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रोजगार के लिए गुजरात

गुजरात सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) सेक्टर में राज्य में 10 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए एक नई इलेक्ट्रॉनिक्स नीति शुरू की थी। ‘गुजरात इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2022-2028’ को निवेशकों को कई सब्सिडी और प्रोत्साहन की पेशकश करके गुजरात को ईएसडीएम का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दृष्टि से डिजाइन किया गया है।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Jan 9, 2024, 01:04 pm IST
in भारत, विश्लेषण, गुजरात

देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों के मुकाबले गुजरात में बेरोजगारी दर सबसे कम है। राज्य में दो करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक हैं। बीते 5 वर्ष में 17.31 लाख लोगों को नौकरी तथा दो लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। वाइब्रेंट गुजरात समिट से पहले 4,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश वाले 7 समझौता ज्ञापनों से 25 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे

प्रथम दृष्टि में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट निवेश को बढ़ावा देने, व्यापार के अवसरों को बढ़ावा देने और विभिन्न क्षेत्रों में राज्य की क्षमता को प्रदर्शित करने का एक मंच है। लेकिन यह शिखर सम्मेलन निवेश आकर्षित करके और व्यापार विस्तार को सुविधाजनक बनाकर राज्य में और देश में किस तरह रोजगार सृजन करता है, वह भी विलक्षण है।

निवेश आकर्षण अपने आपमें उद्योगों की स्थापना या विस्तार का कारण बनता है, जिससे विनिर्माण, सेवाओं, बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी इत्यादि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। लेकिन इससे अधिक महत्वपूर्ण वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट नवाचार और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने पर उतना ही केंद्रित होता है, जितना वित्तीय निवेश पर। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का एक लक्ष्य छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों (एसएमई) और स्टार्टअप को भी समर्थन देना है।

वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के माध्यम से आकर्षित निवेश ही नहीं, इसका आयोजन भी बुनियादी ढांचे के सतत विकास की एक परियोजना से कम नहीं है। सड़क, बंदरगाह, ऊर्जा और शहरी विकास जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं तो गुजरात प्रदर्शित ही करता है, इनमें होने वाले निवेश से निर्माण और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी पैदा करता है। इसी प्रकार इस शिखर सम्मेलन का एक लक्ष्य निवेश प्रोत्साहन के साथ-साथ उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रम भी है।

उद्योग जगत की आवश्यकताओं से मेल खाने के लिए कार्यबल को प्रशिक्षण देने और उसका कौशल संवर्धन करने से रोजगार और रोजगार सृजन की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। वास्तव में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट राज्य में वृद्धि, विकास, आय और रोजगार में वृद्धि का प्राथमिक बिंदु है। गुजरात घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों कंपनियों से निवेश आकर्षित करने में सफल रहा है, जिसके परिणामस्वरूप इन उद्योगों का विकास हुआ है और परिणामस्वरूप नई नौकरियों का सृजन हुआ है।

कहा जाता है कि शीर्ष पर गुंजाइश हमेशा होती है, और गुजरात में, अन्य सभी स्तरों के अलावा, शीर्ष हमेशा उपलब्ध रहता है। वास्तव में गुजरात में रोजगार का बाजार काफी गतिशील है और यह विविध कौशल और पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों के लिए अवसर उपलब्ध कराता है।

पिछले पांच वर्षों में, 2022 की आखिरी तिमाही तक, गुजरात में रोजगार कार्यालयों ने 17.31 लाख लोगों को नौकरियां प्रदान की थीं। गुजरात सरकार ने 2018-19 से अब तक दो लाख युवाओं को अप्रेंटिसशिप प्रदान की है। गुजरात में दो करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक हैं और ऐसे 19.5 लाख श्रमिकों को असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय डेटाबेस ई-श्रम पोर्टल पर नामांकित किया गया है।

देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों के मुकाबले गुजरात में बेरोजगारी दर सबसे कम है। राज्य रोजगार कार्यालय के माध्यम से वर्ष 2021 के दौरान कुल पंजीकरण में प्लेसमेंट का प्रतिशत 84.5 प्रतिशत रहा, जो 2004 में केवल 33 प्रतिशत था। गुजरात की निवेश-अनुकूल नीतियां राज्य में रोजगार सृजन का इंजन हैं, और जो इनके अग्रगामी और पृष्ठगामी संबंध हैं, उनके कारण गुजरात की नीतियों के बूते गुजरात के बाहर भी रोजगार पैदा होता है।
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2024 के एक हिस्से के रूप में 12 सितंबर, 2023 को कपड़ा क्षेत्र, रसायन क्षेत्र और एक औद्योगिक पार्क के लिए कुल 7 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनमें 4,067 करोड़ रुपये का संभावित निवेश निहित है। यह राज्य में औद्योगिक निवेश के लिए एमओयू का छठा चरण था। इस निवेश से 25 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे पहले 8 अगस्त को एक ही दिन में 1,113 करोड़ रुपये के चार और एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए थे। जहां तक गुजरात में नौकरी बाजार के औद्योगिक क्षेत्र का सवाल है, राज्य विभिन्न उद्योगों में नौकरी के विविध अवसर प्रदान करता है। राज्य के प्रमुख उद्योगों में कपड़ा, इंजीनियरिंग, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, सिरेमिक और खाद्य प्रसंस्करण शामिल हैं।

आईटी और आईटी-सक्षम सेवाओं, बैंकिंग और वित्त, बीमा और स्वास्थ्य सेवा सहित सेवा क्षेत्र में भी अवसर हैं। राज्य में कई आईटी पार्क और विशेष आर्थिक क्षेत्र हैं, जिन्होंने आईटी क्षेत्र में नौकरियां पैदा करने में मदद की है। राज्य में उद्यमिता और स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए सरकार की कई पहलों के समर्थन से हाल के वर्षों में गुजरात में स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र भी आगे बढ़ा है। इसके परिणामस्वरूप विशेषकर प्रौद्योगिकी और नवाचार क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रुशिकेश पटेल के अनुसार, राज्य में वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन आयोजित होने के बाद से पिछले 20 वर्षों में प्रत्यक्ष (औद्योगिक) रोजगार सृजन में तीन गुना वृद्धि हुई है। 2003 में 7 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां थीं, तो 2023 में गुजरात में कुल 21 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। अप्रत्यक्ष नौकरियां भी उतनी ही संख्या में हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, कोविड महामारी के दौरान अप्रवासियों को ले जाने वाली ट्रेनों को ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भेजा गया था।

गुजरात को विशेष व्यवस्था जरूर करनी पड़ी, लेकिन किसी अन्य राज्य ने गुजरात के लिए ट्रेन या वाहन नहीं भेजा। इससे पता चलता है कि गुजरात कैसे दूसरे राज्यों के लोगों के लिए नौकरियां पैदा करता है। 2 मई से 31 मई, 2020 के बीच गुजरात ने 1,017 श्रमिक ट्रेनें चलवाई थीं। इन ट्रेनों से 15 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को देश के अन्य हिस्सों में पहुंचाया गया था। यह आंकड़ा अपने आपमें काफी कुछ कह देता है।

वैश्विक स्तर पर जिले और उसके उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार प्रत्येक जिले में प्री-वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन आयोजित करती है। 25 वाइब्रेंट जिलों में अब तक 2,590 एमओयू के जरिए 25,000 करोड़ रुपये के निवेश का वादा किया जा चुका है। इस निवेश से 65,000 नई नौकरियां पैदा होंगी।

गुजरात ने अगले 5 वर्ष में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 2 लाख से अधिक रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। विश्व की प्रमुख सेमीकंडक्टर निर्माता कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजीज गुजरात में निवेश करेगी

एक नए क्षेत्र में गुजरात तेजी से उभर रहा है- सेमीकंडक्टर। गुजरात का लक्ष्य 5 वर्ष में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 2 लाख से अधिक नौकरियां पैदा करना है। राज्य खुद को इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण (ईएसडीएम) और सेमीकंडक्टर उत्पादन के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा है। उस दिशा में राज्य सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (2022-28) और सेमीकंडक्टर विनिर्माण (2022-27) के लिए अलग-अलग नीतियां प्रस्तुत की हैं। ऐसा करने वाला गुजरात भारत का पहला राज्य है। यह भारत सेमीकंडक्टर मिशन के पूरी तरह से अनुरूप भी है। गुजरात सेमीकंडक्टर नीति का लक्ष्य अगले पांच वर्ष में 2,00,000 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है। माइक्रोन टेक्नोलॉजीज गुजरात के रास्ते भारत में प्रवेश कर रही है।

पिछले साल, गुजरात सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) सेक्टर में राज्य में 10 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए एक नई इलेक्ट्रॉनिक्स नीति शुरू की थी। ‘गुजरात इलेक्ट्रॉनिक्स नीति 2022-2028’ को निवेशकों को कई सब्सिडी और प्रोत्साहन की पेशकश करके गुजरात को ईएसडीएम का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दृष्टि से डिजाइन किया गया है। इसके साथ ही, आने वाले वर्षों में 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 15 लाख के लिए रोजगार सृजन के लिए गुजरात सरकार की ‘उद्योगों की सहायता के लिए आत्मनिर्भर गुजरात योजना’ 2022 में शुरू की गई है।

इन खबरों को भी पढ़ें : –

प्रगति का पहिया

एक आदर्श मॉडल

निवेशक अनुकूल नीतियां

 

Topics: सेमीकंडक्टरवाइब्रेंट गुजरातइंजीनियरिंगरसायनफार्मास्यूटिकल्ससिरेमिकइलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन
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