बजट विश्लेषण : सभी वर्गों को साधता संतुलित बजट, शिक्षा क्षेत्र के लिए 1.48 लाख करोड़ का आवंटन
July 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम बिजनेस

बजट विश्लेषण : सभी वर्गों को साधता संतुलित बजट, शिक्षा क्षेत्र के लिए 1.48 लाख करोड़ का आवंटन

आम बजट में सरकार का मुख्य फोकस गरीबों, महिलाओं, युवाओं और अन्नदाताओं पर दिखा है, साथ ही बजट में रोजगार के अवसर बढ़ाने का रोडमैप भी पेश किया गया है

Written byयोगेश कुमार गोयलयोगेश कुमार गोयल
Jul 23, 2024, 03:23 pm IST
in बिजनेस
बजट पेश करने से पहले टीम के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

बजट पेश करने से पहले टीम के साथ वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

पेपरलेस बजट, परम्परा में बदलाव, सबसे लंबे बजट भाषण, लगातार सबसे ज्यादा बजट पेश करने जैसे कई रिकॉर्ड बना चुकी वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा नीत एनडीए सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। निर्मला सीतारमण का यह 7वां और एनडीए सरकार का 13वां बजट था। बजट पेश करते ही वह भारत की पहली ऐसी वित्तमंत्री बन गईं, जिन्होंने लगातार सात बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड बनाया है। इस बजट पर पूरे देश की नजरें केन्द्रित थी क्योंकि खासकर आम आदमी को इस बजट से ढ़ेर सारी उम्मीदें थी। दरअसल पहले से ही माना जा रहा था कि बजट में आम जनता के लिए राहतों का पिटारा खोला जाएगा। लोकसभा चुनाव से पहले इसी साल 1 फरवरी को अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री ने कहा था कि जुलाई में पूर्ण बजट में सरकार द्वारा विकसित भारत के लक्ष्य का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया जाएगा। अंतरिम बजट में हालांकि न तो आम आदमी के लिए राहत की कोई विशेष घोषणाएं हुई थी और न ही उन पर कोई बड़ा बोझ लादा गया था लेकिन अंतरिम बजट में भी सरकार का मुख्य फोकस गरीबों और महिलाओं पर ही दिखा था।

आम बजट में सरकार का मुख्य फोकस गरीबों, महिलाओं, युवाओं और अन्नदाताओं पर दिखा है, साथ ही बजट में रोजगार के अवसर बढ़ाने का रोडमैप भी पेश किया गया है। बजट में हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ राहत देने का प्रयास किया गया है। शिक्षा के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है, जो पिछले बजट की तुलना 32 प्रतिशत ज्यादा है। पूंजीगत व्यय के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो भारत की कुल जीडीपी का 3.4 प्रतिशत होगा। वित्तमंत्री के अनुसार 2024-25 तक वित्तीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है और सरकार का लक्ष्य घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे पहुंचाना है। बजट में देश की समृद्धि को प्रभावित करने वाले कारकों के साथ-साथ लोगों के निजी हितों का भी विशेष ध्यान रखा गया है, साथ ही उन सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को विस्तारित करने की भी घोषणा की गई है, जो मौजूदा समय में लोगों के निजी हितों को सकारात्मक तरीके से प्रभावित कर रही हैं। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए इस वर्ष बजट आवंटन 1.52 लाख करोड़ रुपये है। सरकार के मुताबिक किसानों द्वारा खेती के लिए 32 खेत और बागवानी फसलों की 109 नई उच्च उपज वाली और क्लाइमेट रिजीलिएंट किस्में जारी की जाएंगी और अगले दो वर्षों में एक करोड़ किसानों को प्रमाणीकरण और ब्रांडिंग द्वारा समर्थित प्राकृतिक खेती में शामिल किया जाएगा।

