संदेशखाली ने ममता के चेहरे से उतार फेंका महिला-हितैषी का नकाब : रेखा पात्रा संदेशखाली : ममता के चेहरे से उतार फेंका महिला-हितैषी का नकाब : रेखा पात्रा
August 23, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम साक्षात्कार

संदेशखाली ने ममता के चेहरे से उतार फेंका महिला-हितैषी का नकाब : रेखा पात्रा

संदेशखाली में महिला सम्मान की प्रतीक बनकर उभरी पश्चिम बंगाल के बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र की भाजपा उम्मीदवार है रेखा पात्रा। वे ममता बनर्जी से जानना चाहती हैं कि उन्हें संदेशखाली की महिलाओं का दर्द महसूस क्यों नहीं हुआ?

Written byअश्वनी मिश्रअश्वनी मिश्र
May 25, 2024, 11:29 pm IST
inसाक्षात्कार, पश्चिम बंगाल
रेखा पात्रा

रेखा पात्रा

संदेशखाली में महिला सम्मान की प्रतीक बनकर उभरी पश्चिम बंगाल के बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र की भाजपा उम्मीदवार है रेखा पात्रा। वे ममता बनर्जी से जानना चाहती हैं कि उन्हें संदेशखाली की महिलाओं का दर्द महसूस क्यों नहीं हुआ? इतनी बड़ी घटना के बाद भी वे क्यों संदेशखाली नहीं आई? रेखा कहती हैं कि असल में तो ममता ही महिलाओं पर अत्याचार करने वाले दस्तों की अगुआ हैं। वे अपने राजनीतिक लाभ के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। पाञ्चजन्य के विशेष संवाददाता अश्वनी मिश्र ने रेखा पात्रा से विस्तृत बात की। प्रस्तुत हैं बातचीत के संपादित अंश- 

संदेशखाली में आप महिला अस्मिता की प्रतीक बनकर उभरी हैं। आप जीतती हैं तो बहुत ही बढ़िया, लेकिन यदि ऐसा नहीं होता तो भी क्या आप राज्य में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के विरुद्ध लड़ाई जारी रखेंगी?
देखिए, सबसे पहले तो मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का धन्यवाद करना चाहूंगी कि उन्होंने संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं के दुख-दर्द को बहुत करीब से समझा। मैं तो बहुत ही सामान्य महिला हूं, फिर भी भाजपा जैसी विशाल पार्टी ने महिला अस्मिता की प्रतीक के रूप में मुझे चुना और संदेशखाली की महिलाओं की आवाज बनाया। इसलिए हारना, जीतना अलग बात है, असल बात है महिलाओं के खिलाफ राज्य में हो रहे जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना, उन्हें न्याय दिलाना। इसलिए मैं स्पष्ट करती हूं कि जीतूं या हारूं, मेरी लड़ाई जारी रहेगी। दूसरी बात— संदेशखाली का मामला कोई राजनीतिक मामला नहीं है। यह महिला अस्मिता का विषय है। यहां महिलाओं के साथ जुल्म हुआ है, ऐसा जुल्म कि बताया नहीं जा सकता। यहां की महिलाएं उसे सिर्फ महसूस करके सिसकती हैं। उन्हें लगातार डराया-धमकाया जा रहा है। इसलिए मेरा जीतना-हारना महत्वपूर्ण है ही नहीं, महत्वपूर्ण है तो वह है जुल्म के खिलाफ आवाज बुलंद करना और उन्हें न्याय दिलाना।

पश्चिम बंगाल में एक महिला मुख्यमंत्री हैं। जब वे मुख्यमंत्री बनीं तो महिलाओं को लगा कि अब उनकी कोई सुनेगा। लेकिन हुआ इसका उलटा। क्या कहेंगी आप इस पर?
निश्चित रूप से हम सभी को आशा थी कि एक महिला मुख्यमंत्री होने से राज्य की महिलाओं पर जुल्म कम हो जाएंगे। जो अत्याचार करेगा, उसे कड़ी सजा मिलेगी। ममता बनर्जी महिलाओं की आवाज सुनेंगी। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। खुद ममता बनर्जी अपनी गुंडा वाहिनी के जरिए जुल्म कराती हैं। आज उनके नेता महिला अत्याचार में सबसे आगे हैं। संदेशखाली इसका उदाहरण है। शाहजहां शेख जैसे दुष्कर्मी नेता को मुख्यमंत्री का पूरा संरक्षण था। उन्होंने उसे अंतिम समय तक बचाया। सबकुछ जानते हुए भी कि उस दरिंदे ने संदेशखाली की महिलाओं के साथ बेलगाम अत्याचार किया, वे उसका साथ देती आ रही हैं और यहां की महिलाओं के खिलाफ रही हैं। उन्हें पीड़िताओं के दर्द से कोई वास्ता नहीं था और आज भी नहीं है। अगर वे तनिक भी महिला हितैषी होतीं तो अब तक संदेशखाली का दौरा कर चुकी होतीं। यहां की महिलाओं की पीड़ा और दुख-दर्द उन्हें नहीं दिखा? यहां की महिलाओं का जो सम्मान लुटा, वह उन्हें क्यों अभी तक दिखाई नहीं दिया? उन्हें तो गुंडों और दंगाइयों का साथ देना है। उन्हें आम लोग नहीं चाहिए। इसलिए हमें राज्य में ममता का नेतृत्व नहीं चाहिए। हकीकत में वे गुंडावाहिनी की अगुआ हैं।

वामपंथी तो धर्म विरोधी थे ही, हाल ही में ममता बनर्जी ने रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन और भारत सेवाश्रम संघ पर निशाना साधा। वे लगातार अपने बयानों में हिन्दू धर्म पर निशाना साध रही हैं। उनके इस रवैये पर क्या कहेंगी आप? 
देखिए, ममता बनर्जी हिन्दू विरोध में अब वामपंथियों से आगे जा चुकी हैं। वामपंथी शासन में राज्य के लोगों पर जो अत्याचार हुए, उनकी कल्पना नहीं की जा सकती लेकिन अब ममता राज में जो हो रहा है, वह उससे भी ज्यादा है। यह पूरी सरकार धर्मद्रोही बन चुकी है। यह राम मंदिर का विरोध करती है।
वे हिन्दू धर्म पर बराबर इसलिए हमले कर रही हैं, क्योंकि उन्हें रोहिंग्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों को खुश करना है। वे अपने वोट बैंक को साधने केलिए सेवा करने वाले संगठनों को भी नहीं छोड़ रहीं। वे तुष्टीकरण के दलदल में इतनी धंसी हुई हैं कि उन्हें कुछ और सूझ ही नहीं रहा। उन्हें सिर्फ एक ही चीज से मतलब है कि कैसे मुसलमानों को खुश किया जाए। इसलिए वे वही कर रही हैं, जिससे उनका वोट बैंक खुश हो।

संदेशखाली प्रकरण तो मीडिया में छा गया। राज्य में और कितने ‘संदेशखाली’ हैं, जहां महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा है?
आज राज्य में महिला उत्पीड़न चरम पर है। कितनी जगहों के नाम बताएं जहां महिलाओं पर अत्याचार नहीं हो रहा। उनका उत्पीड़न किया जा रहा है, लेकिन वे डर के चलते बोल नहीं पा रहीं। ये महिलाओं को दबा रहे हैं। यहां तक कि बच्चियों के साथ भी जुल्म हो रहा है। पूरे राज्य में गुंडातंत्र हावी है। आए दिन महिलाओं के साथ बलात्कार, अत्याचार और जुल्म खुलेआम हो रहा है। लेकिन न तो यहां की पुलिस कुछ बोलती है और न ही ममता बनर्जी। खुलेआम ममता की पार्टी के नेता और गुंडावाहिनी महिलाओं का उत्पीड़न करती है।

राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या हाल में कुछ ज्यादा बढ़ी है। आप खुद सीमावर्ती इलाके में रहती हैं। क्या स्थिति है इलाके की?
इसमें कोई दो राय नहीं कि राज्य में रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठिये लगातार बढ़ रहे हैं। वे सीमावर्ती इलाकों में ही नहीं बल्कि पूरे राज्य की जनसांख्यिकी प्रभावित कर रहे हैं। मालदा, बशीरहाट, मुर्शिदाबाद, दक्षिण और उत्तर 24 परगना सहित सीमावर्ती जिले इससे बहुत प्रभावित हैं। स्थानीय नेता वोट बैंक के लिए इन्हें धड़ल्ले से सब कुछ उपलब्ध कराते हैं— भोजन से लेकर पहचान पत्र तक। बस फिर वे यहीं के होकर रह जाते हैं। ये लोग यहां ऐसे बस गए हैं कि लगता ही नहीं कि ये इलाके भारत का हिस्सा हैं। टीमसी और ममता बनर्जी ने इन्हें खूब खाद-पानी दिया है। उनके वोट पाने के लिए वे कुछ भी कर सकती हैं।

ममता राज में शाहजहां शेख जैसे अपराधियों के लिए राज्य की महिलाएं किस तरह की सजा चाहती हैं?
संदेशखाली सहित राज्य की महिलाएं यही चाहती हैं कि शाहजहां शेख और उसके साथी दरिंदों को फांसी की सजा हो, ताकि फिर से किसी की भी हिम्मत ना हो ऐसा अत्याचार करने की। जब तक ऐसे लोगों को कड़ी सजा नहीं मिलेगी, तब तक कोई भी, कुछ भी महिलाओं के साथ करता रहेगा। संदेशखाली की महिलाओं का दर्द बहुत बड़ा है। सिर्फ वही जानती हैं कि वे किस दर्द में हैं। इसलिए जब तक इन्हें कड़ी सजा नहीं मिलती हम लोग चैन से बैठने वाले नहीं हैं।

हाल ही में आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मुख्यमंत्री आवास में अरविंद केजरीवाल के सहयोगी द्वारा मार-पिटाई की गई। केजरीवाल और उनकी पार्टी महिला सुरक्षा और उनकी अस्मिता, सम्मान का दम भरती नजर आती थी। क्या कहेंगी इस पर?
देखिए, स्वाति मालीवाल के मसले से आम आदमी पार्टी का चाल, चरित्र और चेहरा सामने आ गया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने स्वाति मालीवाल के विषय में कुछ भी नहीं बोला और जो बोला वह उन्हें ही कटघरे में खड़ा करता है। यह सब कुछ बताता है कि आम आदमी पार्टी महिलाओं की कितनी बेइज्जती करती है। जब उनकी खुद की सांसद सुरक्षित नहीं है, उसके सम्मान को ठेस पहुंचाई जाती है तो भला दिल्ली की आम महिलाएं कितनी सुरक्षित होंगी। लेकिन एक तरफ भारतीय जनता पार्टी है, जो संदेशखाली में महिला उत्पीड़न का विरोध करती है। उनकी आवाज बनती है। मुझ जैसी सामान्य कार्यकर्ता को टिकट देकर महिलाओं की आवाज बुलंद करने का मौका देती है। स्वयं प्रधानमंत्री जी हम महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हैं। यह है अन्य दलों और भाजपा के बीच का अंतर।

 

Topics: MP Swati Maliwalमुख्यमंत्री आवास में अरविंद केजरीवालRohingya and Bangladeshi infiltratorsArvind Kejriwal at Chief Minister's residence.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीPrime Minister Narendra Modiरोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिमोंपाञ्चजन्य विशेषSandeshkhaliसंदेशखालीसांसद स्वाति मालीवाल
अश्वनी मिश्र
अश्वनी मिश्र
@kashmirashwaniअश्वनी मिश्र भारत की सबसे पुरानी और व्यापक रूप से प्रसारित राष्ट्रवादी हिंदी साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं. देश के ज्वलंत मुद्दों की ग्राउंड रिपोर्ट करने के साथ ही मुख्य रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा एवं राजनीतिक मुद्दों के बारे में लिखते हैं. जम्मू—कश्मीर, पश्चिम बंगाल एवं आतंकरोधी घटनाक्रम विशेष रुचि के क्षेत्र हैं. देश की विभिन्न राजनीतिक घटनाओं पर तीक्ष्ण नजर रखते हुए उनका समग्र विश्लेषण पत्रकारिता जगत में एक विशिष्ट स्थान रखता है। भारतीय राजनीति, समाज, खेल, मानवाधिकार क्षेत्र की विशिष्ट विभूतियों से निरंतर साक्षात्कार और चर्चा उनके पत्रकारीय अनुभव को मजबूत बनाती हैं. उनके अनेक आलेखों पर देश के राजनीतिक गलियारों में एक नरैटिव खड़ा हुआ. विभिन्न प्रासंगिक विषयों की रिपोर्ट और आलेखों को संसद के पुस्तकालय में संग्रहणीय तौर पर शामिल किया गया. बंगाल की चुनावी हिंसा की ग्राउंड रिपोर्ट एवं उसके पहले की अनेक हिंसाओं में पीड़ितों के जीवंत साक्षात्कार देशभर में सराहे गए. सोशल मीडिया पर उनकी उपस्थित विशेष दर्जा रखती है. [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

बहुआयामी वीर सावरकर

बहुआयामी वीर सावरकर की लिपि-दृष्टि

विभाजन की विभीषिका : पूर्वोत्तर पर बंटवारे की चोट

सारनाथ में उत्खनन में मिले अवशेष

#सारनाथ : पहचान की नई उड़ान

जोगिंदर सिंह ओबरॉय
मूल निवासी: रावलपिंडी, पाकिस्तान

विभाजन की विभीषिका : पिता को अंतिम विदाई भी न दे सके

कमल आनंद

विभाजन की विभीषिका : घर छूटा पढ़ाई भी

बंटवारे के दाैरान भारत की सीमा की ओर बढ़ते हिदू शरणार्थी

#विभाजन : बरसों की सुनियोजित परिणति

Load More

ताज़ा समाचार

रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो)

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ सुनवाई 23 सितंबर को

जनसांख्यिकी परिवर्तन (चित्र प्रतीकात्मक)

यूरोप का जनसांख्यिकीय चौराहा: आंकड़ों के पीछे छिपता जनसांख्यिकीय परिवर्तन

कोर्ट का फैसला (प्रतीकात्मक चित्र)

हिमाचल: कांग्रेस सरकार ने विश्वविद्यालय से जुड़े मामले पर नहीं बुलाई बैठक,  हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, 5 लाख का जुर्माना

झारखंड में छात्रों का प्रदर्शन

‘कपड़े फाड़े, दुपट्टा खींचा’, झारखंड में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का पुलिस पर गंभीर आरोप

Rahul Gandhi

पुणे में राहुल गांधी के कार्यक्रम में छात्रों को पैसे बांटने का आरोप, मुख्यमंत्री ने कहा-छानबीन की जाएगी

बहुआयामी वीर सावरकर

बहुआयामी वीर सावरकर की लिपि-दृष्टि

अमित शाह, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री

‘चिकन नेक’ की सुरक्षा को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने की बैठक, घुसपैठ रोकने काे बनेगा त्रिस्तरीय सुरक्षा तंत्र

पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज के 51वाँ निर्वाण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

संतों का मार्गदर्शन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा, देवभूमि की पवित्रता बनाए रखना प्राथमिकता : सीएम धामी

सज्जन कुमार (फाइल फोटो)

मौत से मिट नहीं जाता गुनाह का न्यायिक इतिहास!

Paper Leak से Power Surplus तक… भजनलाल सरकार ने कितना बदला राजस्थान?- Mehraj Singh Choudhary

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies