महत्वपूर्ण दिन था 6 फरवरी, फिर भी महिला विमर्श से गायब रहा 'महिला खतना जागरूकता दिवस'
July 26, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

महत्वपूर्ण दिन था 6 फरवरी, फिर भी महिला विमर्श से गायब रहा ‘महिला खतना जागरूकता दिवस’

Female genital mutilation अर्थात महिलाओं के खतने में बच्चियों की क्लिटोरिस को काट दिया जाता है और जो प्रक्रिया बहुत ही दर्दनाक होती है। इसके अतिरिक्त भी कुछ और तरीके होते हैं, जिनसे लड़कियों का खतना किया जाता है।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा
Feb 17, 2025, 11:13 am IST
in विश्व, विश्लेषण
Female Genital Mutilation

प्रतीकात्मक तस्वीर

6 फरवरी को एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिन विश्व में मनाया जाता है। यह महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है। परंतु यह दुर्भाग्य की बात है कि इस महत्वपूर्ण दिन पर और जिस विषय पर यह मनाया जाता है, वह विषय विमर्श से अछूता है अर्थात वहाँ पर विमर्श की एक क्षीण सी रेखा भी नहीं पहुँचती है। यह जानते हुए भी कि यह विषय बहुत ही महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है, इस विषय पर महिला विमर्श के साथ ही मानवाधिकार के मुद्दे पर भी मौन रहता है।

6 फरवरी को Female genital mutilation अर्थात महिला खतना जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य है कि जहां-जहां भी यह अमानवीय प्रथा प्रचलन में है, उसका पालन करने वालों को महिलाओं और लड़कियों की उस पीड़ा के विषय मे जागरूक किया जाए, जो इस कुप्रथा के चलते उनके जीवन का अभिन्न अंग बन जाती हैं।

भारत में भी कुछ मुस्लिम समुदायों में यह पाई जाती है और भारत की उन लड़कियों का विरोध भी कभी-कभी दिखाई देता है, मगर विमर्श में कुछ आया हो ऐसा प्रतीत नहीं होता। क्योंकि उन लड़कियों का विरोध विमर्श में आता तो 6 फरवरी का दिन यूँही चुपचाप न चला गया होता।

Female genital mutilation अर्थात महिलाओं के खतने में बच्चियों की क्लिटोरिस को काट दिया जाता है और जो प्रक्रिया बहुत ही दर्दनाक होती है। इसके अतिरिक्त भी कुछ और तरीके होते हैं, जिनसे लड़कियों का खतना किया जाता है। किसी-किसी प्रक्रिया में क्लिटोरिस को अलग ही नहीं किया जाता है, बल्कि वेजाइनल ओपनिंग को भी छोटा कर दिया जाता है।

हालांकि इस अमानवीय कुप्रथा को लड़कियों की सेक्सुअलिटी को नियंत्रण करने के नाम पर किया जाता है। इस विषय पर लगातार शोध होते रहे हैं और जहां-जहां भी इस कुप्रथा का पालन किया जाता है, वहाँ पर लड़कियों के जीवन में क्या कठिनाइयाँ आती हैं, उनके विषय में लगातार लिखा जाता रहा है।

theconversation.com ने इसे लेकर एक रिपोर्ट जारी की है और बहुत ही चौंकाने वाली जानकारी दी है। इसमें लिखा है कि एक नए शोध में यह बताया गया है कि महिला खतना उन देशों में महिलाओं और लड़कियों की मौत का सबसे बड़ा कारण है, जहां इसका पालन किया जाता है।

हालांकि यह शोध वर्ष 2023 का है, मगर इसमें जो आँकड़े हैं, वह डराने वाले हैं। यह भी हो सकता है कि अब तक ये आँकड़े और बढ़ गए हों। इसमें लिखा है कि जिन 15 देशों में उन्होनें जांच की, वहाँ पर 44,000 महिलाओं और लड़कियों की मौत इस कारण से होती है। इसका अर्थ यह हुआ हर 12 मिनट पर एक लड़की या महिला की मौत। यह कुप्रथा कई देशों में व्यापक रूप में पाई जाती है। यह 25 अफ्रीकी देशों में पाई जाती है और इसके साथ ही मध्य एशिया एवं एशिया में भी पाई जाती है।

इस शोध के अनुसार गुइना में 97% महिलाओं और लड़कियों का खतना हुआ था, तो वहीं माली में यह आंकड़ा 83% है, और सिएरा लियोन में 90% है। मिस्र में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है जहां पर जहाँ 87% महिलाएँ और लड़कियाँ प्रभावित हैं, और यह बताता है कि यह केवल सहारा अफ्रीका तक ही सीमित नहीं है।

यह किसी भी प्रशिक्षित डॉक्टर के हाथों नहीं करवाया जाता है और यह दाइयों के हाथों करवाया जाता है, मगर फिर भी इस स्वास्थ्य समस्या पर बात नहीं होती है। यह केवल शारीरिक स्वास्थ्य की बात नहीं है, बल्कि जो पीडिताऐं होती हैं, उन्हें मनोवैज्ञानिक ट्रॉमा का भी सामना करना पड़ता है। इस कुप्रथा को शादी के साथ भी जोड़ा जाता है, इसलिए परिवार अधिकतर इसका विरोध नहीं कर पाते हैं।

अब समस्या यूरोपीय देशों में भी पहुँच रही है। जिन अफ्रीकी देशों में यह कुप्रथा प्रचलन में है, वहाँ के शरणार्थी जिन यूरोपीय देशों में पहुँच रहे हैं, वे इस प्रक्रिया को वहाँ भी जारी रखे हुए हैं। और इसके कारण ब्रिटेन जैसे देशों में भी इसके खिलाफ अभियान आरंभ किया जा रहा है।

University of Birmingham ने इसे लेकर एक जागरूकता अभियान आरंभ किया है। इसके अनुसार वेस्ट मिडलैंड समुदायों में इस मामले के विषय में जागरूकता पैदा की जाएगी। लंदन के बाहर पश्चिमी मिडलैंड्स में FGM की दर सबसे अधिक है, जहां प्रति 1,000 महिलाओं में से लगभग 12-16 महिलाएं इसका शिकार होती हैं।

भारत में भी बोहरा समुदाय की महिलाओं और लड़कियों में यह लागू है, हालांकि वहाँ से अब आवाजें उठने लगी हैं। वॉयस ऑफ अमेरिका की एक रिपोर्ट के अनुसार हालांकि भारत उन 31 देशों में नहीं है, जहां पर यह अमानवीय प्रथा व्यापक स्तर पर चलन में है, मगर फिर भी आँकड़े कहते हैं कि लगभग 80% दाऊदी बोहरा लड़कियों को इससे होकर गुजरना पड़ता है।

यह भी सच है कि पहले यह पता ही नहीं था कि भारत में भी कुछ लड़कियां इसका शिकार होती हैं। मगर वर्ष 2011 में इसकी पीडिताओं ने एक ऑनलाइन अभियान चलाया था। और फिर उसके बाद लोगों को पता चला कि यह भी भारत के एक समुदाय में चलन में है।

प्रश्न घूम फिर कर वहीं आता है कि आखिर विमर्श में इस पीड़ा को लेकर इतना सन्नाटा क्यों है? 6 फरवरी इतना चुपचाप क्यों निकल जाता है?

Topics: 6 फरवरी महिला खतना जागरुकता दिवसfemale circumcision6 February Female Circumcision Awareness DayMuslimWorld Newsमुस्लिमखतनाcircumcisionवर्ल्ड न्यूजमहिलाओं का खतना
Share1TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

अजान न पर सख्त नियम लागू करने की तैयारी (AI Generated Image)

Explainer: डेनमार्क सरकार ‘लाउडस्पीकर से अजान’ पर पूर्ण प्रतिबंध की क्यों कर रही तैयारी?

