बैंक में अक्सर देखा जाता है कि कर्मचारी ग्राहकों के जरूरी काम को समय पर नहीं करते। कभी कहते हैं “लंच के बाद आना”, तो कभी घंटों इंतजार कराते हैं। कई बार तो जब ग्राहक बताए गए समय पर पहुंचते हैं, तब भी संबंधित कर्मचारी अनुपस्थित मिलता है। ये समस्या बहुत आम है लेकिन इसका मुख्य कारण है- ग्राहकों को अपने अधिकारों की जानकारी न होना।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक ग्राहकों को कई अधिकार दिए हैं, जिनका सही उपयोग करके ग्राहक बैंक कर्मचारियों की लापरवाही या टालमटोल के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। अगर कोई कर्मचारी ड्यूटी ऑवर्स के दौरान जानबूझकर आपके काम में देर कर रहा है, या काम करने से मना कर रहा है, तो आप उसकी शिकायत कर सकते हैं और उस पर कड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।अगर बैंक कर्मचारी काम करने में आनाकानी करता है, तो सबसे पहले उसकी शिकायत उसी शाखा के बैंक मैनेजर या नोडल अधिकारी से करें। अधिकतर मामलों में यह पहला कदम ही समस्या का समाधान कर देता है। हर बैंक का एक Grievance Redressal Mechanism (शिकायत निवारण तंत्र) होता है। आप बैंक के शिकायत निवारण नंबर पर कॉल करके या बैंक की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। अधिकतर बैंक इन शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई करते हैं। अगर बैंक आपकी शिकायत का 30 दिन के भीतर समाधान नहीं करता, तो आप RBI के Complaint Management System पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
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शिकायत कैसे करें- वेबसाइट https://cms.rbi.org.in पर जाएं और ‘File a Complaint’ पर क्लिक करें। ईमेल से शिकायत भेजनी हो तो [email protected] पर लिखें। टोल फ्री नंबर 14448 पर कॉल करें (हिंदी और अंग्रेजी दोनों में सेवा उपलब्ध है)। किन बातों की शिकायत कर सकते हैं-
कर्मचारी की लापरवाही या दुर्व्यवहार, ट्रांजैक्शन में देरी, UPI फेल्योर, लोन से जुड़ी समस्याएं, सेवा में टालमटोल या असहमति। बैंक में आपके काम में देरी या लापरवाही को नजरअंदाज न करें। अपने अधिकारों की जानकारी रखें और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई करें।
