बजट में आम लोगों से लेकर तमाम करदाता टैक्स स्लैब में कमी, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने और 80सी के तहत मिलने वाली छूट को बढ़ाए जाने की आस लगाए हुए थे। नई आयकर व्यवस्था के तहत स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया गया है और टैक्स की दरों में भी बदलाव किया गया है। अब 3 लाख तक की आय पर कोई कर नहीं देना होगा, 300001 से 7 लाख रुपये तक की आय पर कर की दर 5 प्रतिशत, 700001 से 10 लाख रुपये तक की आय पर 10 प्रतिशत, 1000001 से 12 लाख रुपये तक की आय पर 15 प्रतिशत, 1200001 से 15 लाख रुपये तक आय पर 20 प्रतिशत और 15 लाख रुपये से ज्यादा आय पर 30 प्रतिशत कर देय होगा। आयकर की पुरानी दरों में 3 से 6 लाख की आय पर 5 प्रतिशत, 6 से 9 लाख की आय पर 10 प्रतिशत, 9 से 12 लाख की आय पर 15 प्रतिशत, 12 से 15 लाख की आय पर 20 प्रतिशत और 15 लाख से ज्यादा आय पर 30 प्रतिशत आयकर का प्रावधान था। आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार नई आयकर दरों से करदाताओं को कम से कम 17500 रुपये की बचत होगी। वित्तमंत्री के मुताबिक नई कर व्यवस्था से सरकार को सात हजार करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा लेकिन इससे चार करोड़ वेतनभोगियों को लाभ होगा। फैमिली पेंशन के मामले में पेंशन भोगियों के लिए भी डिडक्शन के आंकड़े को 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार किया गया है। विदेशी कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स की दर 40 प्रतिशत से घटाकर 35 प्रतिशत की गई है और आयकर अधिनियम 1961 की व्यापक समीक्षा की घोषणा भी की गई है। हर तरह के स्टार्टअप्स के लिए एंजेल टैक्स हटाने का ऐलान किया गया है।

इन क्षेत्रों पर फोकस

बजट में जिन प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष रूप से फोकस किया गया है, उनमें रोजगार और कौशल, कृषि में उत्पादकता और लचीलापन, शहरी विकास, बुनियादी ढ़ांचा, ऊर्जा सुरक्षा, अगली पीढ़ी के सुधार, विनिर्माण और सेवाएं, समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय, नवाचार, अनुसंधान और विकास इत्यादि शामिल हैं। बजट में युवाओं के लिए दो लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और युवाओं को रोजगार के लिए तीन प्रमुख योजनाओं पर काम करने का ऐलान भी किया है। सरकार 500 शीर्ष कंपनियों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करने के लिए एक योजना शुरू करेगी, जिसमें 5000 रुपये प्रतिमाह इंटर्नशिप भत्ता और 6000 रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी और प्रशिक्षण के दौरान होने वाले खर्च को कंपनी सीएसआर फंड से वहन करेगी। वित्तमंत्री के मुताबिक यह सुविधा विकसित करने से युवा पहले की तुलना में ज्यादा कौशलयुक्त होंगे, उनके पास रोजगार के ज्यादा व्यापक साधन होंगे। वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2 लाख करोड़ रुपये के आवंटन के साथ पांच योजनाओं के पीएम पैकेज की घोषणा भी की गई है और इस वर्ष शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उत्पादन क्षेत्र में रोजगार सृजन को पहली बार कर्मचारियों के रोजगार से जुड़ी योजना के माध्यम से प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य 50 लाख लोगों के लिए अतिरिक्त रोजगार को प्रोत्साहित करना है। छात्रों को 7.5 लाख रुपये ‘मॉडल स्किल लोन’ का लाभ देने का ऐलान भी बजट में किया गया है, जिससे उन छात्रों को लाभ पहुंचेगा, जो पैसों के अभाव में पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते थे। उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा भी बजट में की गई है।

