पाञ्चजन्य सुशासन संवाद: छत्तीसगढ़: 'लाइक करो या डिसलाइक करो...' लोकतंत्र में राजनीति की बड़ी भूमिका है: ओपी चौधरी
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पाञ्चजन्य सुशासन संवाद: छत्तीसगढ़: ‘लाइक करो या डिसलाइक करो…’ लोकतंत्र में राजनीति की बड़ी भूमिका है: ओपी चौधरी

मनमोहन सरकार में जिस कांग्रेस ने सम्मानित किया, सरकार बदलते ही वही घोटाले का आरोप लगा रही है।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Jul 18, 2024, 04:40 pm IST
in छत्तीसगढ़
CG finance minister OP Choudhary in Panchjanya sushashan samvad

पाञ्चजन्य के सुशासन संवाद छत्तीसगढ़ कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी (बाएं)

पाञ्चजन्य के “सुशासन संवाद: छत्तीसगढ़” कार्यक्रम में ‘नए सपने, नई सोच’ सत्र में प्रदेश के वित्त मंत्री ओम प्रकाश चौधरी ने कहा कि 13 साल तक एक कलेक्टर के तौर पर काम करने के बाद मुझे इस बात का अहसास हुआ कि ‘हम लाइक करें, डिसलाइक करें लव करें या हेट करें’ लेकिन देश के लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीति की एक बड़ी भूमिका है और उसे चलाने में राजनीति एक इंजन की भूमिका निभाती है।

चाणक्य का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी कहते हैं कि चाणक्य ने एक बार कहा था कि ‘अच्छे लोगों के राजनीति में हिस्सा नहीं लेने का पहला दुष्परिणाम होता है कि बुरे लोग उन पर शासन करते हैं’। यही वह कारण था कि मैंने राजनीति में आने का साहस किया। मनमोहन सरकार के दौरान मिले अवार्ड को लेकर ओपी चौधरी कहते हैं कि वह तो उन्हें प्रशासनिक कार्य के चलते दिया गया था। लेकिन, जिस काम के लिए मुझे सम्मानित किया गया था। वहीं कांग्रेस सरकार में आने के बाद घोटाले का आरोप लगाती है।

अपनी सरकार के कामकाज के बारे में बताते हुए वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि पिछले वर्ष दिसंबर में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार बनी और 9 फरवरी को मैंने अपना पहला बजट पेश किया। उस बजट में हमने एक विजन प्रस्तुत किया। इसमें यह था कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक कंक्रीट रोडमैप के साथ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री भारत की आजादी के अमृतकाल के समय में वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के विजन के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम कई सारे देशों का उदाहरण देखते हैं, जैसे कि दक्षिण कोरिया 1947 के आसपास ही आजाद हुआ था। उस दौरान तक दक्षिण कोरिया का जनसंख्या घनत्व भारत से अधिक था। लेकिन, 1970 के दशक में उनके राष्ट्रपति पार्क ने यूनिवर्सल एजुकेशन का नारा दिया। सभी को शिक्षित किया और एक्सपोर्ट बेस्ड इंडस्ट्री से अपने देश को जोड़ने का काम किया। ये उन्हीं की दूरदृष्टि का परिणाम है कि कपड़े का काम करने वाली सैमसंग आज हमारे सामने इतने बड़े इलेक्ट्रॉनिक कंपनी के रूप में है।

ठीक उसी तरह से अगर आज हम नरेंद्र मोदी की नीतियों को देखते हैं तो वहां पर साफ तौर पर पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम के जरिए किस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं। चाहे वह डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक और ऑटोमोबाइल सेक्टर हो, एक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वित्तमंत्री ओपी चौधरी कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे निर्णय ले रहे हैं, जिसे कोई राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं लेना चाहता है। क्योंकि राजनीतिक तौर पर ये उनके लिए हानिकारक हो सकता है, उसके बावजूद वो इस तरह के फैसले ले रहे हैं, जोकि भारत राष्ट्र को विकासशील से विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जरूरी है। ऐसे में जब प्रधानमंत्री 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए काम कर रहे हैं तो एक स्टेट गवर्नमेंट के तौर पर हमारी सरकार की ये जिम्मेदारी है विकास की इस यात्रा में हम अपनी आहुति दे सकें।

