15,000 करोड़ का फर्जीवाड़ा
June 6, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत उत्तर प्रदेश

15,000 करोड़ का फर्जीवाड़ा

एक बड़ी फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। अपराधियों ने पहले 6.35 लाख लोगों के पैन कार्ड फर्जी तरीके से हासिल किए। उनके आधार पर दस्तावेज तैयार कर 2660 फर्जी कंपनियां बनार्इं और जीएसटी रिफंड लेकर सरकार को चूना लगाया

Written byदीपक उपाध्यायदीपक उपाध्याय
Jun 14, 2023, 03:12 pm IST
in उत्तर प्रदेश
नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार गिरोह के सदस्य

नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तार गिरोह के सदस्य

अपना पैन कार्ड नंबर डालकर साइट खोलने के बाद अमित को पता चला कि वह दो कंपनियों के मालिक हैं। इन कंपनियों का अच्छा-खासा टर्नओवर भी है और इनके नाम से जीएसटी भी भरा और पाया जा रहा है। यह देखने के बाद अमित के हाथ-पांव फूल गए, क्योंकि उन्हें ऐसी किसी कंपनी के बारे में जानकारी ही नहीं थी।

नोएडा सेक्टर-16 स्थित एक बड़े टीवी चैनल में काम करने वाले अमित सिंह (परिवर्तित नाम) को उस समय झटका लगा, जब वे अपना सालाना आयकर भरने के लिए आयकर विभाग की वेबसाइट पर गए। अपना पैन कार्ड नंबर डालकर साइट खोलने के बाद अमित को पता चला कि वह दो कंपनियों के मालिक हैं। इन कंपनियों का अच्छा-खासा टर्नओवर भी है और इनके नाम से जीएसटी भी भरा और पाया जा रहा है। यह देखने के बाद अमित के हाथ-पांव फूल गए, क्योंकि उन्हें ऐसी किसी कंपनी के बारे में जानकारी ही नहीं थी। उन्होंने तत्काल अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट मित्र से संपर्क किया। इसके बाद अमित को पता चला कि उनके पैन कार्ड से किसी ने फर्जी कंपनी बनाई है। अमित ने तुरंत नोएडा सेक्टर-20 थाने में इस बाबत शिकायत की। मामला बड़ा होने के कारण नोएडा पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने इसकी जानकारी स्थानीय आयकर विभाग को भी दी। इसके बाद पुलिस और आयकर विभाग ने मिलकर इस मामले की जांच शुरू की।

हालांकि किसी व्यक्ति का पैन कार्ड चोरी कर कंपनी खोलने का यह पहला मामला नहीं था। इससे पहले भी कई बार फर्जी तरीके से पैन कार्ड का प्रयोग कर कंपनी खोली गई और जीएसटी की चोरी की गई। लेकिन इस मामले में पुलिस को एक ऐसे गैंग का पता चला जिससे पुलिस अधिकारी भौंचक्के रह गए। पुलिस के मुताबिक, जब अमित के नाम से बनी कंपनी और उससे जुड़े बैंक खातों की जांच की गई तो पता लगा कि जिस मोबाइल नंबर से बैंक खाता जुड़ा है, उससे बहुत सारी कंपनियां जुड़ी हुई हैं। बस यहीं से लगभग 2660 कंपनियों का पता चला, जो दूसरों के पैन कार्ड पर बनाई गई थीं। इन कंपनियों के जरिए इस गैंग ने सरकार को 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया है।

