फतेहपुर में कोतवाली थाना अंतर्गत प्राचीन शिव मंदिर को लेकर विवाद की स्थिति दिखाई दे रही है। आज सोमवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ता, प्राचीन मंदिर को मकबरे से मुक्त कराने के लिए पहुंचे। पुलिसवालों ने संगठन के कार्यकर्ताओं को रोका। जब मुसलमानों को सूचना मिली कि प्राचीन शिव मंदिर में हिंदू एकत्रित हो गए हैं। तब मुसलमान भी काफी संख्या में मकबरे की ओर बढ़ने लगे। इसके बाद में माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर वापस कराया।
एक हजार साल पुराना मंदिर
उल्लेखनीय है कि फतेहपुर के सदर तहसील अंतर्गत शंकर जी और भगवान श्री कृष्ण का प्राचीन मंदिर है। मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुराना बताया जा रहा है। मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति और बीजेपी समेत हिंदू संगठनों ने मंदिर में पूजा करने की घोषणा की थी। आज सोमवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पूजा-पाठ करने पहुंच गए। हिंदू संगठनों का आरोप है कि मंदिर के स्वरूप को बदलकर वहां पर मकबरे का स्वरूप देने का प्रयास किया गया। वर्तमान समय में भी वहां पर कमल का फूल व त्रिशूल बना हुआ है। इससे साफ प्रमाणित होता है कि वह एक प्राचीन मंदिर है।
क्या कहते हैं विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी
विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय का कहना है कि फतेहपुर जनपद के थाना सदर कोतवाली अंतर्गत एक अति प्राचीन भगवान शंकर और भगवान श्री कृष्ण का मंदिर है। अराजक तत्वों ने इसके स्वरूप को बदलने का प्रयास किया। मंदिर को मकबरे का स्वरूप देने का प्रयास किया गया। कुछ दिन पहले जिला प्रशासन से हम लोगों ने वार्ता किया था। हम लोग आज 11 अगस्त को वहां पर पूजा पाठ के लिए पहुंचे थे। इसी बीच वहां कुछ मुस्लिम युवकों ने भी पहुंचने का प्रयास किया जिसके बाद तनाव की स्थिति व्याप्त हो गई थी। पुलिस ने हस्तक्षेप करके दोनों पक्षों को वापस करा दिया है। हम लोगों की मांग है कि वह एक हिंदू धार्मिक स्थल है। मकबरे के स्वरूप को ध्वस्त किया जाय।















