1947 : रियासतों का एकीकरण : पटेल न होते, तो यह नक्शा न होता
August 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

1947 : रियासतों का एकीकरण : पटेल न होते, तो यह नक्शा न होता

हैदराबाद और जूनागढ़ रियासतों ने विलय से पूर्व जिस प्रकार का बर्ताव किया था, उसे पटेल जैसे लौह पुरुष ही संभाल सकते थे।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Aug 12, 2023, 09:59 pm IST
in भारत, जम्‍मू एवं कश्‍मीर
केवडिया में सरदार पटेल की गगनचुंबी प्रतिमा

केवडिया में सरदार पटेल की गगनचुंबी प्रतिमा

देश में 562 ऐसी रियासतें छोड़ दी गईं, जिन्होंने अंग्रेज सरकार से नागरिक सेवाएं प्रदान करने तथा कर वसूलने का ‘ठेका’ जैसा लिया हुआ था। भारत के स्वतंत्रता अधिनियम-1947 में रियासतों को यह विकल्प दिया गया कि वे भारत अथवा पाकिस्तान में शामिल हो सकती हैं अथवा स्वतंत्र संप्रभु राज्य बनकर रह सकती हैं।

भारत छोड़ते हुए अंग्रेजों ने स्वतंत्र भारत के लिए अधिकतम संभव समस्याएं पैदा करने की कोशिश की। देश में 562 ऐसी रियासतें छोड़ दी गईं, जिन्होंने अंग्रेज सरकार से नागरिक सेवाएं प्रदान करने तथा कर वसूलने का ‘ठेका’ जैसा लिया हुआ था। भारत के स्वतंत्रता अधिनियम-1947 में रियासतों को यह विकल्प दिया गया कि वे भारत अथवा पाकिस्तान में शामिल हो सकती हैं अथवा स्वतंत्र संप्रभु राज्य बनकर रह सकती हैं। उस वक्त 500 से अधिक रियासतें भारत के लगभग 48 प्रतिशत भूभाग और 28 प्रतिशत जनसंख्या अपने में समेटे थीं।

भारत के पहले उपप्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल को वीपी मेनन के सहयोग से रियासतों के एकीकरण की महत जिम्मेदारी सौंपी गई। पटेल ने सबसे पहले उस वक्त के राजाओं का आह्वान किया कि वे भारत को अखंड और अक्षुण्ण बनाने के लिए गणराज्य में शामिल हों। कई रियासतों ने भारत में सम्मिलित होने को सहर्ष स्वीकृति दी, तो कुछ स्वतंत्र रहना चाहती थीं, जबकि कुछ पाकिस्तान में मिलने का मन बना रही थीं। जैसे दक्षिण तट पर त्रावणकोर। ये उन शुरूआती रियासतों में से एक थी जिसने भारत में विलय से इनकार किया था। लेकिन केरल समाजवादी पार्टी के एक कार्यकर्ता ने जब रियासत के दीवान सीपी अय्यर की हत्या का असफल प्रयास किया, तब उन्होंने भारत में शामिल होने का मन बना लिया और 30 जुलाई, 1947 को त्रावणकोर ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए।

कश्मीर के तत्कालीन राजा हरिसिंह के साथ सरदार पटेल

सरदार पटेल का मानना था कि अगर जूनागढ़ को पाकिस्तान में जाने की इजाजत दी गई तो वहां की 80 प्रतिशत बहुसंख्यक हिंदू आबादी उस फैसले को स्वीकार नहीं करेगी। तब भारत सरकार ने ‘जनमत संग्रह’ के रास्ते विलय के प्रश्न के हल का प्रस्ताव रखा।

इसी प्रकार हैदराबाद और जूनागढ़ रियासतों ने विलय से पूर्व जिस प्रकार का बर्ताव किया था, उसे पटेल जैसे लौह पुरुष ही संभाल सकते थे। इन दोनों रियासतों के विलय में पटेल ने अपनी दूरदर्शिता और भारत के प्रति असंदिग्ध निष्ठा का असाधारण परिचय दिया था। जूनागढ़ रियासत गुजरात के दक्षिण-पश्चिम में स्थित थी। वह 15 अगस्त, 1947 तक भारत का हिस्सा नहीं बनी थी। वहां की अधिकांश जनसंख्या हिंदू थी, लेकिन मुस्लिम शासक नवाब मुहम्मद महाबत खानजी ने पाकिस्तान में शामिल होने का फैसला किया। उधर जूनागढ़ रियासत के अधीन दो राज्यों, मंगरोल और बाबरियावाड ने जूनागढ़ से आजाद होकर भारत में शामिल होने की घोषणा कर दी थी।

सरदार पटेल का मानना था कि अगर जूनागढ़ को पाकिस्तान में जाने की इजाजत दी गई तो वहां की 80 प्रतिशत बहुसंख्यक हिंदू आबादी उस फैसले को स्वीकार नहीं करेगी। तब भारत सरकार ने ‘जनमत संग्रह’ के रास्ते विलय के प्रश्न के हल का प्रस्ताव रखा। इधर भारत की सेनाएं मंगरोल तथा बाबरियावाड की सुरक्षा में तैनात हो चुकी थीं। अंतत: सरदार के प्रयासों से फरवरी 1948 में रियासत के लोगों ने सर्वसम्मति से भारत में शामिल होने की हामी भरी। इसी प्रकार कश्मीर रियासत के राजा हरिसिंह ने काफी जद्दोजहद, और पाकिस्तान के आक्रमण के बाद, 26 अक्तूबर,1947 को भारत के साथ ‘विलय पत्र’ पर हस्ताक्षर किए थे।

Topics: referendumthis map would not have happenedजनमत संग्रहस्वतंत्र भारतसरदार वल्लभभाई पटेलराजा हरिसिंहमुस्लिम शासक नवाब मुहम्मद महाबत खानजीIndependent IndiaSardar Vallabhbhai PatelRaja Harisinghसमाजवादी पार्टीMuslim Ruler Nawab Muhammad Mahabat KhanjiSamajwadi PartyHad Patel not been there
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Ex DGP Brij Lal Target Pappu Yadav Rahul Gandhi Sanatan Insult Panchjanya

राम विरोधियों ने किया सनातन का अपमान : राहुल गांधी और सपा पर Ex DGP बृजलाल का बड़ा हमला, पप्पू यादव की भी खोली कुंडली

प्रयागराज में सीजेपी आंदोलन की आड़ में अराजकता फैलाने वाले उपद्रवियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

प्रयागराज में आंदोलन की आड़ में उपद्रव करने वाले 10 गिरफ्तार, डिप्टी सीएम केशव बोले- बवाल करने वाले सपा के गुंडे

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

डॉ. श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती : स्वतंत्र भारत के औद्योगिक पुनर्जागरण के शिल्पी

CM Yogi

हाथरस में गरजे योगी आदित्यनाथ, बोले- अयोध्या को रामभक्तों ने संवारा, सपा को अपना इतिहास देखना चाहिए

मुख्तार अब्बास नकवी

राजनीतिक रण में रुदाली रंगरूटों की रंगशाला बनाती जा रही है राहुल एंड कंपनी: मुख्तार अब्बास नकवी

Rajkumar Bhati FIR Brahmin Remark Controversy

हिंदू धर्म विरोधी सपा प्रवक्ता बनकर उभरे राजकुमार भाटी, FIR दर्ज, जानें इनकी विवादित टिप्पणियों की पूरी कुंडली

Load More

ताज़ा समाचार

बड़ी संख्या में श्रद्धालु कर रहे हैं चारधाम यात्रा।

विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बन रहा उत्तराखंड, चारधाम समेत अन्य मंदिरों में रिकॉर्ड श्रद्धालु, PM मोदी का जताया आभार

कटक में जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपटि, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी , स्वामी मुकुंदानंद।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कटक में जगद्गुरु कृपालु विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया, युवाओं को सशक्त बनाने पर दिया जोर

राष्ट्रमंडल खेल में भारतीय महिला खिलाड़ियों का स्वर्णिम सफर

राष्ट्रमंडल खेल 2026: भारत के 13 में से आठ स्वर्ण महिलाओं के नाम, ‘नारी शक्ति’ बनी भारतीय अभियान की ताकत

मुख्तार गैंग के शार्प शूटर अंगद राय पर शिकंजा, 9.50 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

मुख्तार गैंग के शार्प शूटर अंगद राय पर शिकंजा, 9.50 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क

Uttarakhand kanwar yatra

कांवड़ियों का सैलाब बढ़ने से पहले पुलिस ने कसी कमर, कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से शहर-देहात की परखी निगरानी

देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र में धर्मांतरण विरोधी कानून लागू, जबरन कन्वर्जन कराने पर 10 साल तक की सजा

भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी ऊषा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की मौजूदगी में राष्ट्रमंडल ध्वज भारत को सौंपा गया।

राष्ट्रमंडल खेल का भव्य समापन, 2030 की मेजबानी भारत को सौंपी गई

मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ

यूपी में अवैध खनन पर यूपी सरकार का डिजिटल प्रहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जिनके जेब से राममंदिर निर्माण के लिए एक पैसा नहीं निकला, वे कर रहे चंदा चोरी की बात : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आरोपी सलमान

सलमान ने हिंदू किशोरी को शिकार बनाने के लिए हाथ पर ओम गुदवाकर पहना महाकाल का कड़ा

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies