मध्य प्रदेश के मालवा अंचल में ‘लव जिहाद’ की घटनाओं के खिलाफ जनाक्रोश अब संगठित रूप ले रहा है। उज्जैन जिले के खाचरोद नगर में हजारों की संख्या में हिंदू समाज के लोग, महिलाओं सहित सड़कों पर उतर आए। ‘लव जिहाद’ के विरोध में आयोजित विशाल पंचायत और रैली के दौरान सकल हिंदू समाज ने जिहादी मानसिकता के विरुद्ध आवाज बुलंद करते हुए सर्वसम्मति से उनके आर्थिक बहिष्कार का निर्णय लिया है।
उज्जैन गेट से लेकर शुक्रवारिया बाजार तक निकाली गई रैली में महिलाएं, युवक, साधु-संत, सामाजिक संगठन और व्यापारी एकजुट दिखाई दिए। रैली के दौरान पूरे नगर का बाजार पूरी तरह से बंद रहा। नारों के साथ निकली रैली के बाद नगर में पंचायत आयोजित की गई, जिसमें कई संतों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने खुलकर अपने विचार रखे। इस हिन्दू पंचायत में हिंदू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद, महिला संगठनों और संत समाज के प्रतिनिधियों ने सभा को संबोधित किया। जिसमें कि प्रमुख उद्बोधन आनंद गिरि महाराज, नरेंद्र गिरी महाराज, हिंदू जागरण मंच के प्रांत संगठक मोहित सेंगर, हिंदू जागरण मंच के नेपाल सिंह डोडिया भेरुलाल टाक, विश्व हिंदू परिषद के मोहन सिंह राठौड़ का रहा। इन सभी प्रमुख वक्ताओं ने कहा कि मालवा क्षेत्र में एक संगठित रूप से हिंदू बेटियों को निशाना बनाया जा रहा है। इन घटनाओं को प्रेम-प्रसंग नहीं, बल्कि सांस्कृतिक आक्रमण और जनसंख्या असंतुलन की योजना के रूप में देखा जाना चाहिए।
सभा में वक्ताओं ने यह भी बताया कि यह सिर्फ खाचरोद या उज्जैन की बात नहीं है, पूरे मालवा क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें मजहब विशेष के लोगों ने नाम बदलकर हिंदू लड़कियों से दोस्ती कर निकाह और धर्मांतरण की कोशिश की गई। जिसमें कि कुछ घटनाओं का जिक्र भी हुआ, जैसे कि जनवरी 2025 में इंदौर के एमजी रोड क्षेत्र में एक कॉलेज छात्रा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक युवक ने खुद को ‘अंकित’ बताकर उससे दोस्ती की, फिर शादी का झांसा देकर धर्म बदलवाने का दबाव बनाया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मुस्लिम युवक है जिसने पहचान छुपाकर संबंध स्थापित किए थे।
इसी तरह से मार्च 2025 में उज्जैन के घटिया क्षेत्र में एक विवाहित महिला को बहला-फुसलाकर प्रेम जाल में फंसाने और धर्मांतरण का प्रयास करने का मामला उजागर हुआ। महिला ने खुद इसकी जानकारी पुलिस को दी थी। आरोपी पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया।
इससे पहले धार जिले के कुक्षी क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उज्जैन ले जाकर निकाह की घटना ने इलाके को हिला दिया था। आरोपी ने फेसबुक के जरिए लड़की से संपर्क किया और खुद को हिंदू बताकर नजदीकियां बढ़ाईं। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने लड़की को उज्जैन से बरामद किया। वहीं नीमच में मई 2025 में एक शिक्षिका ने थाने में शिकायत दी थी कि एक युवक ने इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती कर खुद को ब्राह्मण बताया, लेकिन बाद में शादी के नाम पर जबरन धर्मांतरण का दबाव बनाने लगा। इस मामले की जांच के बाद आरोपी पर धारा 3 और 5 के तहत केस दर्ज किया गया।

