सैन्य ताकत : चीन की नींद उड़ाएगा ‘रोमियो’, नौसेना की आंख, नाक, कान और लंबे हाथ बनेंगे एमएच-60आर हेलीकॉप्टर
October 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम रक्षा

सैन्य ताकत : चीन की नींद उड़ाएगा ‘रोमियो’, नौसेना की आंख, नाक, कान और लंबे हाथ बनेंगे एमएच-60आर हेलीकॉप्टर

दुश्मनों की पनडुब्बियों पर नजर रखने और उन्हें खत्म करने वाले सीहॉक हेलिकॉप्टरों को भारतीय नौसेना द्वारा अपने सैन्य बल में शामिल कर लिया गया है।

Written byयोगेश कुमार गोयलयोगेश कुमार गोयल
Mar 10, 2024, 05:26 pm IST
inरक्षा, विश्लेषण

दुश्मनों की पनडुब्बियों पर नजर रखने और उन्हें खत्म करने वाले सीहॉक हेलिकॉप्टरों को भारतीय नौसेना द्वारा अपने सैन्य बल में शामिल कर लिया गया है। केरल में कोच्चि के आईएनएस गरूड़ में 6 मार्च को एमएच 60आर सीहॉक मल्टी-रोल हेलीकॉप्टरों का पहला स्क्वाड्रन भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किए जाने के बाद नौसेना का कहना है कि यह कमीशनिंग भारत की रक्षा आधुनिकीकरण यात्रा में महत्वपूर्ण साबित होगी। इन हेलीकॉप्टरों को आईएनएएस-334 स्क्वाड्रन में शामिल किया गया है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में, जहां चीनी सैन्य हमले बढ़ रहे हैं, नौसेना की परिचालन क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि सीहॉक हेलीकॉप्टरों के शामिल होने से बल की समुद्री शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और चीन अथवा पाकिस्तान की सबमरीन अब भारत के तटीय तथा समुद्री इलाकों की जासूसी नहीं कर पाएंगी क्योंकि ये मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर उन्हें खोजकर या तो भगा देगा या जरूरत पड़ने पर नष्ट कर देगा। नौसेना के मुताबिक एमएच 60आर हेलीकॉप्टर न केवल भारत की समुद्री क्षमताओं को बढ़ाएगा बल्कि नौसेना की परिचालन पहुंच का भी विस्तार करेगा और स्पेक्ट्रम तथा विशाल समुद्री क्षेत्रों में निरंतर नौसैनिक संचालन का भी समर्थन करेगा। हिंद प्रशांत क्षेत्र में सीहॉक की तैनाती से भारतीय नौसेना की समुद्री उपस्थिति काफी सशक्त होगी।

एमएच 60आर सीहॉक मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर अमेरिका के ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टरों का समुद्री वर्जन है। एमएच 60आर सीहॉक हेलिकॉप्टर में ‘आर’ का अर्थ है ‘रोमियो’। भारतीय नौसेना को 2020 में अमेरिका के साथ करीब ढ़ाई अरब डॉलर की बड़ी डील के तहत 2025 तक 24 रोमियो हेलिकॉप्टर मिल जाएंगे। नौसेना के बेड़े में 24 अत्याधुनिक रोमियो हेलीकॉप्टरों के शामिल हो जाने के बाद भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी। दरअसल माना जा रहा है कि रोमियो हेलीकॉप्टर नौसेना की आंख, नाक, कान और लंबे हाथ का कार्य बखूबी निभाएंगे। इस प्रकार के मल्टीरोल हेलीकॉप्टर की मांग भारतीय नौसेना करीब एक दशक से कर रही थी क्योंकि नौसेना जिस तरह के नेवल ऑपरेशनों की तैयारी कर रही है, वे ऐसे हेलीकॉप्टरों के मिलने पर ही संभव हो सकेंगे। भारत ने इन हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए अमेरिका से अनुरोध किया था लेकिन भारत चूंकि नाटो का सदस्य नहीं है, इसलिए अमेरिका को भी ये हेलीकॉप्टर भारत को बेचने के लिए विशेष मंजूरी की जरूरत थी। आखिरकार अमेरिका ने 2020 में भारत को 24 बहुउपयोगी एमएच-60आर सी-हॉक हेलीकॉप्टर की बिक्री को मंजूरी दे दी थी। भारत और अमेरिका के बीच 2020 में लॉकहीड मार्टिन कम्पनी से 16 हजार करोड़ रुपये में ऐसे 24 बहुआयामी रोमियो हेलीकॉप्टरों को खरीदने का महत्वपूर्ण करार हुआ था। इन हेलीकॉप्टरों को चलाने के लिए प्रशिक्षण लेने हेतु भारतीय पायलटों का पहला बैच अमेरिका गया था, जिसने अमेरिका के नॉर्थ आइलैंड नेवल एयर स्टेशन में 10 महीने की ट्रेनिंग ली थी।

