महात्मा गांधी के हिंद सुराज की कल्पना को नेहरू ने म्यूजियम में डाला : दत्तात्रेय होसबाले जी
August 14, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

महात्मा गांधी के हिंद सुराज की कल्पना को नेहरू ने म्यूजियम में डाला : दत्तात्रेय होसबाले जी

ऐतिहासिक पुस्तक 'फिलॉस्फी एंड एक्शन ऑफ आरएसएस फॉर द हिंद सुराज' के विमोचन पर आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी और सीएम पुष्कर धामी ने संघ की विचारधारा, इतिहास और राष्ट्र निर्माण में भूमिका को रेखांकित किया।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो
Jul 23, 2025, 09:52 pm IST
inभारत, उत्तराखंड

देहरादून । फिलॉस्फी एंड एक्शन ऑफ आरएसएस फॉर द हिंद सुराज पुस्तक के विमोचन के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय जी होसबाले ने कहा कि स्वतंत्र भारत के निर्माण में महात्मा गांधी के हिंद सुराज की परिकल्पना को नेहरू ने म्यूजियम में भेज दिया।

पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय जी होसबाले  ने पुस्तक के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि इसे संघ के पच्चीस वर्ष पूरे होने पर प्रकाशित किया गया था, उस समय लेखक पादरी एंथोनी ने संघ को भविष्य के भारत के राष्ट्रवादी संगठन के रूप में काम करने वाला ,देश की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने वाला, समाज सेवा करने वाला बताया था जबकि उस समय संघ का केवल एक मात्र सहयोगी संगठन विद्यार्थी परिषद का गठन हो पाया था।

यह भी पढ़ें – आरएसएस के 100 साल:  मंडलों और बस्तियों में हिंदू सम्मेलन का होगा आयोजन, हर घर तक पहुंचेगा संघ

सरकार्यवाह ने कहा कि ये पुस्तक केवल संघ के प्रचार मात्र के लिए नहीं है बल्कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को समझने के लिए 75 साल पहले लिखी गई एक कृति है जोकि एक ईसाई व्यक्ति द्वारा जोकि संघ का स्वयंसेवक भी नहीं था उसके द्वारा भारत के उत्थान के लिए काम करने वाले संगठन के लिए एक भविष्यवाणी भी  इस पुस्तक में दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक की 75 साल से
पहले जमुना लाल मेहता ने प्रस्तावना लिखी थी जोकि कांग्रेस के नेता थे।

हिंद सुराज का जिक्र करते हुए सरकार्यवाह जी ने कहा मूलतः ये गांधी जी परिकल्पना थी और उन्होंने इसके बारे में नेहरू को पत्र लिखा था कि आजाद भारत का विकास हिंद सुराज के सिद्धांत पर होना चाहिए जिसके जवाब में नेहरू ने लिखा था कि मैने इसे पहले पढ़ा था वो तब भी मुझे बेतुका लगा था, इसके बाद हिंद सुराज भारत के म्यूजियम में चला गया।

यह भी पढ़ें – आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत जी ने पिता के रूप में किया कन्यादान, बिटिया के पांव पखारे, बारात की अगवानी की

सरकार्यवाह जी ने कहा कि संघ ने रजत जयंती वर्ष जब मना रहा था तब भी प्रतिबंधित था जब स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा था तब भी इस को बैन किया हुआ था, लेकिन जब हीरक जयंती वर्ष मना रहा था और जब शताब्दी वर्ष मना रहा है देश में उसके स्वयंसेवक प्रधान मंत्री है।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1951 में कैथोलिक पादरी फादर एंथोनी द्वारा लिखी गई,  पुस्तक “फिलॉसोफी एंड एक्शन ऑफ़ आरएसएस फॉर हिन्द स्वराज” में न केवल संघ की विचारधारा, संगठनात्मक संरचना और कार्यपद्धति का गहन अध्ययन प्रस्तुत किया, बल्कि “हिंद स्वराज” की मूल आत्मा को भी समेकित रूप से समझाने का काम किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह पुस्तक हमारी आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रारंभिक संघर्षों, त्याग और तपस्या से परिचित कराते हुए उन्हें हमारी वैचारिक परंपरा और कार्यशैली से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी।

यह भी पढ़ें – आरएसएस : संघ की शाखा का कैसे हो रहा सफल संचालन, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले जी ने बताया

मुख्यमंत्री ने कहा कि  फादर एंथोनी ने यह पुस्तक उस समय में लिखी जब “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” को लेकर समाज में अनेकों प्रकार की भ्रांतियां और गलत धारणाएं फैलाई जा रही थीं।  उस चुनौतीपूर्ण कालखंड में फादर एंथोनी ने निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ लिखा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोई सांप्रदायिक संस्था नहीं, अपितु राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित एक अनुशासित और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत संगठन है। उन्होंने संघ के कार्यकर्ताओं के जीवन में अनुशासन, सेवा, समर्पण और देशभक्ति को निकटता से देखा और दुनिया को अवगत कराया कि ये संगठन भारत के पुनर्निर्माण की वास्तविक आधारशिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फादर एन्थोनी ने लिखा कि संघ न केवल हिन्दू धर्म की खोई हुई प्रतिष्ठा को पुनर्स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रहा है बल्कि समाज में व्याप्त कुप्रथाओं का अंत कर संपूर्ण भारतवर्ष को एक सूत्र में पिरोने के कार्य में भी जुटा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आद्य सरसंघचालक परम श्रद्धेय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने जब वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की थी, तब भारत न केवल राजनीतिक दृष्टि से पराधीन था, बल्कि मानसिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से भी खंडित हो चुका था। आज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी सौ वर्षों की तपोमयी यात्रा के माध्यम से भारत में सांस्कृतिक पुनर्जागरण, सामाजिक समरसता, आत्मगौरव और राष्ट्रनिष्ठ सेवा की ऐसी दिव्य धारा प्रवाहित की है, जिसने देश के कोने-कोने में राष्ट्रीय चेतना की अखंड ज्योति प्रज्वलित कर दी है।

