इस्लामवादियों का साहस कितना बढ़ा हुआ है, आप इस बात से समझ सकते हैं कि अफ्रीकी देश घाना के राष्ट्रपति महामा तक को वे धर्मान्तरण कर इस्लाम कबूलने के लिए कह रहे हैं। जबकि, महामा खुद एक ईसाई हैं। उन्हें इस्लामी मौलवी शेख अब्दुल मलिक मैगा ने इस्लाम अपनाने को लेकर विचार करने का सुझाव दे दिया।
क्या है पूरा मामला
newsghana.com.gh की रिपोर्ट के अनुसार, ये घटना बीते शुक्रवार (4 जुलाई) की बताई जा रही है। कासोआ में इस्लामिक मौलवी शेख अब्दुल मलिक मैगा ने जुमे की नमाज के बाद एक इस्लामी अपदेश दिया। इश दौरान उन्होंने वहां उपस्थित मुस्लिमों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रपति महामा पर अल्लाह की कृपा है। इसीलिए पूर्व राष्ट्रपति अट्टा मिल्स की मौत के बाद 2012 वे राष्ट्रपति पद पर आसीन हो सके।
मौलवी ने कहा कि ये सत्य है कि अल्लाह ने राष्ट्रपति महामा पर दया दिखाई है और उनका नेतृत्व घाना के लिए आशीर्वाद की तरह है। इसके साथ ही इस्लामी मौलवी ने कहा कि महामा अगर अल्लाह की दया का पात्र बने रहना चाहते हैं तो उन्हें इस्लाम अपनाना चाहिए। मौलवी यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि जिस प्रकार 2016 में सत्ता खोने के बाद महामा ने 2024 में फिर से राष्ट्रपति कार्यालय में वापसी की, ये सब अल्लाह की योजना का ही वसीयतनामा था।
बहरहाल, अभी तक घाना प्रेसीडेंसी या नेशनल डेमोक्रेटिक कांग्रेस ने मौलवी के इस उवाच पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उल्लेखनीय है कि अगर राष्ट्रपति महामा के बारे में जानने की कोशिश करें तो पता चलता है कि महामा तो ईसाई मत को मानने वाले हैं। जबकि, उनके परिवार में कुछ लोगों का झुकाव इस्लाम की तरफ भी है।
पीएम मोदी के घाना दौरे के बाद हुआ ये
गौरतलब है कि हाल ही में घाना के दौरे पर गए थे। जहां उन्हें घाना के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी नवाजा गया था।

















