई मंत्रियों और नेताओं के घरों को भी निशाना बनाया गया। दो दिनों से जारी हिंसा में अब तक 20 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
पूर्व पीएम झालानाथ खनाल की पत्नी की मौत
हिंसा के दौरान आज सबसे दर्दनाक घटना तब सामने आई जब पूर्व प्रधानमंत्री झालानाथ खनाल के निवास पर आगजनी की गई। इस दौरान उनकी पत्नी आग में झुलस गईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस्तीफा देकर अज्ञात स्थान पर रवाना हुए पीएम ओली
विरोध और हिंसा की तीव्रता को देखते हुए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने आज पद से इस्तीफा दे दिया और सेना के हेलीकॉप्टर से अपने निवास से किसी अज्ञात स्थान के लिए रवाना हो गए।
नेपाली सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त अपील
नेपाली सुरक्षा एजेंसियों ने भी बयान जारी कर देश की स्वतंत्रता, संप्रभुता और जनता की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि आंदोलन के दौरान हुई जान-माल की अपूरणीय क्षति पर उन्हें गहरा दुख है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही युवाओं और नागरिकों से संयम बरतने तथा सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की ताकि हालात और बिगड़ें नहीं।
इसी क्रम में नेपाल सरकार के मुख्य सचिव एक नारायण आर्यल, सेनाध्यक्ष अशोक राज सिगदेल, गृह सचिव गोकर्णमणि दुबारी, सशस्त्र पुलिस बल के महानिरीक्षक राजू आर्यल, नेपाल पुलिस के महानिरीक्षक चंद्र कुबेर खापुंग और राष्ट्रीय जांच एजेंसी के प्रमुख हुतराज थापा ने भी संयुक्त बयान जारी किया।
उन्होंने कहा कि काठमांडू समेत देश के विभिन्न हिस्सों में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और इस कठिन समय में सभी नागरिकों को संयम दिखाना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे संवाद के ज़रिए इस संकट का समाधान निकालें।
सशस्त्र सीमा बल ने नेपाल सीमा पर चौकसी बरत रहा
नेपाल की राजधानी काठमांडू में जारी हिंसक विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच जिलों की पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) अलर्ट मोड पर हैं। वहीं उत्तराखंड में भी नेपाल सीमा क्षेत्र पर तैनात सशस्त्र सीमा बल भी लगातार चौकसी बरत रहा है। साथ ही नेपाल सीमा क्षेत्र के भारतीय राज्यों के पुलिस मुख्यालय भी लगातार सीमावर्ती जिलों पर अपनी नजरे बनाए हुए हैं।
भारतीय दूतावास की एडवाइजरी
नेपाल की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों को यात्रा स्थगित करने की सलाह दी है। दूतावास ने आपात स्थिति में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- +977-980 860 2881 (व्हाट्सऐप कॉल पर भी)
- +977-981 032 6134 (व्हाट्सऐप कॉल पर भी)
भारतीय विदेश मंत्रालय की चेतावनी
भारत के विदेश मंत्रालय ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपने निवास स्थान पर ही रहें और सड़कों पर न निकलें। मंत्रालय ने कहा कि हालात सामान्य होने तक नेपाल यात्रा स्थगित कर दें और स्थानीय प्रशासन व दूतावास की सुरक्षा सलाह का पालन करें।

















