देहरादून। नवादा वन क्षेत्र में बनी एक अवैध मजार को उत्तराखंड सरकार के बुल्डोजर ने ध्वस्त कर दिया। ये अवैध संरचना सरकारी वन भूमि पर कब्जा करने के उद्देश्य से बनाई गई थी।
दून घाटी में प्रशासन के सर्वे में वन विभाग नवादा क्षेत्र में बनी अवैध मजार चिन्हित की गई थी। वन विभाग और जिला प्रशासन ने इस संदर्भ में अवैध संरचना पर दो हफ्ते पूर्व नोटिस चस्पा कर भूमि सम्बन्धी दस्तावेज दिखाने को कहा था। समय सीमा समाप्त होने के बाद भी मजार खादिमों द्वारा कोई जवाब नहीं दिए पर बुधवार को वन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने उक्त अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया।
नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने बताया कि अवैध रूप से बनाई गई मजहबी संरचना के पीछे मूल उद्देश्य वन विभाग की सरकारी भूमि पर कब्जे की नीयत दिखाई देती है। किसी भी प्रकार के अवशेष नहीं निकले।
डीएम सविन बंसल ने बताया कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाओ अभियान जारी है। सरकार के स्पष्ट निर्देश है कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हर दशा में हटाया जाए। जानकारी के अनुसार अबतक उत्तराखंड की धामी सरकार अब तक ऐसी 538 अवैध मजारों को हटा चुकी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्पष्ट कह चुके हैं कि देवभूमि में जमीन जिहाद मंजूर नहीं। सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाए जा रहे हैं। बेहतर यही है कि लोग खुद कब्जे हटा ले। यहां हरी नीली चादरों का खेल नहीं चलेगा।

















