पंजाब इस वक्त शायद अपने इतिहास की सबसे भयानक बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहा है। वहां हालात बहुत ही बुरे हैं। इस बीच 9 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के बाढ़ प्रभावित गुरुदासपुर जिले का दौरा करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे।
गौरतलब है कि हाल की बाढ़ ने 23 जिलों के करीब 2000 से अधिक गांवों को प्रभावित किया है, जिसमें 43 से अधिक लोगों की जान गई और 1.71 लाख हेक्टेयर फसल नष्ट हो गई। दूसरी तरफ पंजाब हरियाणा में से गुजरने वाले घग्गर दरिया के रौद्र रूप से लोग सहमे हुए हैं। खनौरी बोर्डर पर दरिया खतरे के निशान के आसपास बह रहा है। इस दरिया में पंजाब में पटियाला, संगरूर व हरियाणा में सिरसा फतेहाबाद में तबाही मचाई है। जालंधर और इसके आसपास के इलाकों में आज सुबह से बारिश हो रही है।
बाढ़ का कारण और प्रभाव
सतलुज, ब्यास, और रावी जैसी प्रमुख नदियों के साथ-साथ मौसमी नालों में भारी बारिश के कारण पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। पंजाब में हाल के दिनों में हुई मूसलाधार बारिश ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। पोंग डैम का जलस्तर शनिवार को 1,394.19 फीट पर था, जो सामान्य सीमा 1,390 फीट से चार फीट ऊपर है। भाखड़ा डैम में भी पानी का स्तर 1,678.14 फीट दर्ज किया गया। इन डैमों से पानी का बहाव कम होने के बावजूद, गांवों में पानी भरा हुआ है, जिससे लोग बेघर हो गए हैं।
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सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र
गुरदासपुर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 329 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। होशियारपुर और अमृतसर में सात-सात लोगों की मौत हुई, जबकि पठानकोट में छह और बरनाला में पांच लोगों ने जान गंवाई। लुधियाना, बठिंडा, मानसा, गुरदासपुर, रूपनगर, और अन्य जिलों में भी मौतें दर्ज की गई हैं। कुल 3.87 लाख लोग इस बाढ़ से प्रभावित हैं, और 22,854 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

















