भारत का निर्वाचन आयोग (ECI) जल्द ही पूरे देश में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए एक विशेष गहन संशोधन (SIR) शुरू करने जा रहा है। यह प्रक्रिया बिहार में चल रहे पायलट प्रोजेक्ट के बाद अब पूरे भारत में एक महीने तक चलेगी। इसका मकसद है मतदाता सूची को साफ-सुथरा करना, ताकि कोई अनधिकृत या फर्जी वोटर शामिल न रहे और हर योग्य नागरिक का नाम सूची में हो। आइए, इस प्रक्रिया को आसान शब्दों में समझते हैं।
क्या है SIR और क्यों जरूरी?
जी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, विशेष गहन संशोधन (SIR) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची की गहन जांच की जाती है। बिहार में यह जून से जुलाई 2025 तक चला, जहां 7.89 करोड़ मतदाताओं में से 90.84% की जांच पूरी हो चुकी है। ECI के मुताबिक, इस प्रक्रिया से डुप्लिकेट, मृत या स्थानांतरित हो चुके वोटरों के नाम हटाए जाते हैं। बिहार में 65 लाख नाम हटाए गए, जिनमें 22 लाख मृत, 7 लाख डुप्लिकेट और 36 लाख प्रवासी थे। अब यही प्रक्रिया पूरे देश में लागू होगी, ताकि 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए सटीक मतदाता सूची तैयार हो।
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कैसे होगी यह प्रक्रिया?
ECI ने 10 सितंबर को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है, जिसमें इसकी तैयारियों पर चर्चा होगी। इसमें घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी सत्यापित की जाएगी। मतदाताओं को अपनी पहचान और नागरिकता साबित करने के लिए 11 दस्तावेजों में से एक देना होगा, जैसे पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र। सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर आधार कार्ड को भी मान्य किया गया है। बिहार में 1 अगस्त को ड्राफ्ट सूची जारी हुई थी, और 30 सितंबर तक अंतिम सूची आएगी। देशभर में भी यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
क्या कहता है विपक्ष
इस प्रक्रिया पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस और अन्य दलों का कहना है कि यह जल्दबाजी में हो रहा है और गरीब, प्रवासी या अल्पसंख्यक समुदायों के वोटरों को सूची से हटाया जा सकता है। बिहार में 65 लाख नाम हटने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं भी दायर हुईं। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इससे मताधिकार छिन सकता है। ECI ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और कोई भी योग्य वोटर छूटेगा नहीं।
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बहरहाल, ECI का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची की शुद्धता के लिए जरूरी है। बिहार के बाद अब असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 2026 के चुनावों से पहले SIR होगा।

















