रायसेन, सिरोंज एवं विदिशा जिलों में आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्गों का समापन समारोह 1 जून को आयोजित हुआ। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने सूर्य नमस्कार, योग, व्यायाम, दंड युद्ध, नियुद्ध और पद-विन्यास का प्रभावी प्रदर्शन किया।
रायसेन में मुख्य वक्ता और प्रांत संघचालक अशोक पांडेय ने कहा कि शुरुआती दौर में संघ को उपेक्षा, उपहास और अपमान का सामना करना पड़ा, फिर भी संघ समाज-हित में निरंतर कार्य करते हुए जन-जन तक पहुंचा।
सिरोंज में समारोह की अध्यक्षता करने वालेे श्री श्री 1008 ईश्वर दास जी ने कहा कि स्वयंसेवक अपनी साधना एवं त्याग के बल पर समाज सेवा में रत रहते हैं। उन्हें यह शिक्षा शाखा एवं वर्ग के माध्यम से प्राप्त होती है।
मुख्य वक्ता डॉ. राजेश सेठी ने कहा कि यह संघ ही है जहां व्यक्ति आता है तो उसका अहंकार समाप्त हो जाता है एवं संस्कारों का निर्माण होने लगता है। इन शिक्षा वर्गों में संघ दृष्टि के 31 जिलों से आए 801 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

















