आबादी 1 प्रतिशत, टैक्स चुकाते हैं 6 प्रतिशत; अमेरिकी भारतीय समुदाय का अनूठा योगदान

बाइडेन प्रशासन में आज 80 से अधिक भारतवंशी लोग महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं। सांसद रिच ने भी अपने भाषण में माना है कि भारतवंशियों की उत्पादकता कहीं अधिक है। यह ऐसा समुदाय है जो किसी के लिए कोई समस्या नहीं खड़ी करता है

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Panchjanya

अमेरिका के सांसद रिच मैक्कोर्मिक ने अमेरिका में बसे भारतीयों की खुलकर तारीफ करते हुए एक दिलचस्प जानकारी दी है। सांसद रिच ने बताया कि अमेरिका में कुल आबादी में भारतीयों की संख्या एक प्रतिशत है, लेकिन वे कुल टैक्स राशि का 6 प्रतिशत हिस्सा अदा करते हैं। इस तरह वे देश की प्र​गति में बहुत बड़ा योगदान कर रहे हैं। रिच के अनुसार, अमेरिका में बसा भारतीय समुदाय कानूनों का उचित तरीके से पालन करता है।

अमेरिकी सांसद रिच मैक्कोर्मिक ने उक्त बातें अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रखे अपने पहले ही वक्तव्य में कीं। सांसद के नाते सदन में उनका यह पहला भाषण था। इसी में उनके अनुसार, अमेरिकी भारतीय समुदाय नियम कायदों का पालन करने वाला समुदाय है और टैक्स ईमानदारी से चुकाता है। यही वजह है कि आबादी का सिर्फ एक प्रतिशत हिस्सा होते हुए भी यह समुदाय टैक्स का 6 प्रतिशत हिस्सा देता है।

अपने घर में पूजा करता अमेरिका में बसा एक भारतीय परिवार (फाइल चित्र)

विश्वभर में लगभग 1.80 करोड़ प्रवासी भारतीय बसे हैं। इन कुल भारतीय प्रवासियों में से 44 लाख भारतीय अमेरिका में बसे हुए हैं। भारतीय समुदाय का सबसे अधिक घनत्व कैलिफोर्निया, टेक्सास, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, इलिनोइ जैसे शहरों में देखने में आता है।

सांसद रिच मैक्कोर्मिक जॉर्जिया से सांसद बने हैं। सदन में अपने पहले भाषण में रिच का कहना था कि वे ऐसे सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहते हैं जो भारत से अमेरिका आकर बसे हैं। जॉर्जिया के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वहां लगभग एक लाख भारतीय लोग बसे हैं। इनमें से हर 5 अमेरिकी एक भारतीय डॉक्टर है। ये समुदाय निश्चित ही एक बहुत बड़ी भूमिका निभा रहा है। इस बात का अपना महत्व है। सांसद रिच का कहना था कि वे इस बात का पूरा प्रयास करेंगे कि भारतीय लोगों के लिए आप्रवासन प्रक्रिया आसान हो।

सांसद रिच की बात का अगर इस तथ्य के आलोक में देखें तो गर्व से सिर उठ जाता है कि अमेरिका के बाइडेन प्रशासन में आज 80 से अधिक भारतवंशी लोग महत्वपूर्ण दायित्व निभा रहे हैं। सांसद रिच ने भी अपने भाषण में माना है कि भारतवंशियों की उत्पादकता कहीं अधिक है। यह ऐसा समुदाय है जो किसी के लिए कोई समस्या नहीं खड़ी करता है। उनके अनुसार, अधिकांश भारतीय अपने परिवारों को बहुत महत्व देते हैं जो अच्छी बात है। यही वजह है कि वे अवसाद, तनाव और विषाद जैसे रोगों से बचे रहते हैं। जबकि दूसरी तरफ आम अमेरिकियों में इन चीजों से बहुत ज्यादा समस्याएं देखने में आती हैं।

तथ्यों की बात करें तो संयुक्त राष्ट्र प्रवासन रिपोर्ट बताती है कि विश्वभर में लगभग 1.80 करोड़ प्रवासी भारतीय बसे हैं। इन कुल भारतीय प्रवासियों में से 44 लाख भारतीय अमेरिका में बसे हुए हैं। भारतीय समुदाय का सबसे अधिक घनत्व कैलिफोर्निया, टेक्सास, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क, इलिनोइ जैसे शहरों में देखने में आता है।

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