पाकिस्तान: सिंध में 3 हिन्दू बहनों और 13 साल के भाई को अगवा किया, मजहब परस्त अदालत ने दिया हैरान करने वाला फैसला
September 25, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

पाकिस्तान: सिंध में 3 हिन्दू बहनों और 13 साल के भाई को अगवा किया, मजहब परस्त अदालत ने दिया हैरान करने वाला फैसला

सिंध की यह घटना इस बात की गवाही देती है कि पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति दोयम दर्जे की बन चुकी है। बहुसंख्यक कट्टर मुसलमानों में उनके प्रति किसी प्रकार की मानवीय संवेदना नहीं बची है

Written byAlok GoswamiAlok Goswami
Jun 21, 2025, 06:19 pm IST
inविश्व, विश्लेषण
Representational Image

Representational Image

जिन्ना के देश में हिन्दू उत्पीड़न का एक और मामला सामने आया है। वहां सिंध प्रांत में कट्टर मजहबी तत्वों ने तीन हिंदू बहनों और उनके 13 वर्षीय चचेरे भाई का अपहरण कर जबरन इस्लाम में कन्वर्ट किया गया। यह उस इस्लामी देश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के सुनियोजित उत्पीड़न की एक और भयावह मिसाल है। हालांकि वक्त रहते उन बहनों और उनके भाई को स्थानीय हिन्दुओं ने पुलिस पर दबाव बनाकर छुड़वा लिया। लेकिन फिर अदालत ने ऐसा फैसला सुनाया कि उनके माता—पिता के पैरों तले से जमीन खिसक गई। अदालत ने दो बालिग लड़कियों को तो इस्लामी ही रहने के आदेश देकर उन्हें माता—पिता को नहीं, एक ट्रस्ट के हवाले कर दिया। लेकिन दो नाबलिग बच्चों को भी उनके माता—पिता को इस शर्त पर वापस सौंपने को कहा जब वे 10 करोड़ का बांड यह लिखकर भरेंगे कि वे उन दोनों पर वापस हिन्दू बनने का जोर नहीं डालेंगे!

हुआ यूं था कि गत 18 जून सिंध के संघर जिले के शाहदादपुर शहर में जिया (22), दिया (20), दिशा (16) और उनके एक चचेरे भाई हरजीत (13) को एक स्थानीय कंप्यूटर शिक्षक फरहान खासखेली द्वारा बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया गया। बाद में इन बच्चों का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें वे ‘स्वेच्छा से’ इस्लाम कबूल करने की बात कह रहे थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्हें अपने इस फैसले के बाद अपने परिवारों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने का डर है। यह देख—सुनकर हिन्दुओं में आक्रोश फैल गया। हिन्दू पंचायत ने इसे जबरन कराया कनवर्जन कहा।

फौरन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई। भाई-बहनों की माओं, जो स्पष्ट रूप से व्यथित थीं और रो रही थीं, ने स्थानीय कंप्यूटर शिक्षक, फरहान खासखेली पर बच्चों का ब्रेनवॉश करने और उनका अपहरण करने का आरोप लगाया। हरजीत की मां ने रोते हुए कहा, “मुझे अपना बेटा वापस चाहिए। वह केवल 13 साल का है और मजहब के बारे में कुछ नहीं समझ सकता।” मां ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी से अपने बेटे को वापस पाने में मदद करने की अपील की।

File Photo

उधर तीनों बहनों की मां ने कथित कन्वर्जन और अपहरण के लिए भी खासखेली को ही जिम्मेदार ठहराया। मां ने कहा, “मेरी तीन बेटियां हैं, खासखेली उन तीनों को ले गया है।” हिंदू पंचायत के प्रमुख राजेश कुमार ने इस घटना को न केवल एक पारिवारिक त्रासदी, बल्कि एक सांप्रदायिक त्रासदी बताया। उन्होंने कहा, “ये लड़कियां सिर्फ़ हिंदुओं की बेटियां नहीं हैं, ये सिंध की बेटियां हैं।” उन्होंने उनकी तस्वीरें दिखाते हुए सवाल किया कि क्या वे इतनी परिपक्व हैं कि किसी मजहब के बारे में कुछ फैसला कर सकें? 18 जून को ही पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। संघर के एसएसपी गुलाम नबी कीरियो ने पंचायत को पुलिस की त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। 19 जून को पुलिस ने ​कराची से तीनों बहनों, उनके भाई और दो आरोपियों, फरहान और जुल्फिकार खासखेली को बरामद किया और उन्हें संघर लेकर आई।

20 जून को संघर की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए दो बालिग लड़कियों को उनके इस्लामी नाम और मजहब को बनाए रखने का फैसला दिया और “सुरक्षित पनाह” में भेज दिया, जबकि दो नाबालिगों को उनके माता-पिता को सौंपने के लिए करीब 30—30 लाख रु. के बॉन्ड भरवाये गये हैं। दोनों आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया। फरहान पर तो कथित तौर पर बंदूक की नोक पर शिकायतकर्ता के बच्चों का अपहरण करने और उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया था, लेकिन इस्लामी अदालत में सब आरोप धरे रहे गए।

यह निर्णय न केवल वहां की अदालत की असंवेदनशीलता दिखाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पाकिस्तान की न्याय प्रणाली किस हद तक अल्पसंख्यकों के खिलाफ पक्षपातपूर्ण हो सकती है। हैरानी की बात है कि इस अपहरण और जबरन कन्वर्जन की घटना के आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया, जिससे पीड़ित परिवार और समुदाय में गहरा आक्रोश है।

वैसे देखा जाए तो यह घटना कोई अपवाद नहीं है। पाकिस्तान में सिंध और पंजाब के ग्रामीण इलाकों में हिंदू लड़कियों के अपहरण, कन्वर्जन और जबरन निकाह की घटनाएं आम सुनने में आती रही हैं। अक्सर पीड़ित परिवार गरीब होते हैं और उनके पास कानूनी लड़ाई लड़ने लायक पैसे नहीं होते। सामाजिक दबाव और धमकियों के कारण वे चुप रहने को मजबूर हो जाते हैं। यह वहां तेजी से चलाया जा रहा लव जिहाद है, जिसके माध्यम से कट्टर मजहबी तत्व हिंदू समुदाय की पहचान और अस्तित्व को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस मामले पर सिंध मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान तो लिया, लेकिन अब तक इस बारे में जो प्रशासनिक कार्रवाई की गई है वह केवल दिखावा ही रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र को इस तरह के मामलों पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। पाकिस्तान में पांथिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा केवल कागज़ों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत बेहद भयावह है।

समझने की बात है कि 1947 में पाकिस्तान बनने के वक्त वहां हिंदुओं की आबादी लगभग 15-20 प्रतिशत थी, जो आज घटकर शायद कुल 1 प्रतिशत रह गई है। इसके मुख्य कारण हैं—जबरन कन्वर्जन, सामाजिक बहिष्कार, आर्थिक भेदभाव और हिंसा। सिंध, जहां हिंदुओं की आबादी अपेक्षाकृत अधिक है, वहां भी हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।

सिंध की यह घटना इस बात की गवाही देती है कि पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति दोयम दर्जे की बन चुकी है। बहुसंख्यक कट्टर मुसलमानों में उनके प्रति किसी प्रकार की मानवीय संवेदना नहीं बची है। सिंध की घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की पीड़ा है। जब तक पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को समान अधिकार और न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वहां की लोकतांत्रिक और मानवाधिकार की छवि केवल एक दिखावा बनी रहेगी। यह समय है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठाए।

Topics: court rulingIslamConversionपाकिस्तानPakistanहिंदूsindhसिंधHindu sisters
Alok Goswami
Alok Goswami
A Delhi based journalist with over 25 years of experience, have traveled length & breadth  of the country and been on foreign assignments too. Areas of interest include Foreign Relations, Defense, Socio-Economic issues, Diaspora, Indian Social scenarios, besides reading and watching documentaries on travel, history, geopolitics, wildlife etc. [Read more]
Share12
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Hyatt Hotel में Conversion हुआ या नहीं? 500 लोगों की लिस्ट से खुलेगा राज? – Ft. Priyank Kanoongo

मक्का पैक्ट पाकिस्तान के लिए एक समस्या बनता जा रहा है

मक्का समझौते के बाद पाकिस्तान के सामने नई मुसीबत, हूतियों की धमकी ने बढ़ाई टेंशन

पाकिस्तान में नमाज के वक्त कैसे हुआ फिदायीन हमला? 16 की मौत 50 से अधिक घायल

पाकिस्तान में बेअदबी के आरोप में युवक को किया गया गिरफ्तार

पाकिस्तान में फिर बेअदबी कानून का शिकार हुआ ईसाई युवक, जानें इस बार क्या आरोप लगाया

श्री अभिजीत अय्यर मित्रा जी- लेखक एवं टिप्पणीकार

‘BRICS में पाकिस्तान को जगह क्यों नहीं?’ अभिजीत अय्यर मित्रा ने बताया भारत का पूरा गेमप्लान

पाकिस्तान का झूठ दुनियाभर में फिर हुआ उजागर : हिंदुओं के पास न अधिकार और न ही सुनवाई

Load More

ताज़ा समाचार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

Fact Check: क्या AI इंसान की सीखने की क्षमता कम कर रहा है?

Benjamin Netanyahu UAE Visit

Explainer: UNGA नेतन्याहू का तूफानी भाषण, 77 देशों का वॉकआउट और सड़कों पर हजारों प्रदर्शनकारी; झुके नहीं बेंजामिन

टिहरी झील को ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी, 8000 हेक्टेयर का मास्टर प्लान तैयार होगा

Dehradun Pachhwa Doon Government Land Illegal Religious Structures Encroachment DM Ashish Chauhan Panchjanya

UN में पाकिस्तान की फजीहत: मीडिया ने पूछा-आतंकियों को पालना कब बंद करेंगे? भागे प्रधानमंत्री शहबाज

प्रतीकात्मक तस्वीर

अनंत चतुर्दशी का गूढ़ रहस्य: 14 लोक, विष्णु पूजन और गणेश विसर्जन की कथा

एशियन गेम्स 2026: भारत का स्वर्णिम सफर जारी, जीता दूसरा गोल्ड; जानिए अब तक कितने पदक आए भारत की झोली में

PT Deendayal Upadhyay

पंडित दीनदयाल उपाध्याय का एकात्म मानव-दर्शन: राष्ट्र सर्वप्रथम, अंत्योदय औऱ भारतीयता

लोकसभा में राहुल गांधी

राहुल गांधी का भाजपा और सरकारों के एंटी-इंकम्बेंसी पर मिथ्या प्रलाप

बहुआयामी वीर सावरकर : ‘भारतीय संवत्सर’ के स्वप्नद्रष्टा

चक्रवात अर्नब ने मचाई तबाही: 22 राज्यों में बारिश का अलर्ट, ओडिशा-आंध्र सबसे अधिक प्रभावित, 5000 लोगों का रेस्क्यू

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies