ताजा समाचारों के अनुसार, तालिबान के लड़ाकों ने अपनी एक हरकत से पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। इस्लामी कट्टरपंथी लड़ाकों ने दोनों देशों के बीच 2400 किमी. लंबी सीमा रेखा डूरंड लाइन पर एक क्षेत्र में लगे कंटीले तार हटा दिए हैं। तालिबान की इस हरकत से बौखलाए पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोले दागे हैं।
यह घटना सोमवार 20 दिसम्बर की बताई जा रही है। तालिबान की इस शैतानी कार्रवाई के बाद, पाकिस्तानी सेना ने उसी रात कुनार प्रांत में गोले दागे थे। पता चला है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से सटी अपनी सीमा, जिसे डूरंड लाइन कहा जाता है, उस पर कांटेदार तारबंदी का काम करीब करीब पूरा कर लिया है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन की लंबाई करीब 2400 किलोमीटर है।
तालिबान लड़ाकों ने अफगानिस्तान की तरफ से नंगरहार प्रांत के गुश्ता जिले से गुजरती डूरंड लाइन पर लगी कांटेदार तारें तोड़ डाली हैं। अफगान मीडिया ने इस घटना की जानकारी दी है। अफगानिस्तान की वेबसाइट खामा प्रेस का कहना है कि पाकिस्तान की सेना ने सीमा बनाकर उसे चौड़ा किया था। उसके बाद उस पर कंटीले तार लगाए गए थे। तालिबान लड़ाकों द्वारा इसी बाड़ को तोड़ दिया गया है।
प्राप्त समाचारों के अनुसार, तालिबान लड़ाकों ने अफगानिस्तान की तरफ से नंगरहार प्रांत के गुश्ता जिले से गुजरती डूरंड लाइन पर लगी कांटेदार तारें तोड़ डाली हैं। अफगान मीडिया ने इस घटना की जानकारी दी है। अफगानिस्तान की वेबसाइट खामा प्रेस का कहना है कि पाकिस्तान की सेना ने सीमा बनाकर उसे चौड़ा किया था। उसके बाद उस पर कंटीले तार लगाए गए थे। तालिबान लड़ाकों द्वारा इसी बाड़ को तोड़ दिया गया है।
सेना के सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान में गुप्तचरी महानिदेशक कार्यालय के सूबे के अध्यक्ष डाक्टर बशीर की अगुआई में सीमांत जिले गुश्ता में कार्रवाई चल रही है। खामा प्रेस ने ही जानकारी दी है कि पाकिस्तान की सेना ने कंटीले तार तोड़े जाने की घटना की खबर मिलने पर 20 दिसम्बर की रात कुनार प्रांत में गोले दागे हैं।
सिंगापुर पोस्ट में एक खबर बताती है कि डूरंड लाइन की आड़ में पाकिस्तान की सेना तालिबान को ब्लैकमेल कर रही है। जबकि अफगानिस्तान में तालिबान की सरकार ने साफ किया है कि डूरंड लाइन के पास उसे पाकिस्तान की कोई शर्त स्वीकार नहीं है। यह वही डूरंड लाइन है जो अफगानिस्तान तथा पाकिस्तान के पारंपरिक पश्तूनों को बांटती है।











