केरल के त्रिशूर जिले में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में एक शिक्षिका के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। शिक्षिका पर आरोप है कि उसने मुस्लिम छात्रों को ओणम उत्सव से दूर रहने को कहा था। स्कूल प्रबंधन ने उसे निलंबित कर दिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिक्षिका का नाम खादीजा है। वह त्रिशूर जिले के कुन्नामकुलम के पास कदवल्लूर के सिराजुल उलूम इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाती है। शिकायत के आधार पर बुधवार (27 अगस्त) को कुन्नामकुलम पुलिस स्टेशन में खादीजा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। शिक्षिका पर आरोप है कि उसने व्हाट्सएप पर एक वॉइस मैसेज भेजा था, जिसमें मुस्लिम छात्रों को ओणम उत्सव से दूर रहने का आग्रह किया गया था। शिक्षिका ने कहा था कि मुस्लिम छात्र यदि स्कूल के उत्सव में भाग लेते हैं, तो ये शिर्क हो जाएगा। ऐसा करके उसने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया। शिर्क से तात्पर्य एक से अधिक ईश्वर में विश्वास रखने की धारणा है। मलयालम टीवी चैनलों ने भी इस ऑडियो मैसेज को दिखाया है, जिसमें शिक्षिका को बच्चों और उनके अभिभावकों से यह कहते हुए सुना गया है, “हम मुस्लिमों को इस्लाम का पालन करते हुए जीवन जीना चाहिए। ओणम एक हिंदू त्योहार है। यह उत्सव अनेकेश्वरवाद पर आधारित है। इसे प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए। दूसरे धर्म के रीति-रिवाजों में शामिल होना ‘शिर्क’ बन सकता है।”
यह खादीजा के निजी विचार हैं: स्कूल प्रबंधन
खादीजा ने जोर देकर कहा कि यह फैसला स्कूल प्रबंधन ने लिया है। हालांकि, प्रबंधन ने इससे दूरी बनाते हुए कहा कि यह ‘खादीजा के निजी विचार हैं’। कुन्नामकुलम सर्किल पुलिस इंस्पेक्टर जयप्रदीप के.जी. ने बताया कि डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के नेता हसन की शिकायत के बाद उन्होंने खदीजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। एक अन्य शिक्षिका ने भी ऐसा ही एक संदेश प्रसारित किया है। इसमें अभिभावकों से बच्चों को दूसरे धर्मों के उत्सवों में शामिल होने से रोकने का अनुरोध किया गया था। उसे भी निलंबित कर दिया गया है।
शिक्षा मंत्री ने बताया गंभीर मुद्दा
इस मामले को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी का बयान भी सामने आया है। उन्होंने इसे बहुत ही गंभीर मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा, ”शिक्षकों को छोटे बच्चों के मन में मतभेद पैदा नहीं करने चाहिए। सरकार इसे बहुत गंभीरता से ले रही है, हमने सामान्य शिक्षा निदेशक से रिपोर्ट देने को कहा है। जब उस स्कूल में ओणम उत्सव मनाया जाएगा, तो शिक्षा विभाग के कर्मचारी वहां मौजूद रहेंगे।
केरल में जलाए गए थे सिनेमाघर
तीन दशक से भी पहले, केरल के मुस्लिम बहुल जिले मलप्पुरम में कई सिनेमाघर जला दिए गए थे। मौलाना के कई भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हैं। उनमें से कई मस्जिदों में दिए गए अपने भाषणों में जन्नत के सुनहरे सपने दिखाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं कुछ त्रिशूर पूरम जैसे मंदिरों के भाषणों और यहां तक कि के.जे. येसुदास जैसे महान गायक के गीतों की भी निंदा करते हुए दिखाई दे जाएंगे। मौलाना के मुताबिक उनका धार्मिक ग्रंथ ही समस्त ज्ञान, शांति और आनंद का स्रोत है।

