ये हमारी जिम्मेदारी भी है कि इस यात्रा में हम कदम से कदम मिलाकर चलें, क्योंकि अगर हमने ऐसा नहीं किया तो भारत विकसित नहीं हो पाएगा और छत्तीसगढ़ कहीं न कहीं पीछे छूट जाएगा। इसीलिए हमने अपने पहले ही बजट में अमृतकाल विजन 2024 का विजन डॉक्यूमेंट तैयार करेंगे और 1 नवंबर को होने वाले राज्य के स्थापना दिवस पर इसे प्रदेश की जनता को समर्पित करेंगे। ये हमारा लॉन्ग टर्म गोल है।

लॉन्ग टर्म के साथ मिड टर्म गोल पर भी काम कर रहे पीएम मोदी

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों के बारे में बात करते हुए कहते हैं कि पीएम मोदी न केवल लॉन्ग टर्म गोल सेट करते हैं, बल्कि मिड टर्म गोल भी सेट करके चल रहे हैं। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को 11वें नंबर से 5वें नंबर की अर्थव्यवस्था बना दिया है। इसी को देखते हुए हमने भी राज्य के लिए मिड टर्म टार्गेट सेट किया है।

छत्तीसगढ़ की बात आते ही ये बातें अक्सर जेहन में आती हैं कि मध्य प्रदेश अलग होकर राज्य बना है तो छोटा राज्य होगा, लेकिन आपको बता दूं कि छत्तीसगढ़ देश का नौवां बड़ा राज्य है। तीन करोड़ की जनसंख्या वाला छत्तीसगढ़ भारत की करीब 2 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। बिहार और तमिलनाडु से बड़ा राज्य छत्तीसगढ़ है। आप में से कई लोगों को ये सुखद आश्चर्य होगा कि हमारा जनसंख्या घनत्व बहुत कम है। हमारे सोशियो-इकोनोमिक इडीकेटर्स हैं, चाहे वो शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और जीवन प्रत्याशा के क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों में हमने जबर्दस्त रिफॉर्म किया है। हालांकि, अभी भी में राष्ट्रीय औसत से पीछे हैं, जो कि एक चुनौती है। हमें अभी भी विकास के पायदान पर बहुत कुछ करने की आवश्यकता है।

प्रदेश के उद्योग धंधे मजबूत स्थिति में

वित्त मंत्री चौधरी प्रदेश के आर्थिक मुद्दों पर बात करते हैं कहते हैं छत्तीसगढ़ का सेकेंडरी सेक्टर (उद्योग धंधे) बहुत मजबूत स्थिति में हैं। लेकिन किसी भी अर्थव्यवस्था को विकसित करने के लिए सर्विस सेक्टर का मजबूत होना आवश्यक है। इस मामले में जीएसडीपी में हमारा योगदान केवल 35 फीसदी का है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 55 फीसदी का औसत है। सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आगे की हमारी रणनीति यह है कि हम सर्विस सेक्टर पर भी फोक्स करेंगे।

छत्तीसगढ़ की खदानों को लेकर अक्सर ये कहा जाता है कि ‘अमीर धरती के गरीब लोग’ लेकिन आपको बता दें कि देश का 20 फीसदी कोयला, 16 प्रतिशत लौह अयस्क, 11 फीसदी लाइमस्टोन, 4.4 फीसदी बॉक्साइट, 100 फीसदी टिन का उत्पादन होता है। मंगलयान और चंद्रयान में इस्तेमाल किया गया एल्युमिनियम छत्तीसगढ़ की धरती से निकला है। यहीं नहीं दुनिया की सबसे लंबी रेप पटरिया छत्तीसगढ़ की भिलाई स्टील प्लांट में बनती हैं।

छत्तीसगढ़ में मिला लिथियम भंडार

वित्त मंत्री ओपी चौधरी कहते हैं कि आज इलेक्ट्ऱॉनिक का युग है और मैं बताना चाहता हूं कि हमें प्रदेश में सबसे बड़ा लिथियम का भंडार मिला है। इसके अलावा हमारे छत्तीसगढ़ का कुल फॉरेस्ट कवर 44 प्रतिशत है। क्षेत्रफल की दृष्टि से हम देश के तीसरे सबसे बड़ी फॉरेस्ट कवर वाले राज्य हैं। इसमें पहले नंबर पर मध्य प्रदेश, अरुणाचल औऱ फिर छत्तीसगढ़ आता है। पूरे देश के लिए हमारे वनवासी भाई बहनों ने जंगलों को सजों कर रखा हुआ है। जंगलों के कारण प्रदेश को महत्व मिलना चाहिए। इस बार के बजट में हम डीडीपी (डिसेंट्रलाइज्ड डेवलपमेंट पॉकेट्स) की अवधारणा लाए हैं। जिस तरह से प्रधानमंत्री कहते हैं कि हर क्षेत्र की अपनी खूबियां होती हैं अपने चरित्र होते हैं। उसी तरह के हमको इस चीज को विकसित करना चाहिए। उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ की अपनी एक खासियत है और जंगलों की दृष्टि से यहां पर 30 फीसदी से अधिक जंगल हैं तो इसे इकोटूरिज्म के तौर पर हम विकसित कर रहे हैं। वहीं कथित तौर पर बैकवर्ड कहे जाने वाले क्षेत्रों में भी डेवलपमेंट के ऐसे पोटेंशियल होते हैं, जो सामान्य क्षेत्रों में नहीं होते हैं। इन सभी को देखते हुए हम अलग-अलग एरिया के हिसाब से अलग-अलग रणनीति के तहत काम कर रहे हैं। हमने प्रदेश की राजधानी रायपुर के साथ ही हमने ग्रीनफील्ड सिटी को हमने विकसित किया है। इसके तहत 80 वर्ग किमी का क्षेत्र हमारे पास लैंड बैंक के रूप में उपलब्ध है। सामान्य तौर पर मैं कहूं तो चंडीगढ़ का जो पहला फेज था वो केवल 55 किमी की था और बाद के स्टेजेज को जोड़कर चंडीगढ़ का टोटल एरिया 71 किलीमीटर का है। उसकी तुलना में रायपुर में बन रही ग्रीनफील्ड कैपिटल सिटी का लेयर वन ही 80 वर्ग किमी का है। लेयर-2 और 3 के बनने के बाद अगर हम इसे जोड़ देंगे तो ये 237 वर्ग किमी की एरिया बन रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर हम रायपुर, नवा रायपुर, भिलाई, छत्तीसगढ़, कुम्हारी आदि को जोड़कर हम स्टेट कैपिटल रीजन बना रहे हैं। ताकि इसे हम पूरे स्टेट के ग्रोथ के अर्बन स्टेट इंजन के तौर पर विकसित कर सकें।

य़हां पर हम मेडिकल, सर्विस सेक्टर और आईटी सेक्टर को प्लग एंड प्ले मॉडल के तहत लाने में लगे हुए हैं। एक साल के अंदर 10000 युवाओं को आईटी सेक्टर में नौकरी देने की दिशा में हम काम कर रहे हैं। रायपुर बॉम्बे कोलकाता रूट पर नेशनल हाईवे से वेल कनेक्टेड है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर भी तेजी से विकसित हो रहा है। वहीं जनजातीय मुद्दों पर बात करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि प्रदेश में प्रदेश की कुल जनसंख्या का 30 फीसदी हिस्सी जनजातीय समुदाय है। प्रदेश में 35 से अधिक जनजातियां हैं, जो कि हमारी मजबूती हैं। आने वाले वक्त में उनका बड़ा योगदान हम देश की अर्थव्यवस्था में सुनिश्चित करना चाहते हैं।

सवाल: आपने विजन 2047 की एक तस्वीर तो यहां दिखा दी, जिसमें बहुत ज्ञान था। जब आपने बजट पेश किया था तो उसमें भी एक ज्ञान था?

जवाब: जी, हमने बजट में पहला बिंदु ज्ञान का रखा था। जैसा कि प्रधानमंत्री बात करते हैं उसी तरह से G-गरीब,Y-युवा, A-अन्नदाता, N-नारी शक्ति (GYAN)है। कोई भी हम डेवलपमेंट करेंगे माइनिंग, सर्विस सेक्टर, मेडिकल या फिर नक्सल को ठीक करेंगे ये सारे विकास इन्क्लूसिव होने चाहिए। हमारे छत्तीसगढ़ के भाई-बहन, जिन्हें अमीर धरती के गरीब लोग कहा जाता है, उन्हें इसका लाभ मिल सके, ये हमने पहला बिंदु रखा था। हमने जब बजट पेश किया था तो हमने 10 रणनीतिक स्तंभ बनाए थे, जिसमें पहला पिलर GYAN का है। इसके तहत हमारी पहली करोसिश ये रही कि हाशिए पर खड़ा कोई भी हमारा समाज छूट न जाए।

सवाल: कांग्रेस की सरकार के दौरान कोयला घोटाला, शराब घोटाला और महादेव ऐप घोटाला जैसे कई आरोप थे। इसके अलावा जीएसटी वसूली के आरोप भी व्यापारियों ने कांग्रेस पर लगाए थे। क्या इन 6 महीनों में व्यापारियों के वर्ग से आपने बात की?

