विजय गाथा : महिला सेनानियों के अदम्य शौर्य को नमन
September 28, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

विजय गाथा : महिला सेनानियों के अदम्य शौर्य को नमन

25 वर्ष पूर्व 26 जुलाई 1999 को भारतमाता के वीर सपूतों ने पाकिस्तानी सेना को धूल चटाकर कारगिल की दुर्गम चोटियों पर भारत का तिरंगा फहराया था। लगभग दो माह तक चले इस घोर युद्ध में भारत के 527 सैनिक बलिदान हुए थे और 1400 के करीब घायल।

Written byपूनम नेगीपूनम नेगी
Jul 28, 2024, 06:00 am IST
inभारत, विश्लेषण, श्रद्धांजलि

कारगिल का युद्ध भारतीय सेना की जांबाजी और पराक्रम के लिए जाना जाता है। 25 वर्ष पूर्व 26 जुलाई 1999 को भारतमाता के वीर सपूतों ने पाकिस्तानी सेना को धूल चटाकर कारगिल की दुर्गम चोटियों पर भारत का तिरंगा फहराया था। लगभग दो माह तक चले इस घोर युद्ध में भारत के 527 सैनिक बलिदान हुए थे और 1400 के करीब घायल। परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव, राइफलमैन संजय कुमार; महावीर चक्र से सम्मानित- लेफ्टिनेंट बलवान सिंह, मेजर राजेश सिंह अधिकारी, मेजर विवेक गुप्ता, कैप्टन एन केंगुरुसे तथालेफ्टिनेंट कीशिंग क्लिफोर्ड नोंग्रम की शौर्य गाथाएं हमारे अंतस में आज भी राष्ट्रभक्ति का ज्वार भर देती हैं। इन्हीं में एक न भूलने वाली शौर्यगाथा है भारतीय सेना के एयर फोर्स रेस्क्यू मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाली दो जांबाज भारतीय महिला पायलटों गुंजन सक्सेना व श्रीविद्या राजन की।

इस युद्ध में जब भारत-पाकिस्तान की सेना आमने-सामने थी। दोनों तरफ से लगातार गोलीबारी हो रही थी। भारतीय वायुसेना लगातार सैनिकों तक मदद पहुंचा रही थी और पाकिस्तान की सेना का सामना भी कर रही थी। युद्ध के दौरान एक समय ऐसा भी आया, जब वायु सेना को कारगिल की बटालिक और द्रास घाटियों में फंसे अपने घायल जवानों को सुरक्षित लाने के लिए और पायलट की ज़रूरत थी। उनके ज़्यादातर पुरुष पायलट पहले ही ड्यूटी पर थे।

सेना को अपने घायल सैनिकों तक दवाई, भोजन और ज़रूरी मदद पहुंचाने के लिए और पायलट चाहिए थे। ऐसे में वायुसेना ने अपनी दो महिला पायलटों फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्‍सेना और फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्रीविद्या राजन को मदद के लिए भेजने का निर्णय किया। वायुसेना के अनुसार ये दोनों महिला पायलट ऊधमपुर में तैनात थीं। जब कारगिल युद्ध शुरू हुआ तो श्रीविद्या राजन पुरुष अफसरों के साथ भेजी जाने वाली पहली महिला अफसर बनीं। इसके दो दिन बाद गुंजन सक्‍सेना ने उन्‍हें ज्वाइन कर लिया था।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार  इस युद्ध में फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्‍सेना और फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्रीविद्या राजन; दोनों ने ही अपने-अपने चीता हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी और पाकिस्तानी सेना के हमले से खुद को बचाते हुए अपने सैनिक साथियों तक मदद पहुंचायी। उन्होंने द्रास और बटालिक की घाटियों में दवा और भोजन पहुंचाया। घायल सैनिकों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने का काम भी किया। वह अपने घायल सैनिकों को वापस भी लेकर आयीं। इसके साथ ही, इन दोनों महिला पायलटों का एक काम पाकिस्तानी सेना की स्थिति का जायजा लेना भी था। जिसके लिए कई बार उन्होंने लाइन ऑफ कंट्रोल के बहुत पास से उड़ानें भरीं।

एक बार जब गुंजन उड़ान भर रही थीं तो पाकिस्तानी सेना ने उनके हेलिकॉप्टर पर मिसाइल छोड़ी। इस हमले से गुंजन का हेलिकॉप्टर बाल-बाल बचा। दोनों ऐसे इलाके में उड़ान भरती थीं, जहां से वह पाकिस्तानी सेना की मिसाइलों की जद में आ सकती थीं। लेकिन वे डरी नहीं और इस मिशन के लिए छोटे चीता हेलीकॉप्टर से पहली बार युद्ध क्षेत्र में उड़ान भरी। जबकि न तो उनके पास आत्म रक्षा के लिए कुछ था और न बड़े मिसाइलों के सामने भिड़ने के लिए छोटे चीता हेलिकॉप्टर क्षमतावान थे; लेकिन जान की परवाह किए बिना दोनों ने उड़ान भरी और अपने मिशन को पूरी कुशलता से अंजाम दिया।

Topics: राष्ट्रभक्ति का ज्वारपाकिस्तानी सेनाMaineपाञ्चजन्य विशेषभारत-पाकिस्तान की सेनाअदम्य शौर्य को नमनशौर्यगाथा
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

UCC : समान नागरिक संहिता का समय

बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटते सेवा भारती के कार्यकर्ता

सेवा संकल्प से राष्ट्र निर्माण

मणिपुर के उखरुल जिले में स्थापित ओझा शंकर विद्यालय। यह उन छात्रों के सहयोग से बना है, जिन्हें संघ प्रचारक श्री शंकर (भैयाजी) काणे ने पढ़ने के लिए महाराष्ट्र भेजा था। इसलिए इसका नामकरण उनके नाम पर किया गया है।

शिव भाव से जीव सेवा

सेवा भाव जीवन का स्वभाव

आज का श्लोक : अकृत्वा धीरवीराणां महासंघटनं दृढम्।

बातचीत के दौरान (बाएं से) लक्ष्य राज सिंह, रिया छावड़ी और यश डबास

अभाविप : जीत बड़ी, जिम्मेदारी बढ़ी

Load More

ताज़ा समाचार

UCC : समान नागरिक संहिता का समय

पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती

हरिद्वार : शांतिकुंज में माता भगवती देवी शर्मा की 100वीं जयंती पर विशेष आयोजन

प्रतीकात्मक चित्र

SIR पर राजनीतिक दलों के साथ बैठक में साझा हुई जानकारी, 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची का होगा प्रकाशन

उत्तरकाशी और पिंडारी ग्लेशियर में फंसे 179 ट्रैकर्स-माउंटेनियर्स के रेस्क्यू ऑपरेशन की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ली जानकारी

उत्तरकाशी में 40 ट्रैकर्स का सफल रेस्क्यू, पल-पल की जानकारी ले रहे सीएम धामी

क्या है चक्रवात अर्नब? 14 राज्य इसकी चपेट में; कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली में सोमवार को पत्रकारों को संबोधित करते भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी।

खेत की मेड़ से सम्मान के मंच तक, महिला किसानों की मेहनत लिख रही नई कहानी; भारत का सबसे बड़ा किसान संगठन करेगा सम्मान

Pandit Deendayal Upadhyaya Jayanti: एक विचार, एक दर्शन, एक अमर साधना

EPFO

अपने PF अकाउंट में नॉमिनी कैसे जोड़ें? जानिए आसान तरीका जानें

Chardham Heli Yatra Safety ICCCC Monitoring

मौसम में सुधार के बाद चार धाम यात्रा पुनः शुरू, सावधानी बरतने की सलाह

संघ@100: सेवा संकल्प, जीवन का स्वभाव

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies