गत माह पाकिस्तान के पेशावर में सबके सामने दिनदहाड़े एक हिन्दू लड़की को अगवा कर ले जाने वाले अपराधी को अदालत ने 'ठोस सबूत न मिलने' की दलील देते हुए जमानत पर छोड़ दिया है। कल यानी 14 जनवरी को उच्च न्यायालय ने उस घटना के आरोपी को जमानत दे दी जिस पर पेशावर छावनी क्षेत्र से एक हिन्दू लड़की को सबसे सामने अगवा कर ले जाने का आरोप लगा था।
अदालत के अनुसार, इस केस में 'ठोस सबूतों की कमी' थी, इसी को ध्यान में रखते हुए कथित आरोपी को जमानत दी गई है। पता चला है कि 20 साल के इस अपराधी का नाम है ओबेदुर रहमान। पता यह भी चला है कि इस जमानत से पहले निचली अदालत ने उसकी जमानत की अर्जी खारिज कर दी थी। हालांकि इसी अदालत ने आरोपी के सात साथियों को जमानत दे दी थी। इसी के बाद आरोपी ने पेशावर उच्च न्यायालय जमानत की अपील की थी, जहां द डॉन में प्रकाशित समचार के अनुसार, न्यायमूर्ति सैयद एम. अतीक ने 'ठोस सबूत की कमी' के कारण उसे जमानत दे दी।
पिछले महीने जब इलाके के भीड़भाड़ वाले बाजार में यह घटना हुई थी तो गुस्साए हिन्दुओं ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और अपराधी को तत्काल पकड़ने की मांग की थी। बताते हैं, मामला बढ़ता देखकर पुलिस ने चौबीस घंटे के अंदर ही हिंदू लड़की को अपराधी के चंगुल से मुक्त करा लिया था। पुलिस के सूत्रों के अनुसार, उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद आरोपी रहमान को जेल से छोड़ दिया जाएगा।
हालांकि पिछले महीने जब इलाके के भीड़भाड़ वाले बाजार में यह घटना हुई थी तो गुस्साए हिन्दुओं ने 20 दिसम्बर, 2021 को इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और अपराधी को तत्काल पकड़ने की मांग की थी। यह केस पाकिस्तान अपराध संहिता की धारा 365 बी के तहत दर्ज किया गया था जो किसी महिला को जबरन शादी के लिए अगवा करने पर लगाई जाती है। बताते हैं, मामला बढ़ता देखकर पुलिस ने चौबीस घंटे के अंदर ही हिंदू लड़की को अपराधी के चंगुल से मुक्त करा लिया था। पुलिस के सूत्रों के अनुसार, उच्च न्यायालय से जमानत मिलने के बाद आरोपी रहमान को जेल से छोड़ दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि गत दिसंबर माह में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। उसमें कुछ लोग एक औरत को उसके बालों से खींचकर एक कार की तरफ ले जा रहे थे। वह महिला मदद की गुहार लगा रही थी लेकिन किसी ने कोई मदद नहीं की थी। वह दिन का वक्त था और आसपास से लोग गुजरते दिख भी रहे थे।