जवाब: किसी भी व्यापारी को चाहिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का माहौल। यानि कि उसे उसका काम करने दिया जाए। सरकार से पहले सपोर्ट वो यही मांगता है कि उसे उसका काम करने दिया जाए। कांग्रेस की सरकार में हर जगह भय और आतंक था और ऐसे में कोई भी बिजनेस पनप नहीं सकता। हर जिगह सिस्टम को कोलैप्स करके रखा हुआ है था। आपने जीएसटी की बात की, तो आपको बताना चाहूंगा कि दो जीएसटी कमिश्नर, जिन्होंने कांग्रेस सरकार में काम किए थे वो जेल के अंदर हैं, पिछले डेढ़ या दो साल से। मुख्यतया इससे आप कांग्रेस के इरादों को समझ सकते हैं। टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल के बीच ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला बना था। लेकिन इस फॉर्मूले को फेल करने के लिए पहले ही भूपेश बघेल जी ने कांग्रेस की संस्कृति के तहत तय कर लिया था कि इसको फेल करना है। इसके लिए भूपेश बघेल ने जो तरीका अपनाया वो ये था कि उन्होंने गांधी परिवार के लिए छत्तीसगढ़ को एटीएम बना दिया। ताकि वो अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा कर सकें।

जब भी उन्हें चाहे पैसे पहुंचाना हो या खुद के लिए कैश कमाना होता था तो सिस्टम को कोलैप्स किया जाता था। जब भी सिस्टम बिगड़ता है तो भ्रष्टाचारियों के जेब अधिक भरेंगे, जबकि सरकार को कम पैसा मिलेगा। इसी कारण इन्होंने हर जगह सिस्टम को बिगाड़ा और हर जगह माफिया राज लाए। ताकि छत्तीसगढ़ को गांधी फैमिली का एटीएम बना सकें और अपने मुख्यमंत्रित्व के चेयर को आगे बढ़ा सकें।

सवाल: इस माफिया को मिटाने और पारदर्शिता लाने के लिए आपका विजन क्या है?

जवाब: आदरणीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार बहुत तेजी से हर क्षेत्र में सुधार कर रही है। क्योंकि कोई भी स्टेट गवर्नेंस के बिना न तो नक्सलवाद से लड़ सकता है और न ही विकास सुनिश्चित कर सकता है। सबसे बेसिक थीम ये है कि हमें हर जगह गवर्नेंस स्थापित करना होगा। इसी विचार के साथ सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। उदाहरण के तौर पर कोयला में रॉयल्टी सिस्टम दिया जाता था। जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी तो उसे ऑनलाइन बना दिया गया था। उसमें व्यापारी को रिलीज ऑर्डर स्वत: जेनरेट हो जाता था। लेकिन भूपेश बघेल सरकार ने जुलाई 2020 में मैनुअल कर दिया। 25 रुपए प्रति टन के हिसाब से एक्सट्रैक्शन अमाउंट इकट्ठा किया गया। लेकिन, हमारी सरकार आते ही हमने सबसे पहले उसी को ऑनलाइन किया। ताकि इस तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। इसी तरह से पीएससी में हमारी सरकार ने सीबीआई जांच के लिए रिकमेंड किया है। ऐसे ही उन्होंने जेम पोर्टल पर खरीदी को बैन कर दिया था, जो कि सबसे अधिक पारदर्शी था। हमने उसको फिर से ऑनलाइन किया। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया। हम तकनीकों का इस्तेमाल करके पूरे सिस्टम को सुधारने में लगे हुए हैं। हमारी विचारधारा का प्रथम बिंदु एक सशक्त राज्य की स्थापना में हम अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

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कुलदीप सिंह
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नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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