महाकुम्भ में महा रिकॉर्ड : 44 दिन और 64 करोड़ श्रद्धालु, योगी राज में सनातन धर्म का महापर्व
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महाकुम्भ में महा रिकॉर्ड : 44 दिन और 64 करोड़ श्रद्धालु, योगी राज में सनातन धर्म का महापर्व

महाकुम्भ 13 जनवरी से शुरू हुआ था। औसतन हर दिन करीब 1.5 करोड़ की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगायी।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Feb 25, 2025, 01:07 pm IST
inभारत
Prayagraj Mahakumbh

महाकुंभ की तस्वीर

महाकुम्भ नगर, (हि.स.)। प्रयागराज में चल रहा महाकुम्भ मेला अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। संगम के किनारे पिछले करीब डेढ महीने से जारी महाकुम्भ एक दिन बाद खत्म हो जाएगा। 144 साल बाद हो रहे इस महाकुम्भ ने यूपी सरकार की झोली में एक के बाद एक रिकॉर्ड डाल दिए हैं। पहले महाकुम्भ ने यूपी को मालामाल कर दिया। फिर खास हवाई रिकॉर्ड बना दिया। अब महाकुम्म में आने वाले श्रद्धालुओं ने भी एक खास रिकॉर्ड तैयार कर दिया है।

महाकुम्भ 13 जनवरी से शुरू हुआ था। औसतन हर दिन करीब 1.5 करोड़ की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगायी। ऐसे में राज्य सरकार से लेकर जिला प्रशासन तक अलर्ट मोड में हैं। महाकुम्भ का समापन 26 फरवरी को होगा। महाकुम्भ के आखिरी स्नान पर्व के लिए मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ रही है। क्राउड मैनेजमेंट के लिए प्रशासन सतर्क है।

महाकुम्भ का आज से अब सिर्फ एक दिन बचा हुआ है। 44 दिन आज पूरे हो चुके हैं। अब तक 64 करोड़ से ज्यादा लोग प्रयागराज आकर स्नान संगम में कर चुके हैं। 26 फरवरी महाशिवरात्रि के आखिरी कुम्भ स्नान में भारी संख्या में श्रद्धालु आने की संभावना है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए महाप्लान तैयार कर लिया गया है। जहां बड़ी संख्या में पुलिस जवान मौजूद रहेंगे, वहीं रेलगाड़ियों और बसों के भी विशेष इंतजाम किये गये हैं। इस बीच महाकुम्भ में श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। पिछले सात दिनों में महाकुम्भ में रोजाना एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु त्रिवेणी की धारा में आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। अगर औसत की बात की जाए तो अब तक हर रोज डेढ करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। श्रद्धालुओं की यह संख्या अपने आप में ​एक महारिकॉर्ड है।

70 करोड़ को छुएगा आंकड़ा

महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व तक श्रद्धालुओं की भीड़ की संख्या 68—70 करोड़ के बीच रहने का अनुमान है। मंगलवार सुबह 10 बजे तक करीब 51 लाख श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। सोमवार को 1.30 करोड़ ने संगम में स्नान किया था।

शाम चार बजे से नो व्हीकल जोन

महाकुम्भ का कल यानी महाशिवरात्रि को आखिरी दिन है। मंगलवार सुबह से फिर मेले में जबरदस्त भीड़ है। आसपास के जिलों से लोग पहुंच रहे हैं। प्रयागराज शहर के सभी एंट्री पॉइंट पर जाम लगा है। पुलिस धीरे-धीरे वाहनों को निकाल रही है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने आज शाम 6 बजे से प्रयागराज कमिश्नरेट यानी शहर को नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया। शाम से कोई भी वाहन शहर में एंट्री नहीं कर पाएंगे। वहीं, मेला क्षेत्र शाम 4 बजे से नो-व्हीकल जोन हो जाएगा।

10 किलोमीटर पहले पार्किंग

भीड़ को देखते हुए मंगलवार सुबह से ही प्रयागराज पहुंचने वाली गाड़ियों को संगम से 10 किमी पहले पार्किंग में रोका जा रहा है। प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु नजदीकी घाट पर स्नान करें और घर जाएं। आज सुबह 10 बजे तक 50.76 लाख लोगों ने डुबकी लगाई है। महाकुम्भ में निगरानी के लिए एयरफोर्स तैनात किया गया है। आखिरी स्नान से पहले महाकुम्भ में एयरफोर्स को तैनात किया गया है। हवाई निगरानी और आपात स्थिति में हेल्प के लिए तैनाती की गई है।

महाकुम्भ में आज से नया ट्रैफिक प्लान

महाशिवरात्रि पर महाकुम्भ मेला क्षेत्र में नया ट्रैफिक प्लान लागू रहेगा। 25 फरवरी की सुबह 8 बजे से 27 फरवरी की सुबह 8 बजे तक मेला क्षेत्र में प्रशासनिक और चिकित्सीय वाहनों को छोड़कर अन्य सभी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालु अपने वाहनों को प्रशासन द्वारा निर्धारित 36 पार्किंग स्थलों पर खड़ा कर सकेंगे। श्रद्धालु निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। पार्किंग स्थल से स्नान घाटों तक पहुंचने के लिए प्रशासन शटल बस सेवा उपलब्ध कराएगा। किसी भी आपातकालीन स्थिति में यातायात पुलिस, सुरक्षा बलों और चिकित्सा दलों की सहायता ली जा सकती है।

Topics: प्रयागराजमहाशिवरात्रिशिवरात्रिमहाकुंभ मेलामहाकुंभतीर्थराज प्रयागमहाकुंभ में रिकॉर्ड
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