भुवनेश्वर: रविवार को मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 124वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा की दो प्रेरणादायक पहलों की सराहना की। ये सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक परिवर्तन का अद्वितीय संगम प्रस्तुत करती हैं और जिनका नेतृत्व जमीनी स्तर की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। महिलाएं कीर्तन के जरिये जंगलों को बचा रही हैं साथ ही संथाली साड़ी की विरासत को भी जीवंत कर रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में ओडिशा के क्योंझर ज़िले की महिलाओं के एक समूह की प्रशंसा की, जिन्होंने पर्यावरणीय जागरूकता के लिए एक अभिनव तरीका अपनाया है। राधाकृष्ण संकीर्तन मंडली नाम का यह समूह, प्रमिला प्रधान के नेतृत्व में, कीर्तन और भजन जैसे पारंपरिक भक्ति संगीत का उपयोग करके वनाग्नि के खतरों के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है।
लोकगीतों में भारत की विविधता
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विविधता की सबसे सुंदर झलक हमारे लोकगीतों और परंपराओं में मिलती है। लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि कीर्तन के माध्यम से लोगों को जंगल की आग के बारे में जागरूक किया जा रहा है? यह सुनने में भले ही आश्चर्यजनक लगे, लेकिन ओडिशा के क्योंझर में ऐसा प्रेरणादायक कार्य हो रहा है।
वन संरक्षण और जंगल की आग के दुष्प्रभाव बताती हैं
उन्होंने बताया कि यह महिला समूह गांव-गांव जाकर पारंपरिक भजनों को नए शब्दों के साथ प्रस्तुत करता है, जिनमें अब जंगल संरक्षण और वनाग्नियों के दुष्प्रभावों के संदेश होते हैं। इन गीतों के माध्यम से ग्रामीणों को अपने प्राकृतिक परिवेश की रक्षा के महत्व को समझाया जाता है, जिसमें भक्ति और सामाजिक ज़िम्मेदारी का संगम है।
भक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण का मंत्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि भक्ति के साथ यह मंडली अब पर्यावरण संरक्षण का मंत्र जप रही है। प्रमिला प्रधान जी की रचनात्मकता और नेतृत्व ने पारंपरिक संगीत को एक नया उद्देश्य दिया है। यह हमें दिखाता है कि हमारी लोक परंपराएं केवल अतीत की धरोहर नहीं हैं—वे आज भी समाज को दिशा देने की शक्ति रखती हैं।”
संथाली साड़ी का पुनरुद्धार
इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ओडिशा की एक और उल्लेखनीय पहल की भी सराहना की—मयूरभंज ज़िले की 650 से अधिक वनवासी महिलाओं द्वारा पारंपरिक संथाली साड़ी का पुनरुद्धार। कभी विलुप्ति की कगार पर खड़ी इस पारंपरिक साड़ी को इन महिलाओं ने न केवल पुनर्जीवित किया है, बल्कि इसके माध्यम से वे आत्मनिर्भर भी बन रही हैं। ये महिलाएं केवल कपड़े नहीं बना रहीं, वे अपनी पहचान भी गढ़ रही हैं।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने की सराहना
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के क्योंझर जिले की राधा कृष्ण संकीर्तन मंडली के पर्यावरण और वन संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की है। मंत्री ने कहा कि भजन, कीर्तन और लोकगीतों के माध्यम से वनाग्नि के प्रति जागरूकता फैलाने का यह एक अनोखा और प्रेरणादायक प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज के मन की बात कार्यक्रम में इस पहल का उल्लेख किए जाने पर आभार व्यक्त करते हुए प्रधान ने सोशल मीडिया पर लिखा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आभार, जिन्होंने आज के मन की बात कार्यक्रम में ओडिशा के क्योंझर की राधा कृष्ण संकीर्तन मंडली के सतत प्रयासों को देश के सामने प्रस्तुत किया।” उन्होंने मंडली की प्रमुख प्रमिला प्रधान की सराहना करते हुए कहा कि, “प्रमिला प्रधान जी जैसी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाली महिलाएं सचमुच प्रेरणास्रोत हैं।”

