इस फर्जीवाड़े में अपराधियों की धरपकड़ के बाद नोएडा की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया, ‘‘शुरुआती जांच में केवल एक कंपनी का नाम सामने आया था। उसकी जांच-पड़ताल के दौरान हमें पता चला कि कंपनी ने जीएसटी रिटर्न लिया था। इस सूत्र पर काम करते हुए हम जीएसटी विभाग पहुंचे। हमने अमित के पैन कार्ड का डेटा निकाला, जो अमित नहीं, बल्कि किसी और के नंबर पर पंजीकृत था। उस मोबाइल नंबर की जांच-पड़ताल करने पर पता चला कि उस नंबर पर पश्चिम बंगाल, दिल्ली, गाजियाबाद, चंड़ीगढ़ के पते पर बहुत सारी कंपनियां पंजीकृत हैं। इसके बाद हमारी टीमें इन शहरों में कंपनी के पते पर आगे की जांच के लिए गईं, लेकिन वहां कोई भी कंपनी चलती हुई नहीं मिली।

एक बड़े टीवी चैनल में काम करने वाले अमित सिंह (परिवर्तित नाम) को उस समय झटका लगा, जब वे अपना सालाना आयकर भरने के लिए आयकर विभाग की वेबसाइट पर गए। अपना पैन कार्ड नंबर डालकर साइट खोलने के बाद अमित को पता चला कि वह दो कंपनियों के मालिक हैं। इन कंपनियों का अच्छा-खासा टर्नओवर भी है और इनके नाम से जीएसटी भी भरा और पाया जा रहा है। यह देखने के बाद अमित के हाथ-पांव फूल गए, क्योंकि उन्हें ऐसी किसी कंपनी के बारे में जानकारी ही नहीं थी। 

छानबीन यहां आकर रुक गई तो हमने इस फोन नंबर के मालिक को ढूंढना शुरू किया। पुलिस टीमें मोबाइल नंबर का पता लगाते हुए यासीन शेख के पास पहुंचीं। इसके बाद उसके घर और कार्यालय पर छापा मारकर उसका लैपटॉप और मोबाइल जब्त किया। इससे जो डेटा मिला, वह बहुत चौंकाने वाला था। इससे पता चला कि देश के अलग-अलग शहरों में 50 से अधिक लोगों का गिरोह है, जिसने अभी तक 2660 फर्जी कंपनियां बनाई हैं। इन कंपनियों के जरिए वे जीएसटी रिफंड के लिए आवेदन कर रहे हैं।’’

इसके बाद इस करोड़ों रुपये के घोटाले की परतें खुलने लगीं। पुलिस जांच में दिल्ली में इस घोटाले से जुड़े 3 कार्यालयों का पता चला। इसके बाद लगातार छापेमारी कर पुलिस ने अभी तक एक महिला समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से बरामद लैपटॉप, मोबाइल और दस्तावेजों से 6.35 लाख लोगों के पैन कार्ड मिले हैं। भारत में कुल 61 करोड़ पैन कार्ड आज तक जारी हुए हैं, इनमें से लगभग 10 प्रतिशत पैन कार्ड इन लोगों के पास से मिले हैं।

अपराधियों के पास से बरामद कम्प्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन

पैन कार्ड से फर्जीवाड़ा

पैन कार्ड सभी तरह के वित्तीय लेन-देन का प्रमुख दस्तावेज होता है। क्रेडिट कार्ड बनवाने से लेकर बैंक खाता, कंपनी खोलने और ऋण लेने के लिए इसकी जरूरत पड़ती है। ऐसे में यदि आपका पैन कार्ड और मोबाइल नंबर गलत हाथों में चला गया तो आपके नाम से सभी तरह के वित्तीय लेन-देन किए जा सकते हैं। आपके पैन कार्ड का प्रयोग कालेधन को खपाने के लिए भी किया जा सकता है। 2000 रुपये के नोटों के चलन से बाहर होने के बाद जिन लोगों के पास काला धन है, वे दूसरों के पैन कार्ड पर सोना खरीद रहे हैं। एक सीमित सीमा के बाद सोना खरीदने के लिए पैन कार्ड की जरूरत होती है। इससे फर्जीवाड़ा करने वाले तो बच जाते हैं और आयकर विभाग की निगाह में वे लोग आ जाते हैं, जिनके पैन कार्ड पर सोना खरीदा जाता है। इसलिए समय-समय पर अपने पैन कार्ड की जांच करते रहें कि कहीं कोई और तो आपके पैन कार्ड का दुरुपयोग तो नहीं कर रहा है।

