प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान अमेरिका ने भारत को लौटाई 297 प्राचीन वस्तुएं, 4 हजार साल पुराने पुरावशेष
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प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान अमेरिका ने भारत को लौटाई 297 प्राचीन वस्तुएं, 4 हजार साल पुराने पुरावशेष

मध्य भारत से बलुआ पत्थर में बनी अप्सरा जो 10-11वीं शताब्दी ई. की है। मध्य भारत से कांस्य में बनी जैन तीर्थंकर की मूर्ति जो 15-16वीं शताब्दी ई. की है। पूर्वी भारत से टेराकोटा फूलदान जो 3-4वीं शताब्दी ई. का है।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Sep 22, 2024, 11:54 am IST
inविश्व
अमेरिका में पुरावशेषों पर बात करते भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन

अमेरिका में पुरावशेषों पर बात करते भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन

नई दिल्ली, (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान अमेरिकी पक्ष ने भारत से चुराई गई या तस्करी की गई 297 प्राचीन वस्तुओं को वापस कर दिया। इन्हें जल्द भारत वापस लाया जाएगा।

विलमिंगटन, डेलावेयर में द्विपक्षीय बैठक के दौरान प्रतीकात्मक रूप से कुछ चुनिंदा वस्तुएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति बाइडेन को दिखाए गए। प्रधानमंत्री ने इन कलाकृतियों की वापसी में उनके समर्थन के लिए राष्ट्रपति बाइडेन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ये वस्तुएं न केवल भारत की ऐतिहासिक भौतिक संस्कृति का हिस्सा थीं, बल्कि यह सभ्यता और चेतना का आंतरिक मूल थीं।

उल्लेखनीय है कि ये पुरावशेष लगभग 4000 वर्ष पुराने हैं, जो 2000 ईसा पूर्व से 1900 ई. तक फैले हैं और इनका इतिहास भारत के विभिन्न भागों से है। अधिकांश पुरावशेष पूर्वी भारत की टेराकोटा कलाकृतियाँ हैं, जबकि अन्य पत्थर, धातु, लकड़ी और हाथीदांत से बनी हैं और देश के विभिन्न भागों से संबंधित हैं। 2016 से अमेरिका से भारत को लौटाई गई सांस्कृतिक कलाकृतियों की कुल संख्या 578 है। यह किसी भी देश द्वारा भारत को लौटाई गई सांस्कृतिक कलाकृतियों की अधिकतम संख्या है।

सौंपे गए कुछ उल्लेखनीय पुरावशेष इस प्रकार हैं:

मध्य भारत से बलुआ पत्थर में बनी अप्सरा जो 10-11वीं शताब्दी ई. की है। मध्य भारत से कांस्य में बनी जैन तीर्थंकर की मूर्ति जो 15-16वीं शताब्दी ई. की है। पूर्वी भारत से टेराकोटा फूलदान जो 3-4वीं शताब्दी ई. का है। दक्षिण भारत से पत्थर की मूर्ति जो पहली शताब्दी ई.पू.-1 शताब्दी ई. की है। दक्षिण भारत से कांस्य में बनी भगवान गणेश जो 17-18वीं शताब्दी ई. की है। उत्तर भारत से बलुआ पत्थर में बनी खड़ी भगवान बुद्ध जो 15-16वीं शताब्दी ई. की है। पूर्वी भारत से कांस्य में भगवान विष्णु की प्रतिमा जो 17-18वीं शताब्दी ई.पू. की है। उत्तर भारत से तांबे में मानवरूपी आकृति जो 2000-1800 ई.पू. की है। दक्षिण भारत से कांस्य में भगवान कृष्ण की प्रतिमा जो 17-18वीं शताब्दी ई.पू. की है। दक्षिण भारत से ग्रेनाइट में भगवान कार्तिकेय की प्रतिमा जो 13-14वीं शताब्दी ई.पू. की है।

हाल के दिनों में सांस्कृतिक संपत्ति की वापसी भारत-अमेरिका सांस्कृतिक समझ और आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण पहलू बन गई है। 2016 से अमेरिकी सरकार ने बड़ी संख्या में तस्करी या चोरी की गई प्राचीन वस्तुएं वापस की हैं। जून 2016 में प्रधानमंत्री की यूएसए यात्रा के दौरान 10 पुरावशेष लौटाए गए। सितंबर 2021 में उनकी यात्रा के दौरान 157 पुरावशेष और पिछले साल जून में उनकी यात्रा के दौरान 105 पुरावशेष लौटाए गए।

Topics: नरेंद्र मोदीजो बाइडेनपीएम मोदी की अमेरिका यात्राक्वाड सम्मेलन
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