अमेरिकी नौसेना में रोमियो हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल ‘सबमरीन हंटर’ के तौर पर किया जाता है। इस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल हर तरह जंगी जहाजों, जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर, डिस्ट्रायर या फ्रिगेट से किया जा सकता है। रोमियो हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल अमेरिका, आस्ट्रेलिया तथा जापान भी करते हैं और अब ये हेलीकॉप्टर भारतीय नौसेना की क्षमता में भी वृद्धि करेंगे। बहुआयामी रडारों से लैस एमएच-60 रोमियो हेलिकॉप्टर रात में भी दुश्मन पर हमला कर सकेंगे और इन्हें समुद्र में राहत एवं खोज अभियान के अलावा शिकारी पनडुब्बियों में भी तैनात किया जा सकता है। इसके अलावा रोमियो हेलीकॉप्टर मालवाहक विमानों, युद्धपोतों तथा विध्वंसकों से भी संचालित हो सकते हैं। रोमियो हेलीकॉप्टर से भारतीय नौसेना अपने पुराने पड़ चुके सी किंग हेलीकॉप्टरों को रिटायर करेगी। एमएच 60आर सीहॉक मल्टी-रोल हेलीकॉप्टरों को भारत के लिए इतना महत्वपूर्ण इसलिए माना जा रहा है क्योंकि इन हेलीकॉप्टरों के नौसेना में शामिल हो जाने के बाद हिंद महासागर में चीनी नौसेना के बढ़ते दखल पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। दरअसल चीन हिंद महासागर क्षेत्र में बड़ी तेजी से अपनी पैठ मजबूत करता जा रहा है और उसकी यही बढ़ती पैठ भारत के लिए खतरा बन रही है। चीन पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, मालदीव, श्रीलंका जैसे देशों को विकास के नाम पर आर्थिक मदद देकर कर्ज के जाल में फांस रहा है और भारत को घेरने के लिए पड़ोसी देशों में अपनी पकड़ निरन्तर मजबूत कर रहा है। यही नीति वह समुद्र में भी अपना रहा है। प्रशांत और दक्षिण एशियाई क्षेत्र में चीन का दखल और दबदबा जिस तरह से बढ़ रहा है, उससे भारत के साथ-साथ अमेरिका की चिंता भी बढ़ी है। माना जा रहा है कि रोमियो हेलीकॉप्टरों के भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होने के बाद सैन्य संतुलन स्थापित होगा।

एमएच-60 रोमियो सी-हॉक हेलीकॉप्टर की विशेषताओं पर नजर डालें तो इन हेलीकॉप्टरों को दुनिया के सबसे बेहतरीन अत्याधुनिक मैरीटाइम (समुद्री) हेलीकॉप्टर माना जाता है, जो अमेरिकी नौसेना में एंटी-सबमरीन और एंटी-सरफेस वेपन के रूप में तैनात हैं। समुद्र के भीतर दुश्मन की सबमरीन की खोज करने और उसे खत्म करने में इस हेलीकॉप्टर को महारत हासिल है। हिंद महासागर में चीन द्वारा अपनी उपस्थिति बढ़ाने के बीच ये हेलीकॉप्टर सतह (एंटी-सरफेस) और पनडुब्बी भेदी युद्धक अभियानों में भारतीय नौसेना की मारक क्षमता को बढ़ाएंगे। इस हेलीकॉप्टर का डिजाइन और इसकी क्षमता भी पूरी तरह से भारतीय सशस्त्र बलों के अनुरूप है। दुश्मन के जंगी जहाजों को ट्रैक कर उनके हमलों को रोकने के लिए परिष्कृत लड़ाकू प्रणालियों, सेंसर, मिसाइल और टॉरपीडो से लैस इन हेलीकॉप्टरों को युद्धपोतों का काल माना जाता रहा है। हेलीकॉप्टर में ऐसे रडार और सेंसर लगे हैं, जिनके जरिये गहरे समुद्र में भी दुश्मन की सबमरीन को आसानी से पकड़ा जा सकता है। सोनोबॉय लांचर तथा रेथॉन एडवांस्ड एयरबॉर्न लो फ्रीक्वेंसी डिप्पिंग सोनार टैक्नोलॉजी के जरिये यह समुद्र में कितनी भी गहराई में सबमरीन को पकड़ने में सक्षम है। यह हेलीकॉप्टर समुद्र के भीतर दुश्मन की सबमरीन को पलक झपकते ही भांप लेता है और उसके बाद उस पर खतरनाक तरीके से हमला कर उसका काम तमाम कर देता है।

रोमियो हेलीकॉप्टर समुद्र में तलाश एवं बचाव कार्यों में भी उपयोगी होने के साथ ही पनडुब्बियों और पोतों पर अचूक निशाना साधने में सक्षम हैं। रोमियो हेलीकॉप्टरों का नौसेना द्वारा अलग-अलग मिशनों में इस्तेमाल किया जा सकेगा। अमेरिकी नेवल एयर कमांड के अनुसार रोमियो हेलिकॉप्टर एंटी-सबमरीन के अलावा निगरानी, सूचना, मालवाहक, निजी वाहन, युद्धक खोज और बचाव, गनफायर तथा लॉजिस्टिक सपोर्ट में कारगर हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार रोमियो हेलीकॉप्टर आधुनिक समय में उपलब्ध सबसे सक्षम और आधुनिक नौसैन्य हेलीकॉप्टर हैं, जो फ्रिगेट, विध्वंसक पोतों, क्रूजर और विमान वाहक पोतों से संचालित किए जा सकते हैं। ये हेलीकॉप्टर दुश्मन देश की पनडुब्बियों को पल भर में ही तबाह कर देने में सक्षम हैं क्योंकि पनडुब्बियों पर इनका निशाना बिल्कुल अचूक होता है। इस समय अमेरिका के अलावा विश्वभर में आस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, इजरायल, सऊदी अरब, कतर, स्पेन, डेनमार्क, ट्यूनीशिया, मलेशिया, मैक्सिको सहित कई देशों की नौसेनाओं द्वारा ये हेलीकॉप्टर इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इस हेलीकॉप्टर को कई अलग-अलग तरह के हथियारों से लैस किया जा सकता है और हथियारों को लगाने के लिए इसमें चार प्वाइंट्स दिए गए हैं, जिसमें लॉकहीड मार्टिन की एजीएम-114 हेलफायर एंटी-सरफेस मिसाइल को लगाया जा सकता है। अपनी सुरक्षा के लिए इसमें 7.62 एमएम की मशीनगन को भी लगाया जा सकता है। इसके अलावा पनडुब्बियों को निशाना बनाने के लिए इससे पनडुब्बी रोधी एटीके एमके-50 अथवा एमके-46 एक्टिव/पैसिव टॉरपीडो को लांच किया जा सकता है। इन बेहद खतरनाक हथियारों के जरिये दुश्मन को पलक झपकते ही ध्वस्त किया जा सकता है।

दोहरी नियंत्रण प्रणाली से लैस रोमियो हेलीकॉप्टर रात के घने अंधेरे में भी उड़ान भरने में सक्षम है। इसके कॉकपिट में बैठे पायलट रात के घने अंधेरे में भी अपने लक्ष्य को बिल्कुल साफ-साफ देख सकते हैं। इस हेलीकॉप्टर को उड़ाने के लिए दो पायलटों की जरूरत होती है और इसके भीतर 4-5 केबिन क्रू के अलावा पांच यात्री भी बैठ सकते हैं। रोमियो हेलीकॉप्टर के केबिन की लम्बाई 3.2 मीटर, चौड़ाई 1.8 मीटर तथा ऊंचाई 1.3 मीटर है। करीब साढ़े तीन घंटे तक सरफेस वारफेयर की क्षमता से लैस यह हेलीकॉप्टर अधिकतम 10682 किलोग्राम वजन के साथ उड़ सकता है। रोमियो की अधिकतम रफ्तार 270 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसकी लंबाई 19.76 मीटर, चौड़ाई 16.35 तथा ऊंचाई 5.1 मीटर है। इसकी ऊपर चढ़ने की दर 8.38 मीटर प्रति सैकेंड है तथा इसकी रेंज 834 किलोमीटर है। यह हेलीकॉप्टर एक बार में 834 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है और अधिकतम 12 हजार फुट की ऊंचाई पर उड़ सकता है। इस हेलीकॉप्टर की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यह पानी में सबमरीन को हवा से भी निशाना बनाने में सक्षम है। यह जमीन और समुद्र दोनों ही जगह मार कर सकता है। बहरहाल, हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के आक्रामक रवैये को देखते हुए भारतीय नौसेना को रोमियो जैसे अत्याधुनिक समुद्री हेलीकॉप्टरों की लंबे समय से सख्त जरूरत थी और इन हेलीकॉप्टरों की पूरी खेप के भारतीय नौसेना में शामिल होने के पश्चात् चीन के खिलाफ देश की सामरिक ताकत पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ जाएगी, जिससे चीन की चिंताएं भी जरूर बढ़ेंगी। भारतीय नौसेना इस समय पुराने हो चुके ब्रिटिश सी-किंग हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रही है और दुनिया के सबसे उन्नत रोमियो हेलीकॉप्टर नौसेना में इन्हीं ब्रिटिश हेलीकॉप्टरों की जगह लेंगे।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार तथा सामरिक मामलों के विश्लेषक हैं)

Topics: हेलीकॉप्टर रोमियोभारत की सैन्य ताकतएमएच-60आर हेलीकॉप्टर का विश्लेषणHelicopter RomeoMilitary Strength of IndiaAnalysis of MH-60R Helicopterभारतीय नौसेनाIndian Navyपाञ्चजन्य विशेषएमएच-60आर हेलीकॉप्टरMH-60R Helicopter
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

कैप्टन स्मित मछार

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर दुनिया कर रही सलाम, फिर भारत का लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम चुप क्यों ?

आज का श्लोक : नेतृत्व और टीम भावना का सूत्र, श्लोक में छिपी है सफलता की 3 मुख्य शर्तें

Smartphone Shastra and Gen Z Indian Youth Analysis Swami Vishalanand Panchjanya

स्मार्टफोन, शास्त्र और संवाद: दिशाहीन विरोध प्रदर्शनों के बीच क्या सोच रहा आज का भारतीय युवा? पढ़ें विशेष विश्लेषण

हनुमान अंश : जड़ों की ओर लौटता सिनेमा

अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

35 सवाल, 15 साल का डाटा और घुसपैठ का नेटवर्क: डेमोग्राफी चेंज पर गृह मंत्रालय की जांच से क्यों मची हलचल?

हरिपुर कालसी में हरिघाट के लोकार्पण अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ स्वामी चिदानंद सरस्वती और महामंडलेश्वर अरुण गिरि जी महाराज

हरिपुर : विरासत का पुनरुत्थान

Load More

ताज़ा समाचार

कैप्टन स्मित मछार

बड़ा खुलासा: फ्लाईदुबई को-पायलट ने कैप्टन पर क्रैश एक्स से हमला कर विमान गिराने की कोशिश की

RSS Akhil Bharatiya Sampark Pramukh Ramlal Speech Aligarh Keshav Seva Dham Northeast Children Panchjanya

“संघ ने पूर्वोत्तर को मुख्यधारा से जोड़ने में निभाई प्रमुख भूमिका”: रामलाल जी

मैड संधू (फाइल फोटो)

कमल कौर भाभी के बाद पंजाब में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर मैड संधू की हत्या

विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना (बाएं) और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान।

पंजाब में सच बोलने की सजा: विधायक माइसरखाना आम आदमी पार्टी से सस्पेंड, सरकार की शिक्षा संबंधी अव्यवस्था पर उठाए थे सवाल

RSS Blood Donation Camp Haridwar Poster Release Yatindra Nagyan Gyanesh Thakral Panchjanya

डेंगू के प्रकोप के बीच हरिद्वार में RSS का बड़ा कदम: 4 अक्टूबर को विशाल रक्तदान शिविर, युवाओं से महादान की अपील!

RSS Centenary Year Gorakhpur Prant Pracharak Ramesh Speech Panchjanya

RSS Centenary Year: संघ की शताब्दी यात्रा सेवा और संस्कार का आधार, गोरखपुर में बोले प्रान्त प्रचारक रमेश

Rashtriya Seva Bharti Swavalamban Camp Varanasi Parag Abhyankar Exhibition Panchjanya

“पेट भरने के साथ व्यक्ति को स्वावलंबी बनाना उद्देश्य”: वाराणसी में राष्ट्रीय सेवा भारती वर्ग में बोले पराग अभ्यंकर

विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना (बाएं) और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान।

पंजाब में शिक्षा क्रान्ति की सचाई: फूट फूट कर रोए आप विधायक, बोले – स्कूलों में अध्यापकों की कमी, सुनवाई नहीं हो रही

काशी में पाकिस्तानेश्वर महादेव का नाम सिंधु गंगेश्वर करने को लेकर सिंधी समाज ने सौंपा ज्ञापन।

काशी में पाकिस्तानेश्वर महादेव का नाम सिंधु गंगेश्वर महादेव करने की मांग, जानिये पाकिस्तान से काशी कैसे पहुंचा शिवलिंग

प्रतीकात्मक चित्र

एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies