नई दिल्ली । एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन उपराष्ट्रपति चुनाव में विजयी रहे। उन्होंने इंडी गठबंधन के उम्मीदवार जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी को हराया। चुनाव में कुल 767 सांसदों ने मतदान किया, जिनमें से 15 मत अवैध घोषित हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें जीत की बधाई दी।
शुरुआत से ही जीत तय मानी जा रही थी
सी.पी. राधाकृष्णन की जीत शुरू से ही लगभग तय मानी जा रही थी, क्योंकि एनडीए के पास आवश्यक बहुमत से कहीं अधिक वोट थे। एनडीए के सभी दलों की सहमति से उनका नाम उपराष्ट्रपति पद के लिए तय किया गया था।
सी.पी. राधाकृष्णन का परिचय और राजनीतिक अनुभव
सी.पी. राधाकृष्णन का पूरा नाम चंद्रपुरम पोनूसामी राधाकृष्णन है। वे वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं और राजनीति का 40 वर्ष से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे 16 वर्ष की आयु से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े हुए हैं।
भाजपा का ‘मिशन दक्षिण’ और राधाकृष्णन की भूमिका
राधाकृष्णन मूल रूप से तमिलनाडु से आते हैं। उन्हें भाजपा के ‘मिशन दक्षिण’ के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है। उनके नाम के चयन से द्रमुक के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बनी है। 2026 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव हैं, जिससे भाजपा को सीधा राजनीतिक लाभ मिल सकता है।
उपराष्ट्रपति पद रिक्त होने की पृष्ठभूमि
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, 21 जुलाई को, जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद यह पद रिक्त हो गया था और अब सी.पी. राधाकृष्णन इस पद पर निर्वाचित हुए हैं।
संघ और भाजपा में सक्रिय भूमिका
राधाकृष्णन संघ और भाजपा से लंबे समय से जुड़े हैं। वे 1974 में जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य बने। 1996 में तमिलनाडु भाजपा के सचिव नियुक्त हुए। 1998 और 1999 में कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद बने।
भाजपा में विभिन्न पदों पर कार्य
वे 2004 से 2007 तक तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष रहे। 2020 से 2022 तक केरल भाजपा के राष्ट्रीय प्रभारी भी रहे। 2024 में उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे झारखंड के राज्यपाल भी रह चुके हैं।
जन्म और शुरुआती जीवन
सी.पी. राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ था। वर्तमान में वे 68 वर्ष के हैं और अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवा दे चुके हैं।
विशेष ‘रथ यात्रा’ और जनजागरण
2004 से 2007 के बीच उन्होंने 19,000 किलोमीटर लंबी ‘रथ यात्रा’ निकाली थी। यह यात्रा 93 दिनों तक चली। इसका उद्देश्य नदियों के आपसी जुड़ाव, आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता, समान नागरिक संहिता, अस्पृश्यता उन्मूलन और नशे के दुरुपयोग पर रोक जैसे मुद्दों को उठाना था।
प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि सी.पी. राधाकृष्णन ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में लगन, विनम्रता और बुद्धिमत्ता से विशेष पहचान बनाई है। विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने सामुदायिक सेवा और वंचितों के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित किया है।

