मुद्रा ऋण की सीमा बढ़ी

बजट में महिलाओं और लड़कियों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए तीन लाख करोड़ रुपये के आवंटन और मुद्रा ऋण की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 रुपये लाख रुपये करने की घोषणा की गई है। एमएसएमई और विनिर्माण पर खास ध्यान देते हुए एमएसएमई को उनके तनाव की अवधि के दौरान बैंक ऋण जारी रखने की सुविधा के लिए नई व्यवस्था की घोषणा की गई है। पीएम आवास योजना के तहत 3 करोड़ अतिरिक्त घर बनाए जाएंगे, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में होंगे। बजट में विभिन्न क्षेत्रों के लिए की गई अन्य विशेष घोषणाओं में शहरी आवास योजना के लिए 10 लाख करोड़ रुपये, ग्रामीण विकास के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपये, सड़क सम्पर्क परियोजनाओं के लिए 26 हजार करोड़ रुपये, बिहार में हाईवे के लिए 26 हजार करोड़ रुपये, अमरावती के विकास के लिए 15 हजार करोड़ रुपये, 12 औद्योगिक पार्कों को मंजूरी इत्यादि शामिल हैं। भारतीय स्पेस इकोनॉमी के लिए भारतीय अंतरिक्ष संघ और सैटकॉम उद्योग संघ ने कई मांगें सरकार के समक्ष रखी थी। बजट में अंतरिक्ष क्षेत्र में नए स्टार्टअप और रिसर्च के इनीशिएटिव को समर्थन देकर अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में विकास को गति देने के उद्देश्य से स्पेस इकोनॉमी के लिए एक हजार करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल फंड स्थापित करने का प्रस्ताव है। वित्तमंत्री का कहना है कि सरकार का प्रयास अगले 10 वर्षों में स्पेस इकोनॉमी को पांच गुना बनाना है।

ये हुआ सस्ता और महंगा

आम बजट में की गई घोषााओं से आम आदमी को जहां कुछ राहत मिली है तो कुछ चीजें महंगी होने से उनकी जेब पर बोझ भी बढ़ेगा। कुछ वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने से इनके दाम सस्ते होने से लोगों को इसका लाभ मिलेगा, वहीं कुछ चीजें महंगी भी हो सकती हैं। कुछ टेलिकॉम उपकरणों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 10 से बढ़ाकर 15 फीसदी करने से इनके दाम बढ़ जाएंगे, वहीं प्लास्टिक उत्पादों पर भी कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के बाद प्लास्टिक से बनी चीजों के दाम भी बजट के बाद बढ़ सकते हैं। सोलर सेल और सोलर मॉड्यूल बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सोलर ग्लास पर भी टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे सोलर सिस्टम लगवाना थोड़ा महंगा हो सकता है। वहीं, दूसरी ओर कैंसर से जुड़ी बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी घटाने से कैंसर का इलाज कुछ सस्ता होने की उम्मीदें बढ़ी हैं। सोने-चांदी के दाम लगातार बढ़ रहे थे, ऐसे में सोने-चांदी पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 6 फीसदी करने से सोने और चांदी के गहने कुछ सस्ते हो जाएंगे। निश्चित रूप से यह खासकर महिलाओं के लिए बड़ा तोहफा माना जा सकता है। मोबाइल फोन, मोबाइल चार्जर, बिजली के तार, एक्सरे मशीन, सोलर सेट्स, लैदर, फुटवियर तथा चमड़े से बनी अन्य वस्तुओं पर टैक्स कम करने से इनकी कीमतों में कमी आएगी।

शिक्षा क्षेत्र के लिए 1.48 लाख करोड़ का आवंटन

बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए 1.48 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है, जो शिक्षा मंत्रालय को दिया गया अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है। 2023 में केंद्र सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को 112898.97 करोड़ रुपये आवंटित किए थे, वह भी उस समय तक का सबसे ज्यादा आवंटन था लेकिन इस बार सरकार ने उस आंकड़े को भी पीछे छोड़ दिया है। बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट में 89287 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 88956 करोड़ रुपये के आवंटन से थोड़ा ही ज्यादा है। इसे और ज्यादा बढ़ाने की जरूरत महसूस हो रही थी। दरअसल वैश्विक मानकों के अनुसार किसी भी देश को स्वास्थ्य पर कम से कम 3 फीसद खर्च करना चाहिए जबकि भारत में स्वास्थ्य पर करीब 1.3 फीसद ही खर्च हो पा रहा है। बहरहाल, महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त आम आदमी के लिए सरकार ने बजट में कुछ बड़ी राहतों का जो पिटारा खोला है, उसे देखते हुए इस बजट को सभी वर्गों को साधता संतुलित बजट कहा जा सकता है।

