आखिरकार यूक्रेन और रूस के बीच पिछले कई दिनों से जारी तनाव को कम करने की दिशा में नाटो ने एक पहल की है। उसने रूस से मिलकर काम करने के लिए नई शर्तों के साथ नया सुरक्षा प्रस्ताव पेश किया है। नाटो के महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग का कहना है कि इससे यूक्रेन को लेकर उपजे तनाव को कम करने में कुछ सहायता मिलेगी।
नाटो महासचिव स्टोल्टेनबर्ग ने 17 दिसम्बर को नया सुरक्षा प्रस्ताव पेश करते हुए रूस से मिलकर काम करने की शर्तें तय कीं। उन्होंने नाटो और रूस के बीच आपसी भरोसा बढ़ाते हुए मॉस्को के साथ काम करने का प्रस्ताव रखा।
स्टोल्टेनबर्ग के अनुसार, नाटो को रूस के प्रस्ताव के दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि रूस के साथ होने वाली किसी भी वार्ता में उस देश की कार्रवाई को लेकर नाटो की चिंताओं पर भी गौर किया जाना चाहिए।
स्टोल्टेनबर्ग के प्रस्ताव के संदर्भ में रूस ने भी सुरक्षा समझौते के खाके को लेकर बात करने की इच्छा व्यक्त की है। रूस की तरफ से भी एक खाका पेश किया गया है। इसमें सुरक्षा व्यवस्था की रूपेरखा तय की गई है। रूस की तरफ से इसमें अमेरिका तथा नाटो सहयोगियों से बातचीत जारी रखने की उम्मीद जताई है। मास्को का कहना है कि रूस के वरिष्ठ राजदूत निष्पक्ष देश के प्रस्ताव पर वार्ता के लिए जाने को राजी हैं।
स्टोल्टेनबर्ग के अनुसार, नाटो को रूस के प्रस्ताव के दस्तावेज प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि रूस के साथ होने वाली किसी भी वार्ता में उस देश की कार्रवाई को लेकर नाटो की चिंताओं पर भी गौर किया जाना चाहिए। यह स्थिति यूरोपीय सुरक्षा के प्रमुख विचार तथा दस्तावेज पर आधारित होगी। इस प्रस्ताव को यूक्रेन सहित यूरोप के तमाम सहयोगियों से चर्चा के बाद बनाया जाएगा।
नाटो महासचिव ने कहा है कि संगठन के सदस्य 30 देशों ने साफ कहा है कि रूस को तनाव कम करने के लिए जमीनी प्रयास करने चाहिए। विश्वास बहाली के कदमों को मजबूत करने के लिए सभी देश मिलकर काम करने को राजी हैं।











