बिहार का मुस्लिम बहुल किशनगंज जिला संवेदनशील होता जा रहा है। यहां बहुसंख्यक हिन्दू अल्पसंख्यक बन चुके हैं। कभी यहां देवी-देवताओं के मन्दिर में असामाजिक तत्व प्रतिमा खंडित कर देते हैं तो कभी दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन करने जाने वाली यात्रा पर पथराव कर उसे रोक दिया जाता है।
ताजा मामला टेउसा कैलाश चौक के पास सोमवार का है। स्थानीय दुर्गा मंदिर में कलश शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल होकर पास की रमजान नदी से कलश में पवित्र जल लाने जा रही थीं। शोभायात्रा एक मस्जिद के पास पहुंचने से पहले ही रास्ते में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उन्हें रोक दिया गया। इससे दो पक्षों में विवाद हुआ।
शोभायात्रा में शामिल लोगों ने आगे बढ़ने की जिद्द की तो रास्ता रोकने वालों ने महिलाओं के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की की। स्थानीय लोगों ने बताया कि डीजे वाहन को भी लाठी डंडे से नुकसान पहुंचाया गया। दो पक्षों में बढ़ते तनाव की जानकारी मिलते ही सदर थाना अध्यक्ष समेत एसडीपीओ प्रमोद कुमार एवं दंगा निरोधक दस्ते की टीम पहुंची। उन्होंने स्थित को नियंत्रित किया। विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के जिला संयोजक सुनील तिवारी, विहिप नेता मुकेश मल्लिक घटनास्थल पर पहुंच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरना पर बैठ गए। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई और फिर कलश शोभायात्रा को आगे बढ़ने दिया गया।
विश्व हिन्दू परिषद के जिला मंत्री संजय सिंह ने बताया कि इस स्थल पर दूसरी बार यह घटना है। इसी जगह पर दो साल पहले कलश शोभायात्रा को लेकर घटना घटी थी। तब हम लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। दोनो पक्षों के बीच समझौते के बाद मामला शांत हुआ। आज फिर ऐसी घटना हुई जो कि निंदनीय और चिंतनीय भी है। अगर समय रहते यहां प्रशासन त्वरित कार्रवाई न करता तो बात बहुत बढ़ सकती थी।

