Topics: निर्मला सीतारमणनरेंद्र मोदीभाजपा सरकारबजट २०२४पाञ्चजन्य विशेषएनडीए सरकारबजट विश्लेषणबजट में शिक्षाक्या सस्ता क्या महंगा
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

डॉ. श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती : स्वतंत्र भारत के औद्योगिक पुनर्जागरण के शिल्पी

लोकतंत्र सेनानी कमला शंकर पांडेय

मोदी-योगी को गाली देने वाले संविधान की बात करते हैं, वे इमरजेंसी का समय कैसे भूल सकते हैं

लाठियां लेकर परिक्रमा करते श्रद्धालु

शौर्य की प्रतीक अनूठी विरासत

तुर्किये में डॉक्टरों पर एक्शन

तुर्किये में सिजेरियन डिलीवरी कराने वाले 100 डॉक्टर सस्पेंड? क्यों उठाया ये कदम, कैसे मचा बवाल?

अयोध्या में स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज और श्री कृष्ण मोहन मीडिया को उन वस्तुओं को दिखाते हुए, जिनके बारे में कहा गया कि वे गायब हैं।

असहज अवश्य किन्तु आस्था अडिग

आस्था को लांछित करने का कुचक्र

Load More

ताज़ा समाचार

Jagannath Rath Yatra Significance Darubrahma Puri Temple King Indradyumna

पुरी रथयात्रा विशेष: भारत की सनातन आस्था का महामहोत्सव है जगन्नाथ स्वामी का रथयात्रा उत्सव

India on PoJK Pakistan Human Rights Violations External Affairs Ministry New Delhi Global Community

पीओजेके को लेकर भारत सख्त, कहा- ‘PoJK में कुकृत्यों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराए अंतरराष्ट्रीय समुदाय’

International Court Credibility ICJ ICC Bias Debate Global Justice System National Sovereignty Marco Rubio

क्या अंतरराष्ट्रीय न्यायालय भी जवाबदेही से ऊपर हैं? अंतरराष्ट्रीय न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर छिड़ी बड़ी बहस!

Afghan Makeup Trend Viral Video Reels Instagram Women Burqa Protest Social Media

क्या है अफ़गान मेकअप ट्रेंड? और क्यों हो रहा है वायरल? बुर्के के पीछे छिपा है ये हैरान करने वाला सच!

CM Pushkar Singh Dhami Swami Ramdev Acharya Balkrishna Harela Parva Malagram Dhanwantari Dham Herbal World

Uttarakhand Harela Parva 2026: मालाग्राम में सीएम पुष्कर सिंह धामी, स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने किया पौधारोपण

Teejan Bai Passes Away Pandavani Singer Lokmanthan Parivar J Nandakumar Tribute Bhopal 2016

लोकसंस्कृति की अमर साधिका तीजन बाई का महाप्रयाण: लोकमंथन परिवार ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

Fatwa Against Aamir Khan Third Marriage Gauri Spratt Darul Ifta Chief Mufti Islamic Shariat

“आमिर खान की तीसरी शादी नाजायज और हराम” : मुस्लिम पर्सनल के शाही मौलाना ने जारी किया फतवा

BRICS Trade Union Forum Conference Hyderabad Bhartiya Mazdoor Sangh BMS Labor Policy Global Representatives

BRICS Trade Union Forum: हैदराबाद में भारतीय मजदूर संघ की अगुवाई में जुटें वैश्विक प्रतिनिधि, श्रमिकों पर होगी महाचर्चा

केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू

“जो खून बहा, वह पंजाब का था…” रवनीत सिंह बिट्टू की अकाल तख्त के जत्थेदार से बड़ी अपील!

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

डॉ. श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती : स्वतंत्र भारत के औद्योगिक पुनर्जागरण के शिल्पी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies