अमेरिका में करीब 10 लाख हैतियन और वेनेजुएलन प्रवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। सैन फ्रांसिस्को के एक फेडरल जज ने ट्रम्प प्रशासन के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें इन प्रवासियों की अस्थायी कानूनी सुरक्षा (टेम्परेरी प्रोटेक्टेड स्टेटस यानी टीपीएस) को खत्म करने की कोशिश की गई थी। यह फैसला उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जो अपने देशों में खतरनाक हालातों से भागकर अमेरिका में शरण ले रहे हैं।
क्या है मामला?
पिछले शुक्रवार को यूएस डिस्ट्रिक्ट जज एडवर्ड चेन ने अपने फैसले में कहा कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की सचिव क्रिस्टी नोएम ने बाइडेन प्रशासन द्वारा दी गई टीपीएस की तीन अवधियों को रद्द करने का जो कदम उठाया, वह कानून के दायरे से बाहर था। जज ने इसे “मनमाना और अनुचित” बताया। इस फैसले से करीब 6 लाख वेनेजुएलन्स, जिनकी सुरक्षा अप्रैल में खत्म हो चुकी थी या 10 सितंबर को खत्म होने वाली थी, और 5 लाख हैतियन को अमेरिका में रहने और काम करने का अधिकार बरकरार रहेगा।
क्यों है टीपीएस जरूरी?
टीपीएस एक ऐसा प्रोग्राम है, जो उन प्रवासियों को अस्थायी तौर पर अमेरिका में रहने और काम करने की इजाजत देता है, जिनके देश युद्ध, प्राकृतिक आपदा या अन्य खतरनाक हालातों से जूझ रहे हैं। वेनेजुएला में लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता, भुखमरी और बेरोजगारी ने लाखों लोगों को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया है। दूसरी ओर, हाईटी में 2010 के भूकंप के बाद से ही भयानक स्थिति है, जहां गैंग हिंसा और भुखमरी आम बात है। अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट भी इन दोनों देशों की यात्रा के खिलाफ चेतावनी देता है, क्योंकि वहां हालात बेहद खतरनाक हैं।
ट्रम्प प्रशासन का रुख
ट्रम्प प्रशासन ने दावा किया कि हैती और वेनेजुएला के हालात अब सुधर गए हैं, इसलिए टीपीएस की जरूरत नहीं है। क्रिस्टी नोएम ने कहा कि यह प्रोग्राम अस्थायी है और इसे लंबे समय तक जारी रखना देश के हित में नहीं है। लेकिन जज चेन ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि नोएम का फैसला जल्दबाजी में लिया गया और इसमें जरूरी विश्लेषण या अन्य एजेंसियों से सलाह की कमी थी।
प्रवासियों पर प्रभाव
यह फैसला दक्षिण फ्लोरिडा जैसे इलाकों में खासा महत्वपूर्ण है, जहां वेनेजुएलन और हैतियन समुदायों की बड़ी आबादी रहती है। इस फैसले का स्वागत करते हुए डेमोक्रेटिक सांसद डेबी वासरमैन शुल्त्स ने कहा, “टीपीएस धारक कानूनी हैं, और ट्रम्प का उनका स्टेटस खत्म करने का प्रयास गैरकानूनी था।”

