ऐसे करें सुरक्षा

किसी काम के लिए पैन कार्ड देते समय उसकी प्रति पर हस्ताक्षर के साथ यह जरूर लिखें कि किस उद्देश्य के लिए दे रहे हैं। बिना हस्ताक्षर इसकी प्रति बिल्कुल न दें। इसके अलावा, किसी वेबसाइट पर पैन कार्ड दर्ज करने से पहले उसका यूआरएल जांचें कि वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं। इसके लिए वेबसाइट का एसएसएल प्रमाणपत्र जांचें। जिन वेबसाइट्स पर भरोसा न हो, उन पर अपना पूरा नाम और जन्मतिथि लिखने से बचें। साथ ही, अपना क्रेडिट स्कोर भी जांचते रहें। इससे यदि कोई आपके नाम पर ऋण लेता है तो आपको उसका पता तुरंत लग सकता है। सबसे जरूरी है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखे तो तत्काल आयकर विभाग को सूचित करें। पैन कार्ड से फर्जीवाड़े की शिकायत के लिए एनएसडीएल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और कस्टमर केयर में जाकर ग्राहक सेवा केंद्र टैब पर क्लिक करें। इसमें आपको शिकायत का एक और टैब मिलेगा, जिसे क्लिक करके आप अपना व्यक्तिगत विवरण और अपनी परेशानी दर्ज करें। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई होती है।

यूं चलता था फर्जीवाड़ा

पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने दो टीमें बना रखी थीं। पहली टीम जस्ट डायल जैसी कंपनियों से लोगों का डेटा खरीदती थी। इसके बाद जिन लोगों को डेटा खरीदा गया, उनसे मिलते-जुलते नामों वालों की खोजबीन की जाती थी। फिर उनके दस्तावेजों के आधार पर पैन, आधार, मोबाइल के साथ रेंट एग्रीमेंट जैसे दस्तावेज तैयार करते थे। वहीं, इस गिरोह की दूसरी टीम, जिसमें चार्टड अकाउंटेंट और बैंक कर्मचारी शामिल होते थे, इन नकली कागजातों के आधार पर फर्जी कंपनियों का पंजीकरण करवाती थी। कंपनी बनने के बाद उसे यासीन शेख गिरोह को बेच दिया जाता था। एक-एक कंपनी को लाखों रुपये में बेचा जाता था। इसके बाद जीएसटी रिफंड लेने का काम शुरू होता था। इसके लिए नकली ‘इनवाइस’ बनाए जाते थे। इसमें भी चार्डर्ड अकाउंटेंट्स की मदद ली जाती थी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसा नहीं है कि पुलिस या आयकर अधिकारियों को ऐसे मामलों की जानकारी नहीं होती है। इसके बावजूद ऐसे मामलों की जांच में बहुत मुश्किलें आती हैं। हमारी टीमें लगातार दूसरे राज्यों में इस नेटवर्क का पता लगाने के लिए गईं, लेकिन स्थानीय पुलिस से सहयोग नहीं मिला। काफी मशक्कत के बाद हम इस पूरे घोटाले की जड़ तक पहुंच सके। दरअसल, इस पूरे घोटाले का भंडाफोड़ इसलिए भी हो सका, क्योंकि नोएडा में एक पुलिस अधिकारी एसीपी रजनीश वर्मा खुद तकनीकी तौर पर काफी जानकार हैं। उन्होंने इस केस में रुचि दिखाई, जिसका परिणाम सामने है। नहीं तो इस पूरे फर्जीवाड़े का पता लगाना बहुत मुश्किल होता।

