चीन की थानेदारी में पिस रहे हांगकांग में कल एक और मीडिया समूह ने अपने दरवाजों पर ताला लटकाने की घोषणा कर दी है। अभी हाल में ही वहां न्यूज स्टैंड नामक एक लोकतंत्र समर्थक पोर्टल के 6 वरिष्ठ पत्रकारों की गिरफ्तारी और उसके दफ्तर पर जबरन तालाबंदी की घटना के बाद से इस देश में निष्पक्ष पत्रकारिता का युग समाप्ति की ओर जाता दिख रहा है। दुनियाभर के मीडिया विशेषज्ञों और पत्रकारों ने हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों के साथ ही अब मीडिया पर चीन के दमन की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है।
उल्लेखनीय है कि लोकतंत्र समर्थक 'सिटिजन न्यूज' मीडिया समूह ने कल सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि वह अपनी सेवाएं बंद करने जा रहा है। इधर यह घोषणा हो रही थी तो शहर में दूसरी तरफ बीजिंग की जीहुजूरी करने वाले नवनिर्वाचित सांसदों का विधान परिषद में स्वागत हो रहा था। दिलचस्प बात है कि इनके चुनाव में किसी विरोधी पक्ष के उम्मीदवार को मैदान में उतरने ही नहीं दिया गया था।
समाचार पोर्टल ‘सिटिजन न्यूज’ का स्पष्ट कहना है कि हांगकांग में प्रेस की आजादी छिनती जा रही है, ऐसे में निष्पक्ष पत्रकारिता करना दूभर हो गया है। प्रशासन बेवजह के आरोप लगाकर पत्रकारों को गिरफ्तार कर रहा है। यही वजह है कि यह पोर्टल अपनी सेवाएं बंद कर रहा है। अभी ज्यादा दिन नहीं हुए हैं जब पुलिस ने लोकतंत्र का समर्थन करने वाली एक अन्य वेबसाइट न्यूज स्टैंड के दफ्तर पर छापा मारा और संपादक सहित कई पत्रकारों जबरन उठा ले गई। बाद में उन पर राजद्रोह का अपराध लगाया गया है।
हांगकांग में गत दो साल से मीडिया पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है। सिटिजन न्यूज के बयान में कहा गया है कि मीडिया के लिए बिगड़ते हालात की वजह से वे निडर होकर अपने रास्ते पर नहीं चल सकते। देश के सुप्रसिद्ध और वर्षों पुराने ‘एप्पल डेली’ के साथ भी चीन के इशारे पर दुर्व्यवहार किया गया था जिसके चलते उसे अपने दफ्तर पर ताला लटकाना पड़ा था।
‘सिटिजन न्यूज’ के अनुसार आज यानी 4 जनवरी से वह अपनी वेबसाइट बंद करने वाली है। उस पर कोई खबर नहीं डाली जाएगी। पोर्टल की तरफ से जारी बयान में आज की हांगकांग की स्थितियों की तुलना तूफान और सुनामी जैसी चुनौतियों से की गई है।
हांगकांग में गत दो साल से मीडिया पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है। सिटिजन न्यूज के बयान में कहा गया है कि मीडिया के लिए बिगड़ते हालात की वजह से वे निडर होकर अपने रास्ते पर नहीं चल सकते। देश के सुप्रसिद्ध और वर्षों पुराने ‘एप्पल डेली’ के साथ भी चीन के इशारे पर दुर्व्यवहार किया गया था जिसके चलते उसे अपने दफ्तर पर ताला लटकाना पड़ा था। दरअसल ‘सिटिजन न्यूज’ ऐसा तीरा पोर्टल है जिसने अपना काम बंद किया है। चीन के जबरन लादे गए सुरक्षा कानून के अंतर्गत लोकतंत्र के पक्षधर मीडिया समूहों तथा पत्रकारों पर निशाना साधा जा रहा है।











