गत मई को जोधपुर में राष्ट्र सेविका समिति का 15 दिवसीय प्रवेश शिक्षा वर्ग व घोष वर्ग संपन्न हुआ। शिक्षार्थियों ने इस अवसर पर वैदिक मंत्रों के साथ योगासन, दंड, यष्टि, नियुद्ध, गणसमता, योगचाप प्रदर्शन के साथ ही घोष की विभिन्न रचनाओं वादन किया। समापन समारोह की अध्यक्ष प्रतिभा गर्ग (सीमा सुरक्षा बल, जोधपुर की अधिकारी) ने शिक्षार्थियों को जीवन में श्रेष्ठ विचारों के साथ सामर्थ्यवान बन आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि हम सभी सेविका बहनें अपनी शक्ति भूली बैठी हैं लेकिन राष्ट्र सेविका समिति जामवंत की तरह भूली हुई शक्ति की याद दिला कर हमें जाग्रत कर रही है। हमें जाग्रत रहकर अपना, परिवार, समाज और राष्ट्र का रक्षण और संरक्षण करना है, अपनी संस्कृति को बचाकर रखना है। मुख्य वक्ता और संवर्धिनी सेवा न्यास की अखिल भारतीय संगठन सचिव माधुरी मराठे ने समिति की स्थापना, कार्य व उद्देश्य के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि भारत भूमि, देव भूमि, पुण्य भूमि है। इसकी सीमाएं अफगानिस्तान तक फैली हुई थीं। उन्होंने बप्पा रावल, चंद्रगुप्त मौर्य, कृष्णदेव राय, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी, पृथ्वीराज चौहान का स्मरण करते हुए कहा कि इनके शौर्य, पराक्रम और त्याग से ही अपना देश व संस्कृति बचे रहे।
मुख्य अतिथि रहीं पुलिस उप अधीक्षक सीमा चोपड़ा। वर्गाधिकारी सरोज न्योल ने वर्ग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ग मेें जोधपुर प्रांत के 7 विभागों के 20 जिलों के 96 स्थानों से 183 शिक्षार्थी सहित कुल 239 बहनों ने भाग लिया।

