यह भी पढ़ें – आरएसएस जैसे पवित्र संगठन से जीवन का सार सीखा, देश के लिए सर्वस्व अर्पित करने की प्रेरणा देता है संघ : पीएम मोदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार भी देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु अपने “विकल्प रहित संकल्प” के साथ निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार द्वारा चलाए जा रहे लैंड जिहाद, थूक जिहाद, अतिक्रमण ,धर्मांतरण जैसे विषयों को भी रखा और कहा कि उनकी सरकार देवभूमि का सांस्कृतिक स्वरूप नहीं बदलने देगी।

फिलॉस्फी एंड एक्शन ऑफ आरएसएस फॉर द हिंद सुराज पुस्तक की प्रस्तावना लिखने वाले प्रज्ञा प्रवाह के संयोजक व  आरएसएस के चिंतक जे. नन्द कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है, इस पुस्तक को जब लिखा जा रहा होगा तब संघ का देश में एक छोटा सा स्वरूप रहा होगा और उस समय जब विभाजन हुआ ,देश आजाद हुआ उस दौरान जो भी इस देश में हुआ उसमें संघ के द्वारा देखी अथवा महसूस की गई सेवाओं को देखते हुए लेखक एंथोनी ने  भविष्य के भारत को संघ के हाथों में सुरक्षित  बताया। उन्होंने कहा कि देश में आज जिस भूमिका में आरएसएस है इसके बारे में लेखक ने कई विषय पूर्व में लिख दिए थे ,इसलिए ये पुस्तक पुनः प्रकाशित किए जाने पर विचार किया गया ।

प्रभात प्रकाशन के स्वामी प्रभात कुमार ने इस अवसर पर सभी अतिथियों से पुस्तक का विमोचन करवाते हुए पाठकों को समर्पित किया।

 

Topics: हिंद सुराजRSS शताब्दीफादर एंथोनीप्रभात प्रकाशनसंघ दर्शनराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघRSS विचारधारापुष्कर सिंह धामीधार्मिक समरसतादत्तात्रेय होसबालेदेवभूमिहिंदू पुनर्जागरणRSS पुस्तक
Share1
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

लखपति दीदी (चित्र प्रतीकात्मक, एआई द्वारा निर्मित)

उत्तराखंड की बड़ी उपलब्धि: लखपति दीदियों की संख्या 3 लाख के पार, जानें कैसे बदली इनकी दुनिया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क में हर घर तिरंगा यात्रा में हिस्सा लिया, राष्ट्रभक्ति का आह्वान

पिथौरागढ़: आदि कैलाश यात्रा को वर्षभर संचालित करने की दिशा में जिला प्रशासन की तैयारियां शुरू

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्री दत्तात्रेय होसबाले। साथ में हैं डॉ. अतुल कोठारी (दाएं) और अन्य अतिथि

‘आत्मविश्वासी और उत्तरदायी नागरिकों के निर्माण से भारत होगा विकसित’

Pushkar Singh Dhami meeting with officials

उत्तराखंड में दो आधुनिक साहित्य ग्राम: गढ़वाल व कुमाऊँ में साहित्यिक पर्यटन को नई पहचान

ज्ञान, कौशल और चरित्र: विकसित भारत 2047 की शिक्षा दृष्टि

Load More

ताज़ा समाचार

प्रतीकात्मक तस्वीर

अमेरिका की मनमानी: भारत समेत 40 देशों पर चीन को टैरिफ से बचाने का आरोप लगा दिया, AI से पकड़ेगा ट्रांसशिपमेंट

प्रतीकात्मक तस्वीर

200+ दिनों की समुद्री तैनाती के बाद खाड़ी में अमेरिका बदल रहा है एयरक्राफ्ट कैरियर, लंबी तैनाती से स्वास्थ्य खराब

आज का श्लोक : उत्कर्षों हास्तु हिन्दूनां, अखण्डं भारतं तथा। कृण्वन्तो विश्वमार्य च प्रतिज्ञा सफला भवेत्

अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर फहराती धर्म ध्वजा

राम मंदिर के CEO इंटरव्यू में क्या जनेऊ और खान-पान पर पूछे गए सवाल? जानें क्या है सच

chamoli tunnel accident

उत्तराखंड : निर्माणाधीन टनल में मलबा भरा, 13 लोगों का सुरक्षित निकाला गया, रेस्क्यू जारी

रामलीला मैदान में यज्ञ

कांग्रेस की रैली के बाद रामलीला मैदान में पेशाब से भरी बोतलें मिलने का दावा, शुद्धिकरण यज्ञ में थे वंचित समाज के लोग

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और संदीप दीक्षित

और कितना नीचे गिरेगी कांग्रेस? राहुल गांधी ने PM मोदी की विदेश नीति का उड़ाया मजाक, इटली की पीएम मेलोनी का भी अपमान

राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी

‘सुशासन संवाद-राजस्थान’: राष्ट्रीय चेतना की सशक्त आवाज है पाञ्चजन्य- CM भजनलाल शर्मा

राजस्थान: 473 विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू परिवारों को मिले पक्के घर, CM भजनलाल शर्मा ने सौंपी खुशियों की चाबी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

सीएम धामी ने युवाओं से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का किया आह्वान

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies