उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के कैली भट्ठा इलाके से मुस्लिम कट्टरपंथियों के द्वारा पूजा करके लौट रहे हिन्दुओं पर हमला करने की घटना प्रकाश में आई है। जिसमें 9 लोग बुरी तरह से घायल हुए हैं, जिसमें पुरुषों के अलावा इसमें एक गर्भवती महिला भी शामिल है।
क्या हुआ था घटना?
रिपोर्ट्स के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के कैला भट्टा इलाके की बात है। टिंकू सिंह अपने परिवार के साथ मंदिर में ‘जात लगाने’ (मन्नत पूरी होने पर बच्चे के बाल कटवाने या भोग चढ़ाने की परंपरा) के बाद घर वापस आ रहे थे। वे माता रानी का जयकारा लगाते हुए रोड पर चल रहे थे। शाम करीब साढ़े सात बजे उमर राशन दुकान के पास अचानक फारुख सलाउद्दीन और उसके 15-20 साथियों ने उन पर हमला कर दिया।
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हमलावरों ने ईंट-पत्थर फेंके और धारदार हथियारों का भी इस्तेमाल किया। परिवार की महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार हुआ और उनके कपड़े भी फाड़ दिए गए। इस हमले में कुल नौ लोग घायल हुए, जिनमें गर्भवती महिला की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस उपायुक्त नगर धवल जायसवाल ने बताया कि शुरू में रोड पर चलने को लेकर दोनों पक्षों में छोटा-सा विवाद हुआ। फिर मारपीट और पथराव हो गया। पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। उन्होंने स्थिति को काबू में किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने कोतवाली सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इलाके में अभी शांति बनी हुई है और पुलिस आगे की जांच कर रही है।
जात लगाने की परंपरा
जात लगाना हिंदू परंपरा है। इसमें माता रानी की मन्नत पूरी होने पर विशेष पूजा की जाती है। परिवार इसी अनुष्ठान से लौट रहा था। वे सामान्य रूप से खुशी-खुशी घर जा रहे थे, तभी यह घटना हो गई।
इलाके की स्थिति
घटना के बाद इलाके में थोड़ा तनाव जरूर महसूस किया गया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी की वजह से अभी तक कोई बड़ी बिगड़ती स्थिति नहीं बनी। दोनों पक्षों के लोग मौके पर थे और पुलिस मामले को संभाल रही है। परिवार के लोग कैला भट्टा के रहने वाले हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है ताकि सच्चाई सामने आए और दोषियों पर कार्रवाई हो सके।

















