संभल: मंदिर के पास कुएं की खुदाई में मिलीं खंडित मूर्तियां और स्वास्तिक लिखी ईंटें
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होम भारत उत्तर प्रदेश

संभल: मंदिर के पास कुएं की खुदाई में मिलीं खंडित मूर्तियां और स्वास्तिक लिखी ईंटें

संभल जिले के खग्गू सराय इलाके में स्थित प्राचीन शिव मंदिर को 1978 में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद बंद कर दिया गया था। पुलिस-प्रशासन ने हाल ही में इस मंदिर का खुलासा किया और इसके पास स्थित कुएं की खुदाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण चीजें मिलीं।

Written byMahak SinghMahak Singh
Dec 16, 2024, 04:12 pm IST
inउत्तर प्रदेश
संभल में कुएं की खुदाई के दौरान खंडित मूर्तियां मिलीं

संभल में कुएं की खुदाई के दौरान खंडित मूर्तियां मिलीं

उत्तर प्रदेश का संभल जिला हाल ही में एक दिलचस्प और ऐतिहासिक घटना के कारण चर्चा में है। यहां के खग्गू सराय इलाके में एक प्राचीन शिव मंदिर और उसके पास स्थित कुएं की खुदाई के दौरान कई ऐतिहासिक धरोहरें सामने आई हैं। यह मंदिर और कुआं 46 साल से अतिक्रमण के कारण दबे हुए थे लेकिन अब जब इन्हें फिर से खोला गया है तो कई मूर्तियां और स्वास्तिक लिखी ईंटें मिलीं।

मंदिर और कुएं की खुदाई में क्या मिला?

संभल जिले के खग्गू सराय इलाके में स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर को 1978 में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद बंद कर दिया गया था। पुलिस-प्रशासन ने हाल ही में इस मंदिर का खुलासा किया और इसके पास स्थित कुएं की खुदाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण चीजें मिलीं। खुदाई में पार्वती, गणेश और कार्तिकेय/लक्ष्मी जी की मूर्तियां निकलीं साथ ही स्वास्तिक के निशान वाली तीन ईंटें मिलीं। स्थानीय हिंदू समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने ढोल-नगाड़ों के साथ पूजा-अर्चना की।

मूर्ति मिलने के बाद इस क्षेत्र के इतिहास को लेकर एक नई चर्चा शुरू हो गई है। स्थानीय लोग दावा कर रहे हैं कि कुएं में और भी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक चीजें छिपी हो सकती हैं, जो आने वाले समय में और भी खुदाई में सामने आ सकती हैं। इस दौरान स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने कार्बन डेटिंग के माध्यम से इन मूर्तियों और अन्य चीजों की सटीक उम्र जानने की मांग की है, ताकि इनके इतिहास को सही तरीके से समझा जा सके।

संभल में 1978 में हुए सांप्रदायिक दंगे और उसके बाद की हिंसा ने पूरे इलाके की सामाजिक और सांस्कृतिक धारा को बदल दिया। इस दंगे को ‘फड़ कांड’ के नाम से जाना जाता है, जिसमें हिंसा के कारण कई हिंदू परिवारों को अपना घर छोड़कर पलायन करना पड़ा। उस वक्त के बाद इस मंदिर और कुएं में अतिक्रमण हुआ और उन्हें दबा दिया गया। हालांकि, अब प्रशासन ने इस मंदिर को फिर से खोला और कुएं की खुदाई की प्रक्रिया शुरू की है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया

संभल में मंदिर के पुनः उद्घाटन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर हमारी सनातन विरासत और हमारे इतिहास का प्रतीक है, जो दशकों तक दबा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि इतने सालों बाद भी दंगों के दोषियों को न्याय क्यों नहीं मिला?

मंदिर को फिर से खोलने के बाद पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया है। स्थानीय हिंदू समुदाय ने इस अवसर पर भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना की। मंदिर के पास मिले मूर्तियों और स्वास्तिक के निशान ने इस स्थान को धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का बना दिया है। इस बीच पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है ताकि खुदाई के दौरान और बाद में किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
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