उत्तराखंड : पकड़ा गया बाघों का शिकार करने वाला "कव्वा"
July 26, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत उत्तराखंड

उत्तराखंड : पकड़ा गया बाघों का शिकार करने वाला “कव्वा”

'कव्वा' का असली नाम अर्जुन सिंह है, जोकि देहरादून का रहने वाला है, वो पिछले दस सालों से वन्यजीव जंतुओं का शिकार कर रहा है

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो
Jul 25, 2023, 01:11 pm IST
in उत्तराखंड

देहरादून : उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में बाघों के शिकारी “कव्वा” को एसटीएफ ने धर दबोचा है। “कव्वा ” दरअसल उपनाम है, इसका असली नाम अर्जुन सिंह है जोकि मूलतः देहरादून का रहने वाला है। पिछले दस सालों से वो वन्यजीवों का शिकार कर रहा है।

जानकारी के मुताबिक कव्वा दस साल पहले कबाड़ी का काम करता था और राजा जी टाइगर रिजर्व से वो पैंगोलिन पकड़ कर उसे वन्यजीव तस्करों को बेचा करता था। धीरे-धीरे उसका हौसला बढ़ा और वो अब बाघों का शिकार करने लगा है।

एसटीएफ उत्तराखंड ने चार दिन पहले धारचूला से एक गैंग को गिरफ्तार किया था जिसके पास से ग्यारह  फुट लंबे बाघ की खाल और हड्डियां बरामद की गईं थीं, तब ये संभावना व्यक्त की गई थी कि बाघ की हत्या पहाड़ में इसलिए नहीं हो सकती क्योंकि बाघ की हिमालय रेंज में मौजूदगी नहीं के बराबर है, वही हुआ भी एसटीएफ ने बाघ के शिकारी “कव्वा” को काशीपुर के पास पकड़ लिया।

पूछताछ में कव्वा ने बताया कि उसने बाघ का शिकार यूपी के बिजनौर जिले में बड़ापुर रेंज में किया था। उसके द्वारा पहले भी तीन बाघों को मारे जाने की घटना को स्वीकार किया गया। दरअसल, बिजनौर का ये जंगल, उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व का बफर जोन कहलाता है, बाघों के शिकारी यहीं से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के भीतर तक चले जाते हैं, ये भी देखने में आया है कि बारिश शुरू होते ही बाघों के शिकारी सक्रिय होते हैं, क्योंकि उस समय पार्क में पर्यटकों के आने-जाने से वन कर्मी भी सक्रिय रहते हैं।

ऐसी भी जानकारी मिली है कि उत्तराखंड के टाइगर रिजर्व और टाइगर लैंड स्केप में भी कव्वा और अन्य शिकारी  सक्रिय रहे हैं, किंतु वन विभाग इस खबर को दबाए हुए है, कालागढ़ में जिस बाघिन के शरीर पर फंदा फंसा मिला, वो कॉर्बेट के कालागढ़ के एरिया में था। इस मामले की जांच कहां तक पहुंची है ? कोई बोलने को तैयार नहीं।

कैसे करते हैं बाघों का शिकार ?
बाघों के शिकारी और उनके इनफॉर्मर गांव-गांव में सक्रिय रहते हैं, बाघ ने किसी गरीब ग्रामीण की बछिया या पशु को मारा तो उसकी खबर इनफॉर्मर द्वारा शिकारी को दी जाती है बदले में उसे पांच हजार रुपये तक मेहनताना मिलता है, गरीब ग्रामीण को शिकारी द्वारा तत्काल नए पशु खरीदने के लिए पंद्रह से बीस हजार की रकम दी जाती है। शिकारी द्वारा पशु पर जहर का लेप लगा दिया जाता है क्योंकि टाइगर कभी भी एक साथ इतना भोजन नहीं करता वो शिकार करने के बाद पेट भर कर चला जाता है और फिर अपने शिकार के पास लौटता है। ऐसे में वो जहर लगा मांस भोजन खा लेता है और कुछ ही दूरी पर अपना दम तोड़ देता है।

बाघों के शिकार करने का ये तरीका  वन्य जीव तस्कर संसार चंद गिरोह के सदस्य अपनाते थे। जिसे अर्जुन उर्फ कव्वा ने भी अपनाया। ऐसा इसलिए भी प्रतीत हुआ क्योंकि बाघ के शरीर पर कोई गोली के निशान नहीं थे, कुछ पोचर बाघों को फंसाने के लिए जंगल में लोहे के फंदे भी लगाते हैं ये काम बावरिया गिरोह करता है।

Topics: कव्वाएसटीएफ उत्तराखंडकौन है कव्वाउत्तराखंड समाचारकाशीपुर समाचार एसटीएफपैंगोलिन तस्करबाघ तस्कर
Share13TweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Stress Management Camp Uttarakhand Traffic Police Shantikunj Haridwar Dr Chinmay Pandya Dev Sanskriti Vishwavidyalaya

शांतिकुंज में पुलिसकर्मियों को मिला तनाव मुक्ति का मंत्र: डॉ. चिन्मय पण्ड्या बोले- मानसिक शांति ही स्वस्थ समाज का आधार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

देहरादून साइंस सिटी बनेगी विज्ञान और नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र : सीएम धामी 

कांवड़ यात्रा में शामिल शिव भक्त। (फाइल फोटो)

उत्तराखंड: कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्य सचिव ने की मैराथन बैठक, शिवभक्तों के लिए सुरक्षा की समीक्षा

uttarakhand rishikesh gumanivala namaz dispute police intervention

ऋषिकेश में बाहरी मुस्लिम पढ़ रहे नमाज, घर के अंदर होता है जमावड़ा, पहचान पत्र से खुला राज!

देहरादून: BJP नेता विनोद कश्यप मर्डर केस का मुख्य आरोपी अमन 2 साथियों संग हरियाणा से गिरफ्तार, अब तक 9 पहुंचे जेल

nainital naina devi temple suspicious-youth-wearing islamic cap detained by police

नैनीताल: मां नयना देवी मंदिर में ‘मजहबी टोपी’ पहनकर घुसा मुस्लिम; पूछताछ करने पर बना गूंगा, पुलिस को दी ये सफाई

Load More

ताज़ा समाचार

आस्थावान समाज की सहभागिता से हो मंदिरों का प्रबंधन

स्वामी अवधेशानन्द गिरि जी महाराज

कांवड़ियों से पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज की खास अपील, यात्रा में जरूर रखें इन बातों का ध्यान

तमन्ना ने अपनाया सनातन धर्म

Ghar Wapsi: तमन्ना ने इस्लाम छोड़ अपनाया सनातन धर्म, हुआ वैदिक रीति से घर वापसी संस्कार

आरोपी गिरफ्तार

25 लाख की साइबर ठगी का मास्टरमाइंड बांग्लादेश से गिरफ्तार, फर्जी खातों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब

27 जुलाई का पंचांग

27 जुलाई पंचांग: जानें कल की तिथि, नक्षत्र, शुभ योग, ग्रह स्थिति और लग्नारंभ समय

प्रतीकात्मक तस्वीर

CM धामी ने कारगिल विजय दिवस पर शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर बलिदानियों को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

प्रतीकात्मक तस्वीर

पंजाब में बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, 1.3 किलो IED के साथ बब्बर खालसा आतंकी गिरफ्तार

दिल्ली की पहली BJP महिला मेयर शकुंतला आर्या का निधन, 98 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Sarnath Unesco heritage site

सारनाथ: बुद्ध का पहला उपदेश स्थल बना यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज

पाकिस्तानी प्रोपागेंडा अकाउंट्स ने लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई का AI वीडियो किया वायरल: PIB फैक्ट चेक ने खोली पोल

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies