नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में बड़ी तादाद में हिंदू युवतियों को मुस्लिम बनाये जाने के मामले सामने आये हैं। यहां कन्वर्जन के दो बड़े सरगना जांच एजेसियों के हत्थे चढ़े हैं। जिनसे पूछताछ चल रही है। बलरामपुर में छांगुर उर्फ जलालुद्दीन का गिरोह सक्रिय था। वहीं, आगरा में अब्दुल रहमान संगठित तौर पर सक्रिय होकर हिंदू युवतियों को मुस्लिम बना रहा था। ये दोनों ही कन्वर्जन के मास्टरमाइंड एक ही पैटर्न पर काम कर रहे थे। हिंदू युवतियों को लव-जिहाद और लालच में फंसाया जाता था और उसके बाद ब्रेनवॉश करके उनको कन्वर्ट किया जाता था।
इसे भी पढ़ें-UP हिंदू कन्वर्जन: VHP ने इसे बताया गहरी साजिश, संगठित तरीके से चलाया जा रहा है नेटवर्क
हिंदू संघर्ष समिति के महासचिव अनुप पांडे का दावा है कि हर दिन हजार हिंदुओं को मुस्लिम बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि देश में कन्वर्जन के सरगना संगठित होकर काम कर रहे हैं और इसमें मुस्लिम देश उनकी मदद कर रहे हैं। अनुप पांडे कहते हैं कि पहले आक्रांता तलवार के बल पर, मारपीट कर कन्वर्जन करते थे। अब हिंदुओं के मतांतरण का स्वरूप बदल चुका है।

इसे भी पढ़ें-5 सवाल? आखिर कैसे मौलाना छांगुर हिंदुओं के कन्वर्जन में सफल हुआ- कौन थे मददगार
मुस्लिम गिरोहों द्वारा अब पैसा खर्च करके, धमकाकर और लड़कियों को प्रलोभन देकर मतांतरण किया जाता है। इसमें दुनिया के मुस्लिम देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान और सऊदी अरब फंडिंग करते हैं और उस पैसे को मुस्लिम युवकों को दिया जाता है। ये मुस्लिम युवक इस पैसे के बदौलत हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाते हैं और फिर उनका ब्रेनवॉश करके उनको मुस्लिम बनाते हैं। उनका कहना है कि अगर हिंदू सतर्क नहीं रहेगा तो ऐसी घटनाएं घटती रहेंगी। वह दावा करते हैं कि कन्वर्जन के इस पूरे मामले में कुछ मुस्लिम धर्मगुरु भी शामिल हैं जिन्हें पैसा मिलता है। कन्वर्जन का यह पूरा गिरोह संगठित होकर काम करता है और देश के हर हिस्से में फैला है।
बलरामपुर और आगरा कन्वर्जन के बाद यह भी सवाल उठ रहा है कि कहीं छांगुर और अब्दुल रहमान के बीच कोई संबंध तो नहीं है। दोनों ही कन्वर्जन के सरगनाओं के पास विदेशों से पैसा आ रहा था और दोनों ही एक ही पैटर्न पर हिंदू युवतियों का ब्रेनवॉश कर रहे थे। आगरा कन्वर्जन केस में तो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की भी संलिप्तता सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि आईएसआई देश में लेडी स्लीपर सेल तैयार करने की कोशिश कर रही थी। कश्मीर की युवतियों का एक गैंग हिंदू युवतियों के ब्रेनवॉश में लगा था। उनको पांच वक्त की नमाज अदा कराई जाती थी और कट्टरपंथी जाकिर नाइक के जहर घोलने वाले वीडियो दिखाये जाते थे। युवतियों के ब्रेनवॉश के लिए ऑनलाइन क्लास होती थी जिसमें इस्लाम की शिक्षा दी जाती थी।

















