देहरादून । उत्तरकाशी के धराली कस्बे के बॉस खीर गाढ़ गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने से धराली मार्केट में घुसा मलबा। जानकारी के मुताबिक ऊपरी इलाके में बादल फटने से नदी ने प्रलय का रूप धारण किया। बादल फटने से लगभग 12 मजदूर दबे होने की सूचना है। अचानक पानी आने की वजह से हालात बिगड़े हैं जिलाधिकारी प्रशांत आर्य मौके के लिए रवाना हो गए हैं।
बादल फटने से धराली मार्केट में मलबा
क्षेत्र में भारी नुकसान होने की सूचना आ रही है। नदी के साथ आए पहाड़ियों के मलबे की चपेट मे होटल और कई घर आ गए हैं। आर्मी हर्षिल, पुलिस और SDRF टीम भटवाड़ी से रवाना किया गया है। लगातार बारिश होने के कारण क्षेत्र में भारी नुकसान होने का अंदेशा है।
माँ गंगा के मायके में तबाही, भारी नुकसान और लापता लोगों की खबर
उत्तरकाशी इस क्षेत्र को माँ गंगा के मायके मुखबा के रूप में जाना जाता है। यहां से लगे धराली में भारी तबाही, बादल फटने से खीर गंगा में अचानक पानी के साथ मलबा तेज वेग के साथ बहता आया और अपने साथ कई घरों और होटलों को भी बहा ले गया। जानकारी के मुताबिक कई लोग लापता हैं। फिलहाल यहां डर और दहशत का माहौल है।
मुख्यमंत्री धामी ने दिए राहत के निर्देश
उधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी जिला प्रशासन से इस बारे में बात की है। साथ ही गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय को इस प्राकृतिक आपदा के बचाव के लिए लोगों को हर संभव मदद करने के लिए व्यवस्था बनाने को कहा है।
बारिश को लेकर मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक विक्रम सिंह के अनुसार मंगलवार को भी राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। देहरादून, टिहरी, बागेश्वर, पौड़ी, उधमसिंह नगर, चम्पावत और नैनीताल जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश का यलो अलर्ट है।
स्कूलों में अवकाश और अलर्ट मोड
भारी बारिश की संभावना के मद्देनज चंपावत, बागेश्वर, देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिले के स्कूलों और आगनबाड़ी केंद्रों में मंगलवार को अवकाश घोषित किया गया है।
राज्य में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सचिव ने त्वरित प्रक्रिया दलों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने और जलभराव, बाढ़ या किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नदियों के जलस्तर की निगरानी, नदी किनारे जाने पर रोक, निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा और वर्षा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में राशन, दवा, पेयजल और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बाधित न हो। अवरुद्ध सड़कों को शीघ्र खोलने और पावर हाउसों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए हैं।
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें, अफवाहों से बचें, नदी किनारे न जाएं, अनावश्यक यात्रा से परहेज करें और किसी भी आपात स्थिति में 112, 1070 या 1077 पर संपर्क करें।

















