Divya Deshmukh: नागपुर की दिव्या देशमुख ने शतरंज में परचम लहराया है। फिडे महिला विश्वकप की विजेता दि्व्या को 19 साल की उम्र में ही ग्रैंडमास्टर का दर्जा मिल गया है। महिंद्र एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सोमवार (28 जुलाई) को फिडे महिला विश्व कप (FIDE 2025) की विजेता दिव्या देशमुख का एक वीडियो शेयर कर सभी को भावुक कर दिया। आनंद महिंद्रा ने दिव्या देशमुख की जीत के पीछे उनकी मां के सर्वश्रेष्ठ योगदान की सराहना करते हुए एक्स पर लिखा, “फिडे महिला विश्व कप 2025 की विजेता दिव्या देशमुख को इस जीत के साथ 19 साल की उम्र में ही ग्रैंडमास्टर का दर्जा भी मिल गया है। इस ग्रैंडमास्टर के पीछे एक देखभाल करने वाली मां है। हमेशा की तरह कई सितारों के पीछे की गुमनाम हीरो।” वीडियो में भारत की युवा शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख जीत के बाद अपनी मां को देखते ही भावुक हो जाती हैं। वह मां को गले लगाकर रोने लगती हैं। उनकी आंखों में खुशी के आंसू देखकर मां भी भावुक हो जाती हैं।
दिव्या ने अपनी हमवतन हंपी को शिकस्त दी
दिव्या देशमुख ने बेहद कम उम्र में फिडे महिला वर्ल्ड कप जीतकर देश को गौरवान्वित किया है। जॉर्जिया में हुए वर्ल्ड कप के फाइनल में दिव्या ने अपनी हमवतन भारत की ही दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हंपी को शिकस्त देते हुए यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया है। ऑल-इंडियन फाइनल में दिव्या ने कोनेरू को रैपिड टाई-ब्रेक में 1.5-0.5 से मात दी। उन्होंने न केवल खिताब जीता बल्कि एक नया इतिहास भी रच दिया। वह शतरंज विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। पिछले साल दिव्या ने जूनियर वर्ल्ड चैंपियन जीता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि के लिए दिव्या को बधाई दी और हंपी को उनके शानदार प्रयास के लिए सराहा।
Divya Deshmukh, the Winner of the 2025 FIDE Women’s World Cup.
Through this victory she also achieves Grandmaster status.
At the age of 19.
And behind the Grandmaster is the caring mother…As always, the unsung hero behind many stars…
— anand mahindra (@anandmahindra) July 28, 2025
दिव्या को मिलेगी 43 लाख रुपये की इनामी राशि
दिव्या देशमुख न सिर्फ वर्ल्ड चैम्पियन बनीं, साथ ही भारत की चौथी महिला ग्रैंडमास्टर भी बन गई हैं। ग्रैंडमास्टर की उपाधि शतरंज की दुनिया में सबसे प्रतिष्ठित मानी जाती है। बताया जाता है कि ग्रैंडमास्टर बनने के लिए आमतौर पर तीन ग्रैंडमास्टर नॉर्म्स और 2500+ फिडे रेटिंग की जरूरत होती है, लेकिन कुछ खास इंटरनेशनल टूर्नामेंट जीतने पर भी खिलाड़ी को सीधे ग्रैंडमास्टर का टाइटल दिया जाता है। फिडे महिला विश्व कप उन्हीं में से एक है। शानदार जीत के लिए दिव्या को करीब 43 लाख रुपये की इनामी राशि मिलेगी। वहीं हंपी को बेहतरीन प्रदर्शन के लिए लगभग 30 लाख रुपये मिलेंगे।
दिव्या देशमुख के माता-पिता हैं डॉक्टर
बता दें कि दिव्या देशमुख महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली हैं। उनके माता-पिता दोनों ही डॉक्टर हैं। वह 2017 में ब्राजील में हुए अंडर-12 टूर्नामेंट में भी हिस्सा ले चुकी हैं और इसमें भी उन्हें शानदार जीत मिली थी। इसके अलावा दिव्या साल 2023 में इंटरनेशनल मास्टर भी बन चुकी हैं। उन्होंने पांच साल की उम्र से शतरंज टूर्नामेंट में हिस्सा लेना शुरू किया।
