इसी प्रकार का एक प्रकरण रतलाम जिले के नामली क्षेत्र में फरवरी 2025 में सामने आया, जहां सामूहिक पंचायत बुलाई गई थी, जब गांव की एक युवती के धर्मांतरण की सूचना मिली। पंचायत में समाज ने निर्णय लिया कि गांवों में ‘हिंदू सुरक्षा समितियां’ गठित की जाएंगी, जो इस प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखेंगी। देवास के सोनकच्छ क्षेत्र में भी अप्रैल 2025 में एक 21 वर्षीय युवती को झांसा देकर निकाह के लिए ले जाया गया था। युवती के भाई ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई और आरोपी को भोपाल से गिरफ्तार किया गया। मामले की तफ्तीश के दौरान सामने आया कि आरोपी पहले से दो अन्य मामलों में संलिप्त था। इसी तरह की कई अन्य घटनाएं भी हैं। एक घटना में तो उज्जैन में समूह बनाकर कई हिन्दू लड़कियों को निशाना बनाया गया, जिसमें कि अधिकांश नाबालिग हैं।
दरअसल, इन सभी घटनाओं ने मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र में सामाजिक असंतोष को गहरा कर दिया है। खाचरोद की पंचायत में वक्ताओं ने यह भी कहा कि पुलिस और प्रशासन कई बार इन मामलों को ‘प्रेम-प्रसंग’ बताकर खारिज करने की कोशिश करता है, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिल पाता। महिलाओं की भागीदारी इस आयोजन में विशेष रही। बड़ी संख्या में माताएं और युवतियां रैली में शामिल हुईं। तख्तियों और बैनरों पर लिखा था – “बेटियों की रक्षा करो”, “लव जिहाद बंद करो”, “हिंदू समाज एक हो”। कुछ महिलाओं ने मंच से अपनी व्यक्तिगत पीड़ा साझा करते हुए कहा कि उनके परिवार की लड़कियां इस तरह के षड्यंत्र का शिकार हुई हैं।

पंचायत में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जिहादी मानसिकता वाले लोगों का आर्थिक बहिष्कार किया जाएगा। समाज से अपील की गई कि वे ऐसे लोगों से कोई लेनदेन न करें, न उनसे सामान खरीदें, न ही व्यापारिक संपर्क रखें। रैली और पंचायत शांतिपूर्वक संपन्न हुई, लेकिन पूरे नगर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर पूरी निगरानी बनाए रखी। खाचरोद थाना प्रभारी और एसडीओपी आयोजन स्थल पर मौजूद रहे और आयोजकों से सतत संवाद बनाए रखा गया।
पंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि इस विषय पर आगे जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। स्कूल-कॉलेजों में जाकर युवतियों को सतर्क किया जाएगा और घर-घर जाकर बेटियों की सुरक्षा का संदेश दिया जाएगा। वक्ताओं ने यह भी कहा कि यदि प्रशासन इस विषय पर कड़ी कार्रवाई नहीं करता है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संत समाज ने चेतावनी दी कि यह केवल एक सांस्कृतिक चेतावनी नहीं है, बल्कि आत्मरक्षा का आह्वान है। उन्होंने युवाओं से सोशल मीडिया पर सतर्क रहने, फर्जी पहचान वालों की सूचना देने और अपनी बहनों को जागरूक करने की अपील की।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश की राज्य सरकार द्वारा लागू धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के बावजूद इन घटनाओं में बढ़ोतरी समाज में चिंता का विषय बन चुकी है। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि कानून तो है, लेकिन उसके क्रियान्वयन में ढील दिखाई जाती है।पंचायत के आयोजकों ने अंत में यह स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी भी धर्म या संप्रदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन लोगों के खिलाफ है जो समाज में धोखे और षड्यंत्र के जरिए दरार पैदा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक शुरुआत है, आने वाले समय में मालवा क्षेत्र के हर जिले में इसी प्रकार की पंचायतें और रैलियां आयोजित की जाएंगी।
















