नई दिल्ली । भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी 1970 के दशक में एक लड़ाकू विमान सौदे में ‘बिचौलिए’ की भूमिका में थे। भाजपा सांसद ने यह दावा विकीलीक्स की एक पुरानी रिपोर्ट के हवाले से किया और साथ ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भी रक्षा सौदों में जरूरत से ज़्यादा दखल देने का आरोप लगाया।
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सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए भाजपा सांसद ने लिखा कि 21 अक्टूबर 1975 को एक स्वीडिश राजनयिक ने अमेरिकी अधिकारियों को जानकारी दी थी कि स्वीडन की कंपनी साब-स्कैनिया भारत को विगेन फाइटर जेट बेचना चाहती थी। इस प्रक्रिया में इंदिरा गांधी के बेटे और पायलट राजीव गांधी ‘मध्यस्थ’ की भूमिका में थे।
2013 में विकिलीक्स ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी व इंदिरा गांधी जी के लिए चौंकाने वाले ख़ुलासे किए
1. अक्टूबर 21 1975 को स्वीडन के राजनायिक ने अमेरिकी सरकार को यह बताया कि Saab- scania कम्पनी भारत में Viggen युद्धक विमान बेचना चाहती है और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा जी… pic.twitter.com/LCo0xmFX9Q— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) July 4, 2025
भाजपा सांसद ने सवाल उठाया कि जब 2013 में विकीलीक्स ने यह खुलासा किया था, उस वक्त देश में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार सत्ता में थी। ऐसे में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने न तो अमेरिका सरकार से सफाई मांगी, और न ही स्वीडन से कोई जवाब-तलबी की। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, “काश, उस वक्त कुछ किया गया होता!”
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भाजपा सांसद के इस बयान से कांग्रेस पर एक बार फिर से सवाल खड़े हो गए हैं, खासकर उस दौर को लेकर जब इंदिरा और राजीव गांधी सत्ता में थे। हालांकि कांग्रेस की तरफ से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

















