खेत को खाद, विकास का साथ
July 18, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

खेत को खाद, विकास का साथ

इंडियन फॉर्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (इफको) का मानना है कि भविष्य में देश को बाहर से उर्वरक आयात करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। इफको ने दुनिया का पहला नैनो उर्वरक ‘इफको नैनो यूरिया’ विकसित किया है जिसे रासायनिक उर्वरक के उपयोग को कम करने के लिए प्रयोग किया जा रहा

Written byआदित्य भारद्वाजआदित्य भारद्वाज
Jul 1, 2024, 02:07 pm IST
in भारत, विश्लेषण

इंडियन फॉर्मर्स फर्टिलाइजर को आपरेटिव लिमिटेड (इफको)- सहकारी क्षेत्र की रासायनिक खाद बनाने वाली कंपनी है। इस कंपनी को पुन: दुनिया की शीर्ष 300 सहकारी संगठनों की सूची में पहला स्थान मिला है। यह रैंकिंग प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद पर कारोबार के अनुपात पर आधारित है, जो यह दर्शाती है कि इफको राष्ट्र के सकल घरेलू उत्पाद और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। अपनी 35,500 सदस्यीय सहकारी समितियों, 25,000 पैक्स और 52,400 प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों के साथ इफको ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘आत्मनिर्भर कृषि’ की ओर अग्रसर सहकार से समृद्धि का सशक्त उदाहरण है।

इफको के प्रबंध निदेशक उदय शंकर अवस्थी कहते हैं, ‘‘यह इफको और भारतीय सहकारी आंदोलन के लिए गर्व का क्षण है। इफको में हम हमेशा किसानों की आय बढ़ाने, देश भर के किसानों के समग्र विकास को सुनिश्चित करने और सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के मिशन के प्रति प्रतिबद्ध हैं। वे कहते हैं, ‘‘सहकारी संगठन नवाचार में विश्वास करता है और उसने कृषि, विशेषकर वैकल्पिक उर्वरकों के लिए नैनो प्रौद्योगिकी आधारित समाधान प्रस्तुत किए हैं, जिसकी शुरुआत इफको नैनो तरल यूरिया से हुई है।’’

1967 में हुई थी शुरुआत

इफको की शुरुआत 1967 में केवल 57 भारतीय सहकारी समितियों द्वारा भारतीय किसानों की स्थिति को बेहतर करने और देश की खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हुई थी। इफको द्वारा दुनिया का पहला नैनो उर्वरक ‘इफको नैनो यूरिया’ रासायनिक उर्वरक के उपयोग को कम करने के लिए विकसित किया गया।

चार करोड़ किसानों से सीधे जुड़ाव

देशभर की 35 हजार से अधिक सहकारी समितियों के माध्यम से इफको देश के चार करोड़ किसानों से सीधे तौर पर जुड़ी है। पिछले वित्त वर्ष में इफको ने 76,000 करोड़ रुपए का समूह व्यापार किया।

बनता है 5.61 मिट्रिक टन उर्वरक

इफको के देश में पांच आधुनिक उर्वरक संयंत्र हैं। इनमें हर साल 95.61 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का उत्पादन होता है। इफको भारत में उत्पादित कुल उर्वरक में 32 प्रतिशत फॉस्फेटिक उर्वरक और 21 प्रतिशत नाइट्रोजन का उत्पादन करती है।

किसान उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य

इफको ने विश्व के पहले नैनो उर्वरक इफको नैनो यूरिया (तरल) के आविष्कार के बाद उसके छिड़काव के लिए कृषि ड्रोन का प्रयोग करने की योजना बनाई है। इसके तहत इफको लगातार नये लोगों को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दे रही है। ड्रोन आज कृषि हेतु जरूरी उपकरण बन गया है। ‘किसान ड्रोन’ के माध्यम से इफको की योजना देशभर में 5000 किसान उद्यमी तैयार करने की है।

ड्रोन के लिए केंद्र ने दी मंजूरी

देश में कृषि ड्रोन की इस आवश्यकता को समझते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रीमंडल की एक बैठक में 15,000 महिला स्वयं सहायता समूह को ड्रोन उपलब्ध कराने की एक केंद्रीय योजना को मंजूरी दी गई जिसका नाम ‘नमो ड्रोन दीदी योजना है।’ इस योजना के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि के इस्तेमाल के लिए किसानों को किराए के तौर पर ड्रोन उपलब्ध कराये जा रहे हैं। ये ड्रोन उर्वरकों के छिड़काव आदि के लिए उपयोग में लिए जा रहे हैं।

महिला स्वयं सहायता समूह ड्रोन योजना के तहत ये ड्रोन 2023-24 और 2025-26 के दौरान मुहैया कराए जाएंगे। महिला ड्रोन पायलट को इस योजना के तहत हर महीने मानदेय देने का प्रावधान है। इसके अलावा महिला ड्रोन सखी को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। 28 नवंबर 2023 में शुरू हुई। इस योजना के तहत सहकार द्वारा 1261 करोड़ रुपए के 15,000 ड्रोन का वितरण किया जाएगा।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती में प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है। ड्रोन उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव की दक्षता में सुधार करने के लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन प्रदान किए जाएंगे। बाद में किसान कृषि के इस्तेमाल के लिए ड्रोन किराए पर ले सकेंगे। इस योजना से न केवल महिला स्वयं सहायता समूहों को ही लाभ मिलेगा बल्कि कृषि के इस्तेमाल में एडवांस टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा सकेगा जिससे किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

योजना की शुरुआत के बाद भी देशभर से इफको ने अभी तक 300 से ज्यादा महिलाओं को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया है। 15 दिन का यह प्रशिक्षण मानेसर, ग्वालियर और प्रयागराज में दिया जा रहा है।

इफको का एक किसान केंद्र

तिपहिया वाहन भी करा रहे मुहैया

ड्रोन के अलावा इफको महिलाओं को इलेक्ट्रिक वाहन भी दे रही है ताकि उर्वरकों और ड्रोन को आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सके। इफको का लक्ष्य पूरे भारत से 5000 ग्रामीण उद्यमियों का चयन करना है। इन चयनित उद्यमियों को मुफ्त में इफको किसान ड्रोन की मदद से ड्रोन चालक बनने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन सभी को इफको द्वारा ड्रोन, उससे जुड़े अन्य उपकरण एवं एक इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन भी मुफ्त में दिया जाएगा, जिस पर उनका मालिकाना हक होगा।

2500 रु. रोजाना की हो रही कमाई

इफको के विपणन प्रबंधक योगेंद्र कुमार का कहना है कि ड्रोन खेतों में नैना यूरिया व कीटनाशक छिड़कने के काम आ रहे हैं। इसके लिए महिलााएं प्रति बीघा 150 रुपए ले रही हैं। ऐसे में वे रोजाना 2500 रुपए तक की कमाई कर पा रही हैं। नमो ड्रोन दीदी योजना महिला सशक्तिकरण की एक नई इबारत लिख रही है।

2025 के बाद नहीं आयात होगा यूरिया

देश में उर्वरक की मांग को पूरा करने के लिए भारत को सालाना करीब 350 लाख टन यूरिया की जरूरत होती है। वर्तमान में घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़कर करीब 310 लाख टन हो गई है। घरेलू उत्पाद और मांग के बीच का अंतर बस 40 लाख टन है। इफको के प्रबंध निदेशक ‘‘उदय शंकर अवस्थी कहते हैं, ‘‘आने वाले दिनों में भारत को बाहर से यूरिया आयात करने की जरूरत नहीं रह जाएगी। हमारा लक्ष्य 20 से 25 लाख जिस पारंपरिक यूरिया का इस्तेमाल खेती में किया जाता है, उसको बदलकर नेनौ तरल यूरिया करने का है। इसकी लागत कम आती है और यह किसानों के हित में है। इसका इस्तेमाल करने से मिट्टी की उत्पादकता में बढ़ोतरी होती है और फसलें भी अच्छी होती हैं।’’ 

सहकार से समृद्धि

 

Topics: ‘आत्मनिर्भर भारत’पाञ्चजन्य विशेषरासायनिक खादइंडियन फॉर्मर्स फर्टिलाइजरइफको नैनो यूरियानमो ड्रोन दीदी योजना हैकिसान ड्रोन
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

बहुआयामी वीर सावरकर (6) : राष्ट्रमंत्र के महाकवि

शिवपुराण का यह श्लोक खोलता है ज्ञान के अठारह मार्ग, आज की शिक्षा नीति के लिए भी है मार्गदर्शक

अभेद्य होगा रण प्रदेश

फिल्‍म ‘सतलुज’ का एक दृृृश्‍य

सतलुज : आधा सच, पूरा छल

अमिट अटल : ‘पत्रकारिता में यथार्थ सूचना के पक्षधर थे अटल जी’

दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन करते हुए (बाएं से) सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले, भारत प्रकाशन के प्रबंध निदेशक श्री अरुण कुमार गोयल, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री सुनील आंंबेकर, पाञ्चजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर, प्रज्ञा प्रवाह के राष्ट्रीय संयोजक श्री जे. नंदकुमार और पूर्व केंद्रीय मंत्री डाॅ. मुरली मनोहर जोशी

अमिट अटल : जनसंवाद के जादूगर अटल जी

Load More

ताज़ा समाचार

CM Yogi Adityanath Ghaziabad Speech Kawwar Yatra Ban SP Congress Development Projects Rajpal Tyagi

गाजियाबाद में गरजे सीएम योगी: बोले- बम बनाने वालों को होती थी शिवभक्तों की ‘बम-बम’ से तकलीफ

PM Modi Jalandhar Punjab Visit Jalandhar Cantt Station Sant रविदास Express Law and Order Rally

पंजाब में कानून व्यवस्था बदहाल, कब कहां गैंगवार हो जाए, किस दिशा से गोलियां चलने लगे, कुछ नहीं मालूम : पीएम मोदी

'सतलुज' पर सरकार का बड़ा फैसला

Diljit Dosanjh की विवादित फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, OTT पर दोबारा दिखाने वाली याचिका खारिज!

CM Yogi Adityanath Kairana Shamli Speech Jinna Followers Demography Change SP Congress Development Projects

कैराना में गरजे सीएम योगी: बोले- शामली की डेमोग्राफी बदल रहे थे जिन्ना के उपासक, अपराधियों को मिलेगी सिर्फ दो जगह!

उत्तराखंड को बड़ी सौगात: PM मोदी ने किया हर्रावाला रेलवे स्टेशन का लोकार्पण, ऐपण कला और आधुनिकता का बेजोड़ संगम

Saharanpur Court Order Illegal Mosque Removal Collectorate Court Premises Fine Vikas Tyagi Bajrang Dal

सहारनपुर: 30 दिनों के अन्दर कलेक्ट्रेट परिसर से हटेगी अवैध मस्जिद! 6.41 करोड़ रुपये का लगा जुर्माना

Rahul Gandhi Dehradun Visit BJP Mahila Morcha Protest Ruchi Bhatt CMI Chowk Dehradun Police

राहुल गांधी के देहरादून पहुंचते ही भारी हंगामा: भाजपा महिला मोर्चा का प्रचंड प्रदर्शन, पुलिस ने कईयों को किया डिटेन!

PM Modi Chandigarh Visit Civil Secretariat Bomb Threat

PM Modi Chandigarh Visit: चंडीगढ़ सिविल सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

Tech Tantra | क्या AI बन रहा है आतंकियों का नया हथियार? | UN Report का बड़ा खुलासा

8,500 चर्च बंद, मस्जिदें बढ़ीं… अब 40 साल पुराने हिंदू मंदिर की जमीन पर क्यों छिड़ी कानूनी जंग?

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies