देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एक प्रस्ताव पर मुहर लगी है. दरअसल, हर साल कोकून की एमएसपी तय की जाती है. इसी क्रम में इस साल भी रेशम विभाग ने कोकून की नई एमएसपी का प्रस्ताव तैयार किया था, जिस पर मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी है। सरकार ने पिछले साल कोकून के लिए तय की गई एमएसपी में इस साल बढ़ोत्तरी की है. जिसके तहत उच्च क्वालिटी के कोकून की कीमत को 400 रुपए प्रति किलो से बढ़ाकर 440 रुपए प्रति किलो किया गया है.
रेशम विभाग में कोकून की एमएसपी की गई तय
ए ग्रेड के कोकून की कीमत 400 से बढ़ाकर 440 रुपए प्रति किलो की गई.बी ग्रेड के कोकून की कीमत 370 से 395 रुपए प्रति किलो की गई.सी ग्रेट के कोकून की कीमत 280 से 290 रुपए प्रति किलो की गई.डी ग्रेट के कोकून की कीमत 230 से बढ़कर 240 रुपए प्रति किलो की गई.कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में एक ही प्रस्ताव पर मुहर लगी है. जिसमें कृषि विभाग के तहत सिल्क के कोकून की नई एमएसपी तय की गई है.
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हालांकि, हर साल कोकून की एमएसपी तय की जाती है, जिसके क्रम में इस साल भी कोकून की नई दरें तय की गई है. पिछले साल के मुकाबले इस साल कोकून की दरों में बढ़ोतरी की गई है. इससे प्रदेश में सिल्क के उत्पाद को बढ़ाने में मदद मिलेगी. वर्तमान समय में प्रदेश के दो जिलों देहरादून और बागेश्वर में मुख्य रूप से कोकून का उत्पादन किया जा रहा है. लेकिन सरकार के इस प्रोत्साहन से आने वाले समय में कोकून के उत्पादन में बढ़ोतरी होगी.,
मंत्री जोशी ने कहा कि सिल्क की क्वालिटी काफी बेहतर है. क्योंकि उत्तराखंड के कोकून से बनी सिल्क की साड़ियों की डिमांड न सिर्फ प्रदेश में बढ़ी है, बल्कि अन्य राज्यों में भी काफी अधिक पसंद की जा रही है. क्योंकि तमाम जगहों पर एक्सपो का आयोजन किया जाता है, जिसमें उत्तराखंड के सिल्क साड़ियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाती है. जिसके चलते टर्नओवर बढ़ता जा रहा है. किसानों को कोकून के बीज समय पर उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार काम कर रही है. लेकिन अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है कि कोकून का बीज किसानों को समय पर उपलब्ध नहीं हो रहे है।
यूपी उत्तराखंड परिसंपत्तियों मामलों की समीक्षा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड राज्य के मध्य अवशेष आस्तियों एवं दायित्वों के मामलों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिन मामलों में दोनों राज्यों के बीच पिछली बैठक में सहमति बनी थी, उनमें से जिन मामलों में कार्यवाही गतिमान है, उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक कर उनका जल्द समाधान किया जाए।
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मुख्यमंत्री धामी दोनों राज्यों के अवशेष आस्तियों एवं दायित्वों के मामले में जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक करेंगे। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की पिछली बैठक के बाद जिला उधमसिंहनगर एवं हरिद्वार में स्थित जलाशयों /नहरों में वाटर स्पोर्टस की अनुमति दी जा चुकी है।
सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा विद्युत बिलों के रूप में 57.87 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश मत्स्य निगम द्वारा उत्तराखण्ड मत्स्य पालन विकास अभिकरण को 3.98 करोड़ रूपये का भुगतान किया जा चुका है।
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वन विकास निगम उत्तराखण्ड को दी जाने वाली देयताओं का आंशिक भुगतान किया गया है। परिवन निगम की अवशेष राशि का भुगतान किया गया जा चुका है। आवास विभाग के अन्तर्गत आवास विकास परिषद की परिसम्पत्तियों के निस्तारण का निर्णय हुआ है।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. नीरज खेरवाल एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

















