वैसे तो यूरोप के देश वैसे तो लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। यूरोपीय देशों में तेजी से युवाओं में लोकतंत्र के प्रति भरोसा घट रहा है। इस बात का खुलासा हाल ही में हुए एक सर्वे से हुआ है। सर्वे में खुलासा हुआ है कि केवल 57 फीसदी युवा, जिनका आयु 16-26 है, ये मानते हैं कि लोकतंत्र सरकार का सबसे अच्छा स्वरूप है। लेकिन, एक हकीकत ये भी है कि लोकतंत्र के प्रति लोगों का भरोसा गिरता जा रहा है।
द गॉर्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, पोलैंड में यह समर्थन 48% तक गिर जाता है, जबकि फ्रांस और स्पेन में यह 51-52% के आसपास है। दूसरी ओर, जर्मनी में 71% युवा लोकतंत्र को मानते हैं।
किसने किया सर्वे
ये सर्वे अप्रैल और मई 2025 में YouGov इंस्टीट्यूट द्वारा Tui फाउंडेशन के लिए आयोजित किया गया, जिसमें ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, इटली, ग्रीस और पोलैंड के 6,700 से अधिक युवाओं को शामिल किया गया था। इस मामले में बर्लिन की फ्री यूनिवर्सिटी के पॉलिटिकल साइंटिस्ट थॉर्स्टन फास, जो कि इस स्टडी से जुड़े थे, उनका कहना है कि दक्षिणपंथी विचारधारा और आर्थिक रूप से वंचित महसूस करने वाले युवाओं में लोकतंत्र के प्रति समर्थन केवल एक-तिहाई रह जाता है। यह असंतोष यूरोप की बदलती भू-राजनीतिक स्थिति, जैसे रूस-यूक्रेन युद्ध और आर्थिक संकट, से भी प्रभावित है।
क्या कहते हैं आंकड़े
सर्वेक्षण में कहा गया है कि केवल 57% युवा (16-26 आयु वर्ग) मानते हैं कि लोकतंत्र सरकार का सबसे अच्छा रूप है। पोलैंड में यह समर्थन 48% तक गिर जाता है, जबकि फ्रांस और स्पेन में यह 51-52% के आसपास है। दूसरी ओर, जर्मनी में 71% युवा लोकतंत्र को समर्थन देते हैं।
सत्तारूढ़ पार्टी पर भरोसा
इस सर्वे में कहा गया है कि 21 फीसदी युवा मौजूदा सत्तारूढ़ पार्टी को ही स्वीकार करने को तैयार हैं। इसके अलावा इटली में 24% तक पहुंचता है, जबकि जर्मनी में यह 15% है। फ्रांस, स्पेन और पोलैंड में 23% युवा सत्तावादी शासन के पक्ष में हैं। इसके अलावा, 10% युवाओं को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उनकी सरकार लोकतांत्रिक है या नहीं, और 14% ने इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया। खास बात ये है कि अब केवल 42% युवा यूरोपीय संघ को वैश्विक शक्ति के रूप में शीर्ष तीन में मानते हैं।
जर्मनी के 61 फीसदी युवा अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था को खतरे में मानते हैं। चीन का उदय और रूस की आक्रामक नीतियों ने यूरोप के युवाओं में शक्ति संतुलन के बदलाव की धारणा को बढ़ाया है।













