नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल दलों के नेताओं ने मंगलवार को संसदीय दल की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM MODI) को सम्मानित किया। आतंकवाद के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाने के लिए सभी लोगों की तरफ से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी (PM MODI) को सम्मानित किया। संसद के मानसून सत्र के दौरान NDA में शामिल दलों के नेताओं की इस पहली बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। इस बैठक में PM मोदी ने अमित शाह की तारीफ करते हुए कहा कि वह अब सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले केंद्रीय गृह मंत्री बन चुके हैं।
पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रस्ताव पारित
पहलगाम आतंकी हमले और इसके जवाब में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर NDA बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें NDA संसदीय दल ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता और समर्पण को सलाम किया। प्रस्ताव में कहा गया कि पहलगाम में दहशतगर्दों की कायराना करतूत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को बिहार की धरती से आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश दिया और कहा कि भारत आतंकियों और उनके समर्थकों को पहचान कर सजा देगा। इसी संकल्प के तहत 6-7 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया गया। यह एक सटीक और सीमित सैन्य अभियान था जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
#WATCH | Delhi: PM Narendra Modi was welcomed and felicitated with a thunderous applause amid chants of ‘Har Har Mahadev’, after the success of Operation Sindoor and Operation Mahadev, at the NDA Parliamentary Party Meeting. pic.twitter.com/DO4SjNPOAh
— ANI (@ANI) August 5, 2025
NDA में शामिल सांसदों ने इस प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मोदी की निर्णायक नेतृत्व शैली, दूरदर्शिता और आतंक के खिलाफ उनके ‘नए भारत’ के संकल्प की सराहना की। इस प्रस्ताव के मुताबिक सेना के ऑपरेशन सिंदूर को महिलाओं से विशेष समर्थन मिला। इसका नाम भारतीय संस्कृति में ‘सिंदूर’ के प्रतीकात्मक महत्व को भी दिखाता है। आतंकियों ने महिलाओं से उनका सुहाग और सम्मान छिना, जिसका सेना ने बदला लिया। प्रस्ताव में सर्वदलीय शिष्टमंडल के विदेश दौरे का भी जिक्र किया गया। इसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी (PM MODI) के नेतृत्व में 59 सांसदों को 32 देशों में भेजकर भारत की आतंकवाद-विरोधी स्थिति को वैश्विक मंचों पर मजबूती से रखा गया।

