Pithoragarh Islamic conversion

पिथौरागढ़: शादी के बाद हिंदू युवक की पत्नी बनी यास्मीन करा रही जबरन इस्लामिक कन्वर्जन, बच्चे का जबरन खतना

प्रतीकात्मक तस्वीर

महिला को नशीला जूस पिलाकर किया दुष्कर्म, जबरन इस्लामिक कन्वर्जन भी, अय्याज-आमीन गिरफ्तार; मौलवी फरार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक

पाक-चीन की चाल पर अमेरिका ने फेरा पानी, BLA को UN आतंकी सूची में शामिल करने से किया इनकार

प्रतीकात्मक तस्वीर

हिंदू युवती से जुबैर ने करन बनकर की दोस्ती, फिर बोला इस्लाम कबूलने पर मदरसे से मिलेंगे 12 लाख रूपये

तस्वीर में बाईं ओर सूर्या और दाईं ओर असद

बकरीद से मुहर्रम तक मजहबी त्योहारों की आड़ में गैर मुसलमानों पर हिंसा की लम्‍बी लिस्ट!

Load More

ताज़ा समाचार

Kargil Vijay Diwas CM Pushkar Singh Dhami Honors Ex Servicemen Dehradun Panchjanya

कारगिल विजय दिवस पर पूर्व सैनिकों को सीएम धामी का बड़ा तोहफा: अग्निवीर सेल के बाद अब शस्त्र लाइसेंस पर विचार!

Baghpat UP STF Encounter Vipul Alias Khooni Killed Sushil Moolch Gang Panchjanya

बागपत में UP STF का बड़ा एक्शन: 50 हजारी शूटर विपुल ‘खूनी’ एनकाउंटर में ढेर, सुशील मूंछ गैंग में मची खलबली!

Sant ravidas

“मन चंगा तो कठौती में गंगा”: संत रविदास का वो दर्शन, जो आज भी दिखाता है सामाजिक समरसता की राह!

Kargil Vijay Diwas

कारगिल समीक्षा समिति की रिपोर्ट: अटल सरकार का वो एतिहासिक फैसला, जिससे बदला भारत का पूरा रक्षा-सुरक्षा ढांचा!

यूरोप के जंगलों में भीषण आग लगी है। (चित्र- प्रतीकात्मक )

फ्रांस और स्पेन में जंगल की भीषण आग, 2 लाख से अधिक लोग घर छोड़ने को मजबूर, राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा

RSS Yuva Samvad Ranchi, Sarla Birla University Ranchi, V Bhagaiyaa RSS Speech, Dr Hedgewar RSS Centenary, Vikramaditya Nagar RSS Ranchi, Jharkhand News, Panchjanya News

“सामाजिक समरसता से ही सशक्त होगा भारत”: रांची में वी. भागैय्या जी ने युवाओं को दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश

Uttarakhand Child Rights Commission Madrasa Meeting Vande Mataram Mandatory Dehradun Panchjanya

मदरसों पर उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: वंदे मातरम और राष्ट्रगान अनिवार्य, फर्जी अल्पसंख्यक दर्जे पर रोक!

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ जितेंद्र सिंह से मुलाकात करते सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका

सरकार ने मांगे मानी, CJP ने की आंदोलन खत्म करने की घोषणा

Lucknow Conversion Racket Busted Mohanlalganj Police Pastor Daniel Arrested Panchjanya

‘चंगाई’ के नाम पर खेल: लखनऊ में अंतरराज्यीय कन्वर्जन गिरोह का पर्दाफाश, पास्टर डेनियल समेत 7 गिरफ्तार!

“छात्र और राष्ट्र हित में सर्वोत्तम निर्णय”: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले महेंद्र भट्ट, विपक्ष पर साधा निशाना!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies