Agra Conversion Case: आगरा कन्वर्जन और बलरामपुर कन्वर्जन का पैटर्न एक-सा है। हिंदू युवतियों को मुस्लिम बनाने की यह दास्तां केरल फाइल्स फिल्म से भी अधिक खौफनाक है। कन्वर्जन के इस गिरोह में फंसी सदर क्षेत्र की दो सगी बहनों ने जांच एजेंसियों को जो बताया, वो किसी चलचित्र की कहानी नहीं बल्कि वो स्याह हकीकत है, जिसमें भारत और सनातन विरोधी साजिश शामिल है। साथ ही यह एक सबक भी है कि कैसे देश के भीतर मौजूद कन्वर्जन सरगना हिंदू युवतियों का ब्रेनवॉश करते हैं। किस तरह से उन्हें इस्लाम से संबंधित वीडियो दिखाये जाते हैं, और कैसे दिन में पांच बार नमाज पढ़ाकर उनके दिमाग को कब्जे में लिया जाता है।
जाकिर नाइक के वीडियो दिखाकर किया जाता था ब्रेनवॉश
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पुलिस पूछताछ में बहनों ने जो बताया, वो रोंगटे खड़ने करने वाला
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि दोनों बहनें पूरे दिन कोई काम नहीं करती थी। पांच वक्त की नमाज अदा करती थीं। इसके बाद इस्लाम से जुड़े वीडियो देखा करती थीं। जिनमें जाकिर नाइक के वीडियो भी शामिल थे। इतना ही नहीं, कन्वर्जन की शिकार हुई दोनों बहनें इस्लामिक साहित्य पढ़कर, कन्वर्जन से जुड़े वीडियो देखकर खुद भी इस पर लिखने की सोच रही थीं।

इन दोनों सगी बहनों को आयशा की तरह बनाने की तैयारी थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता में दोनों बहनें इन्हीं वीडियो को पूरे दिन देखा करती थीं। जिससे उनके दिमाग पर गहरा असर पड़ा था। यह भी कहा जा रहा है कि ब्रेनवॉश के कारण ही वो दोनों बहनें अन्य लोगों को छोड़ने की शर्त रख रही थीं। पुलिस पूछताछ में ये सारी चीजें सामने आई हैं।
कोलकाता में पूरे दिन जिहादी वीडियो देखा करती थी दोनों बहनें
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उच्च शिक्षित हैं दोनों बहनें, कन्वर्जन गिरोह के जाल में गई थीं फंस
दोनों ही बहनें उच्च शिक्षित हैं। पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। बड़ी बेटी एमफिल है। छोटी पढ़ाई कर रही है। दोनों बहनों को तीन महीने बाद पुलिस ने कोलकाता से खोज निकाला है। अब अलग-अलग टीमें उनसे पूछताछ कर रही हैं। यह भी कहा जा रहा है कि इन दोनों ही बहनों ने जांच एजेंसियों के सामने पकड़े गये सभी 10 लोगों को छोड़ने की शर्त रखी थी। मीडिया रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि जब परिजनों से उनकी मुलाकात कराई गई तब वो बोलने को तैयार हुईं।
पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखती हैं दोनों बहनेंं, बड़ी बहन ने किया था एमफिल
दिल्ली से बिहार और फिर गईं पश्चिम बंगाल
दोनों बहनें घर से निकलने के बाद दिल्ली पहुंचीं। यहां उनको मतांतरण के लिए एक कार्यालय में ले जाया गया लेकिन उन्होंने मना कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में उन्हें मदरसे में भेजा और वहां उन्हें जोया नाम की युवती मिली। उसने उनको इस्लाम के बारे में बताया और उनको बरगलाया। इसी युवती ने दोनों बहनों को तीन दिन तक रखवाया और 10 हजार रुपये भी दिये। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद वो बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल गईं। उनकी मुलाकात रीत बनिक से हुई। जिसने उन्हें कमरा दिया और खाने का इंतजाम किया। जिस कमरे में दोनों बहनों को रखा गया वो मुस्लिम इलाके में था। दोनों बहनें अपने साथ कुछ रुपये और गहने लेकर गई थीं।
आगरा कन्वर्जन गिरोह का मास्टरमाइंड है अब्दुल रहमान
दिल्ली से गिरफ्तार हुआ था अब्दुल रहमान
आगरा कन्वर्जन का मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान दिल्ली से गिरफ्तार हुआ था। वह दिल्ली के सलीमपुरी इलाके में रह रहा था। उसके साथ ही रोहतक की युवती को मुस्लिम बनाकर उसके साथ निकाह करने और फिर तलाक देने वाला जुनैद भी अरेस्ट हो चुका है। अब्दुल रहमान मूल रूप से फिरोजाबाद के रजावली रामगढ़ का रहने वाला है। वह कलीम सिद्दीकी के लिए काम करता था जो जेल में बंद है। अब्दुल रहमान ने ही हरियाणा के रोहतक की युवती को अपने घर बंधक बनाकर रखा था।

