जीएसटी का फर्जीवाड़ा यासीन शेख पर जाकर खत्म नहीं होता है। इस खेल में यासीन एक छोटा मोहरा है। मास्टरमाइंड कोई और है, जो एक बड़ी कंपनी चला रहा है। इसका पता लगाने के लिए नोएडा पुलिस ने केंद्र एवं राज्य के जीएसटी विभाग सहित जांच एजेंसियों को पत्र लिखा है, क्योंकि यह डेटा सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मनी लांड्रिंग से जुड़ा मामला भी है।

Topics: Computerफर्जीवाड़ाLaptopपैन कार्ड चोरीFake Companiesपुलिस और आयकर विभागData Securityजीएसटी रिफंड15कम्प्यूटर000 Crore Fraudफर्जी कंपनियांडेटा सुरक्षाfraudPAN Card Theftमनी लांड्रिंगPolice and Income Tax DepartmentMoney LaunderingGST Refundलैपटॉप
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

AAP नेता दीपक सिंगला को ED ने किया गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला

स्क्रीन बना रही बीमार

पंजाब : मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ED की 20 गाड़ियों ने दी दबिश, करोड़ों के GST फर्जीवाड़े में हुए गिरफ्तार

ED raid on Timothy Initiative for illegal foreign funding and tribal conversion in Chhattisgarh

भारत में अमेरिकी डॉलर से जनजाति कन्‍वर्जन : ED की कार्रवाई से बेनकाब ‘चर्च का छल’, 95 करोड़ के सिंडिकेट से चलता था खेल

ईडी ने कोलकाता के डीसीपी पर मारा छापा, कोयला तस्करी केस में कार्रवाई

प्रधानमंत्री बालेन शाह और नए बने मंत्री

Nepal: Action में Balen Govt., शिक्षा में ‘सुधार’ के साथ ही लटकी योजनाओं पर कड़ा निर्देश, विपक्षियों पर गाज गिरनी जारी

Load More

ताज़ा समाचार

rss path sanchalan sangh shiksha varg purvi singhbhum jharkhand

पूर्वी सिंहभूम: संघ के स्वयंसेवकों ने निकाला भव्य ‘पथ संचलन’, घोष की थाप पर दिखा अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का जज्बा

rss sangh shiksha varg jaipur babulal on family and environment

“भारत को युवा बनाए रखने के लिए हों, कम से कम 3 संतानें” : जयपुर में संघ शिक्षा वर्ग का समापन, समाज से की बड़ी अपील

Rashtra Sevika Samiti Rukmini Akka Tribute Bengaluru

‘इच्छाशक्ति, ज्ञानशक्ति और क्रियाशक्ति की स्वरूप थीं रुक्मिणी अक्का’ : पूर्व सह-कार्यवाहिका को बेंगलुरु में श्रद्धांजलि

पी. हरीश, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि

UN में भारत का पाकिस्तान को जवाब: जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा

छत्रपति शिवाजी महाराज

छत्रपति का ताज और स्वराज्य का स्वप्न: क्यों हर भारतीय का गौरव है शिवराज्याभिषेक?

ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी: दरबार साहिब परिसर में लहराए भिंडरावाला के पोस्टर, नारेबाजी; अमृतसर छावनी में तब्दील

असम: विद्यालय में गोमांस सेवन और हिंदू छात्रों पर दबाव के आरोपों की जांच शुरू, जानिये क्या है पूरा मामला?

BJP नेता जेपी नड्डा बोले- स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलाव, कांग्रेस इसको स्वीकार करने से बच रही

अब बुलेट ट्रेन परियोजना से भी जुड़ेगा पश्चिम बंगाल, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने CM शुभेंदु अधिकारी संग की बैठक

पूर्व टीएमसी विधायक शौकत मोल्ला

भांगड़ बम ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा! पूर्व विधायक शौकत मोल्ला ‘मुख्य साजिशकर्ता’ गिरफ्तार, NIA की जांच तेज

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies