महाराष्ट्र के पुणे जिले के पिंपरी-चिंचवड़ शहर से जबरन कन्वर्जन कराने का मामला सामने आया है। तीन लोगों पर सिंधी समुदाय के लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाने का आरोप है। इस मामले में अमेरिकी नागरिक शैफर जैविन जैकब, एक नाबालिग सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पिंपरी पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य) और धारा 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही, उन्होंने अमेरिकी नागरिक के खिलाफ विदेशी अधिनियम की धारा 14(बी) और (सी) भी लगाई है। पुलिस निरीक्षक (अपराध) विजयानंद पाटिल इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं।
पुलिस ने सोमवार (28 जुलाई) को बताया कि पिंपरी में रहने वाले 27 वर्षीय सनी बंसीलाल दनानी के शिकायत दर्ज कराने के बाद रविवार देर रात तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पुणे के मुकाई चौक कॉर्नर (किवाले) में रहने वाले कैलिफोर्निया निवासी शैफर जैविन जैकब (41), अजमेरा कॉलोनी निवासी स्टीवन विजय कदम (46) और एक 16 वर्षीय नाबालिग शामिल हैं। जैकब यहां पर रहकर लोगों को कन्वर्जन करने के लिए उनका माइंडवॉश करता था। ये तीनों उन्हें पैसों और सुविधाओं का लालच देकर इसाई मत में आने का दबाव बनाते थे।
पुलिस ने यह भी बताया कि जैकब 2016 में भारत आया था। तब से यहां वह लगातार आ रहा है। यही नहीं कई बार वह टूरिस्ट और बिजनेज वीजा पर भी भारत आ चुका है।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी रविवार (27 जुलाई) सुबह करीब 11:30 बजे पिंपरी इलाके में स्थित सनी के घर पर पहुंचे। आरोपियों ने सनी दनानी और उनके समुदाय के अन्य सदस्यों पर ईसाई कन्वर्जन का दबाव बनाया। उन्हें ईसाई मत अपनाने पर सुख-शांति, मानसिक स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता का लालच भी दिया। आरोपियों ने दावा किया कि इससे शांति, समृद्धि मिलेगी और मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। उन्होंने शिकायतकर्ता से कहा कि इस ब्रह्मांड में केवल ईसा मसीह ही एकमात्र ईश्वर हैं, जबकि अन्य देवी-देवता और धर्म काल्पनिक कहानियां हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका नेटवर्क कहां तक फैला है।
‘कई लोग करा चुके हैं मतांतरण’
सिंधी समुदाय के संगठन ने पूरे मामले की गहनता से जांच करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि पिंपरी में सिंधी समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि पहले ही कई लोग ऐसे झूठे प्रलोभनों के जाल में फंस कर मतांतरण कर चुके हैं। संगठन ने सरकार से ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करने और किसी भी व्यक्ति को जबरन या लालच देकर कन्वर्जन कराने से रोकने की अपील की है।

















