'एक राष्ट्र, एक चुनाव' : क्या 2034 तक लागू होगी ऐतिहासिक योजना, जानिए 'वन नेशन, वन इलेक्शन' बिल के अंदर क्या है?
July 13, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ : क्या 2034 तक लागू होगी ऐतिहासिक योजना, जानिए ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ बिल के अंदर क्या है?

मोदी सरकार ने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' योजना को 129वें संविधान संशोधन विधेयक के जरिए संसद में पेश करने की तैयारी कर ली है। यह ऐतिहासिक कदम 2034 से लागू होगा। पढ़ें, इस प्रक्रिया से संबंधित सभी विवरण।

Written byShivam DixitShivam Dixit
Dec 15, 2024, 11:48 am IST
in भारत, दिल्ली

मोदी सरकार ने देश में “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए 129वें संविधान संशोधन विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी दी जा चुकी है। इस पहल के तहत लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने की योजना है। माना जा रहा है कि यह विधेयक संसद के चाल रहे शीतकालीन सत्र में ही पेश किया जाएगा, जो 20 दिसंबर को समाप्त होगा।

समिति और रिपोर्ट

“एक राष्ट्र, एक चुनाव” की संकल्पना को मूर्त रूप देने के लिए सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। इस समिति ने 14 मार्च को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। रिपोर्ट के आधार पर, प्रस्तावित विधेयक में इस प्रक्रिया को वर्ष 2034 से लागू करने की योजना बनाई गई है। इसका अर्थ है कि 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद, राष्ट्रपति विधिक रूप से इस नीति को लागू करने की समय-सीमा तय करेंगे।

संवैधानिक संशोधन

विधेयक में संविधान के कई अनुच्छेदों में संशोधन का प्रस्ताव है। इनमें अनुच्छेद 82(A), 83, 172 और 327 जैसे प्रावधान शामिल हैं। अनुच्छेद 82(A) के तहत लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। अनुच्छेद 83 में संसद के दोनों सदनों के कार्यकाल के प्रावधान में बदलाव किया जाएगा। अनुच्छेद 172 और 327 में संशोधन से विधानसभा चुनावों के संदर्भ में संसद को नियम बनाने का अधिकार दिया जाएगा।

प्रक्रिया और कार्यान्वयन

प्रस्तावित विधेयक के अनुसार, यदि किसी लोकसभा या विधानसभा का कार्यकाल समय से पहले समाप्त होता है, तो इसे संसद या विधानसभा भंग करना होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी चुनाव तय समय पर एक साथ हो सकें।

संसद में विधेयक की स्थिति

सूत्रों के अनुसार, विधेयक को संसद में वित्तीय अनुदान संबंधित कामकाज पूरा होने के बाद पेश किया जाएगा। हालांकि, सोमवार को लोकसभा की संशोधित कार्यसूची में यह विधेयक शामिल नहीं था। माना जा रहा है कि इसे “अनुपूरक कार्य सूची” के माध्यम से सदन में पेश किया जा सकता है। संसद के मौजूदा शीतकालीन सत्र के समाप्त होने से पहले इस विधेयक पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

आगामी प्रक्रिया और चुनौतियाँ

विश्लेषकों का मानना है कि “एक राष्ट्र, एक चुनाव” योजना के कार्यान्वयन से देश में चुनावी प्रक्रिया में व्यापक बदलाव आएंगे। हालांकि, इस पहल के सामने कई संवैधानिक और प्रशासनिक चुनौतियाँ भी हैं। इस विधेयक के लागू होने से केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल और पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन इसके लिए राजनीतिक सहमति और व्यापक तैयारी की आवश्यकता होगी।

Topics: भारतीय चुनाव प्रक्रियाचुनाव सुधार 2034129th Constitutional Amendmentमोदी सरकार की नई योजनाModi government's new planOne Nation-One ElectionLok Sabha and Assembly electionsएक राष्ट्र-एक चुनावRamnath Kovind Committee Report129वां संविधान संशोधनConstitution Amendment Billलोकसभा और विधानसभा चुनावWinter Session 2023रामनाथ कोविंद समिति रिपोर्टIndian Election Processसंविधान संशोधन विधेयकElection Reforms 2034शीतकालीन सत्र 2023
Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

प्रतीकात्मक तस्वीर

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर बड़ा प्लान तैयार! 2029 में 20 राज्यों के चुनाव साथ कराने पर विचार

पूर्व CJI गवई

‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ संविधान के खिलाफ नहीं- पूर्व CJI गवई

‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ : JPC के समक्ष विधि आयोग के अध्यक्ष ने रखा पक्ष, करीब 3 घंटे चली बैठक

एक देश-एक चुनाव विधेयक: JPC बैठक में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने रखी अपनी राय

एक देश-एक चुनाव विधेयक : JPC बैठक में Justice संजीव खन्ना ने कहा- ‘यह संविधान की बुनियादी संरचना का उल्लंघन नहीं करता’

प्रतीकात्मक तस्वीर

One Nation, One Election के समर्थन में उतरे देश के पूर्व CJI, कही ये बात”

एक देश, एक चुनाव पर छह माह में विस्तृत रिपोर्ट देंगे राज्य

Load More

ताज़ा समाचार

अयोध्या में स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज और श्री कृष्ण मोहन मीडिया को उन वस्तुओं को दिखाते हुए, जिनके बारे में कहा गया कि वे गायब हैं।

असहज अवश्य किन्तु आस्था अडिग

US-Iran War: अमेरिका ने ईरान में मचाई तबाही, पहली बार US फाइटर प्लेन, एरियल ड्रोन और वन-वे अटैक सी ड्रोन से हमला

supreme court

जानिये राम मंदिर चढ़ावा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? अब अगली सुनवाई 20 जुलाई को

बंगाल में 136 साल पुरानी मस्जिद में नमाज पर रोक, CM शुभेंदु अधिकारी ने बताया ऐसा क्यों हुआ? पूरा मामला जानिये

अंतरराष्ट्रीय फिजिक्स ओलंपियाड में भारतीय छात्रों ने जीते 5 स्वर्ण पदक

अंतरराष्ट्रीय फिजिक्स ओलंपियाड में भारत ने सभी 5 स्वर्ण जीते, संयुक्त रूप से विश्व में पहला स्थान, पीएम मोदी ने दी बधाई

MSME MCA Fact check

MSME MCA इंटर्नशिप फॉर्म वायरल, PIB फैक्ट चेक में फर्जी निकला दावा

Weather Update: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, 96 सड़कें बंद; धारचूला में सर्वाधिक बरसात दर्ज

सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास उच्च न्यायालय के गौहत्या प्रतिबंध के फैसले पर लगाई रोक, जानिये क्या है पूरा मामला

प्रतीकात्मक तस्वीर

Explainer: भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन ‘नमो ग्रीन रेल’: तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और ऐतिहासिक परिवर्तन

Weather Update: हिमाचल में अगले 4 दिन मौसम रहेगा खराब, भारी बारिश का अलर्ट जारी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies